प्रतापगढ़ लोकसभा क्षेत्र जिसे बेल्हा या बेला प्रतापगढ़ भी कहते हैं, उत्तर प्रदेश का एक नगर निगम है. यह प्रतापगढ़ जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है और इलाहबाद डिवीज़न का भाग है. प्रतापगढ़ राष्ट्रीय कवि ‘श्री हरिबंश राय बच्चन’ की जन्मभूमि है.

राजा प्रताप बहादुर सिंह ने अरोर के पुराने शहर के पास रामपुर के राजधानी के साथ एक शहर की स्थापना की. उन्होंने वहां एक गढ़ या किला बनवाया और अपने नाम पे इसे प्रतापगढ़ का नाम दिया. समय के साथ इसके किले के आस पास के इलाकों को भी प्रतापगढ़ ही कहा जाने लगा. जब 1858 में इस जिले की स्थापना हुई तब इसे बेल्हा प्रतापगढ़ ने नाम से जाना जाता था क्योंकि यहाँ साईं नदी के किनारे बेल्हा भवानी का एक मंदिर था, जिसे आम भाषा में ‘बेल्हा माई’ कहते हैं.

सराई नाहर के पास कुंडा में पुरातत्व खुदाई में निओलिथिक काल के मानव और जानवरों के कंकाल मिले हैं. यह एकलौती ऐसी जगह है जहाँ पर इतने पुराने मानव के कंकाल मिले हैं. साईं नदी के बायीं तरफ एक खँडहर बन चुका गुर्ग है जो बौद्ध स्तूप को दर्शाता है.

प्रतापगढ़ सुल्तानपुर, इलाहबाद, जौनपुर, फतेहपुर, और राय बरेली से घिरा हुआ है. दक्षिण-पश्चिम में गंगा नदी इसे इलाहबाद और फतेहपुर जिलों से अलग करती है.

प्रतापगढ़ देश के 250 सबसे पिछड़े इलाकों में से एक है.

प्रतापगढ़ 3,717 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. इस क्षेत्र में दुनिया में सबसे ज्यादा आंवला पैदा होते हैं. यहाँ की जनसँख्या 3,209,141 है. इसमें से  53% पुरुष और 47% महिलाएं हैं. यहाँ प्रति 1000 पुरुषों पर 998 महिलाएं हैं. यहाँ की औसत साक्षरता दर 70.09%. यहाँ पुरुष साक्षरता दर 81.88% और महिला साक्षरता दर 58.45%. चुनाव समिति की 2009 की रिपोर्ट के अनुसार यहाँ मतदाताओं की कुल संख्या 1,435,159 है जिसमें से 768,492 पुरुष और 666,667 महिला मतदाता हैं.

Kunwar Haribansh Singh
2014 में अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह प्रतापगढ़ के सांसद बने और अभी वे ही ये पद संभाल रहे हैं.

[penci_blockquote style=”style-1″ align=”none” author=””]2014 में अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह प्रतापगढ़ के सांसद बने और अभी वे ही ये पद संभाल रहे हैं.[/penci_blockquote]

प्रतापगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत 5 विधान सभा क्षेत्र आते हैं;

रामपुर ख़ास

बिस्वनाथ्गंज

प्रतापगढ़

पट्टी

रानीगंज

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1952 में यहाँ पहली बार लोकसभा चुनाव हुए जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुनीश्वर दत्त उपाध्याय विजयी रहे और प्रतापगढ़ के पहले सांसद बने. उपाध्याय इस सीट से 2 बार लगातार चुनाव जीते.

इनके बाद भारतीय जन संघ के अजित प्रताप सिंह भरी मतों से जीत हासिल कर के यहाँ की सांसद की कुर्सी पर बैठे.

1967 में कांग्रेस ने दोबारा यहाँ जीत हासिल की और इस बार कांग्रेस के नेता दिनेश सिंह यहाँ के सांसद बने. सिंह लगातार 2 बार इस सीट से जीते.

1977 में भारतीय लोकदल के रूपनाथ सिंह यादव इस सीट पर चुनाव लड़ के विजयी रहे. इनके बाद अजित प्रताप सिंह दोबारा यहाँ के सांसद पद पर बैठे. अजित इस बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े. अगले चुनाव में दिनेश सिंह ने कांग्रेस की टिकट पे चुनाव लड़ के दोबारा इस सीट पर अपना कब्ज़ा जमाया. दिनेश इस बार भी लगातार 2 बार इस सीट से जीते.

1991 में जनता दल के नेता अभय प्रताप सिंह सांसद की सीट पर बैठे. अभय प्रताप सिंह के पुत्र थे.

1996 में दिनेश सिंह की पुत्री राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ की पहली महिला सांसद बनी. रत्ना कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ी थीं.

1998 में पहली बार भाजपा यहाँ जीती और भाजपा नेता राम विलास वेदांती यहाँ के सांसद बने.

1999 में फिर से राजकुमारी रत्ना सिंह इस सीट पर बैठीं.

2004 में समाजवादी पार्टी के अक्षय प्रताप सिंह यहाँ की सीट पर जीत कर सांसद बने.

2009 में रत्ना सिंह तीसरी बार यहाँ की सांसद की कुर्सी पर बैठीं.

2014 में अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह प्रतापगढ़ के सांसद बने और अभी वे ही ये पद संभाल रहे हैं.

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लोकसभा वर्ष से वर्ष तक नाम पार्टी
पहली 1952 1957 मुनीश्वर दत्त उपाध्याय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
दूसरी 1957 1962 मुनीश्वर दत्त उपाध्याय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
तीसरी 1962 1967 अजित प्रताप सिंह भारतीय जन संघ
चौथी 1967 1971 दिनेश सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
पांचवी 1971 1977 दिनेश सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
छठवीं 1977 1980 रूप नाथ सिंह भारतीय लोक दल
सातवीं 1980 1984 अजित प्रताप सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
आठवीं 1984 1989 दिनेश सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
नौवीं 1989 1991 दिनेश सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
दसवीं 1991 1996 अभय प्रताप सिंह जनता दल
ग्यारहवीं 1996 1998 राजकुमारी रत्ना सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
बारहवीं 1998 1999 राम विलास वेदांती भारतीय जनता पार्टी
तेरहवीं 1999 2004 राजकुमारी रत्ना सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
चौदहवीं 2004 2009 अक्षय प्रताप सिंह समाजवादी पार्टी
पंद्रहवीं 2009 2014 राजकुमारी रत्ना सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
सोलहवीं 2014 अब तक कुंवर हरिवंश सिंह अपना दल
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