जानिए कौन हैं विजमा यादव ?

उत्तर प्रदेश की सक्रिय राजनीति में एक महत्वपूर्ण नाम विजमा यादव का है, जिनका संबंध समाजवादी पार्टी से है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक व्यक्तिगत दुखद घटना के बाद की। उनके पति स्व० जवाहर यादव की हत्या 1996 में हो गई थी, जिसके पश्चात उन्होंने राजनीतिक पारी की शुरुआत की और झूंसी विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुईं।

उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा में 403 सीटों पर विभिन्न जातियों और धर्मों के विधायकों का प्रतिनिधित्व

विजमा यादव का जीवन परिचय

जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

विजमा यादव का जन्म 1 अगस्त 1970 को प्रयागराज जिले में हुआ। वह पिछड़ी जाति (यादव) समुदाय से हैं और हिन्दू धर्म का पालन करती हैं। उनके पिता का नाम स्व० रामानन्द यादव था। उन्होंने औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की, लेकिन वह साक्षर हैं। उनका विवाह 32 वर्ष पूर्व स्व० जवाहर यादव से हुआ था, जो 1993 में विधायक भी रहे। दंपति के तीन बच्चे हैं—एक पुत्र और दो पुत्रियाँ।

सामाजिक पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत संघर्ष

पति की हत्या के बाद विजमा यादव ने न केवल न्याय की लड़ाई लड़ी बल्कि सामाजिक रूप से सक्रिय होकर जनप्रतिनिधित्व का मार्ग भी अपनाया। 1996 में वह झूंसी विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुनी गईं। यह सफलता उस समय के समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव के समर्थन से मिली थी।

विजमा यादव का राजनीतिक सफर

राजनीतिक शुरुआत और विधानसभा चुनाव

विजमा यादव का राजनीतिक सफर 1996 में शुरू हुआ। उसी वर्ष वह तेरहवीं विधान सभा की सदस्य चुनी गईं। इसके पश्चात 2002 में चौदहवीं विधान सभा में भी उन्होंने जीत दर्ज की। हालांकि 2007 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, परंतु उन्होंने अपने संघर्ष को जारी रखा।

सीट परिवर्तन और फिर से सफलता

2008 में परिसीमन के बाद झूंसी विधानसभा सीट समाप्त हो गई, तब विजमा यादव ने 2012 में प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। यह उनका तीसरा कार्यकाल था। 2017 के चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 के प्रतापपुर विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर विजमा यादव ने चौथी बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया।

समितियों में भूमिका और अन्य गतिविधियाँ

उनकी सक्रिय भूमिका न केवल चुनावों तक सीमित रही, बल्कि उन्होंने विभिन्न समितियों में भी योगदान दिया। 1997-1998 में वह नियम समिति और लोक लेखा समिति की सदस्य रहीं। 2002-2003 में उन्होंने सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति में कार्य किया। 2012-2013 में वह प्राक्कलन समिति की सदस्य बनीं। इसके अतिरिक्त, एक जन आंदोलन के दौरान उन्हें नैनी जेल, प्रयागराज में तीन दिन की बंदी भी झेलनी पड़ी।

विजमा यादव का राजनीतिक सफर: संघर्ष और निरंतरता

पति की हत्या के बाद का परिवर्तन

13 अगस्त 1996 को प्रयागराज के सिविल लाइंस में दिनदहाड़े एके-47 से विजमा यादव के पति जवाहर पंडित की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में करवरिया बंधुओं को दोषी पाया गया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई। इस घटना ने विजमा के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया और उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।

समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ाव

विजमा यादव का राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी के साथ ही जुड़ा रहा है। हर चुनाव में उन्होंने पार्टी की नीतियों को मजबूत किया। चाहे झूंसी हो या प्रतापपुर, उन्होंने जनता का भरोसा बार-बार जीता है। पार्टी नेतृत्व के प्रति उनकी निष्ठा स्पष्ट दिखाई देती है।

विजमा यादव का जीवन और राजनीति संघर्ष, साहस और जनसेवा का प्रतीक है। अपने पति की हत्या के बाद उन्होंने राजनीति को साधन बनाकर न्याय की राह अपनाई और चार बार विधायक निर्वाचित होकर प्रदेश की राजनीति में एक स्थायी स्थान बनाया। उनके जीवन परिचय और राजनीतिक सफर से यह स्पष्ट होता है कि उनका योगदान केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की स्थापना और जनता के अधिकारों की रक्षा में भी रहा है।

2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: प्रयागराज जिले के परिणाम

भाजपा गठबंधन की जीत (8 सीटें)

विधानसभा सीटविजेता प्रत्याशीपार्टीजीत का अंतर (वोटों से)
फूलपुर ( 2024 उपचुनाव )दीपक पटेलभाजपा2732
बारावाचस्पतिअपना दल (भाजपा गठबंधन)12524
करछनापीयूष रंजन निषादभाजपा9328
कोरांवराजमणि कोलभाजपा24487
फाफामऊगुरु प्रसाद मौर्यभाजपा14324
इलाहाबाद उत्तरहर्षवर्धन बाजपेयीभाजपा54883
इलाहाबाद पश्चिमसिद्धार्थ नाथ सिंहभाजपा29933
इलाहाबाद दक्षिणनंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’भाजपा26182

समाजवादी पार्टी (सपा) की जीत (4 सीटें)

विधानसभा सीटविजेता प्रत्याशीपार्टीजीत का अंतर (वोटों से)
हंडियाहाकिम लाल बिंदसपा3543
मेजासंदीप सिंहसपा3439
प्रतापपुरविजमा यादवसपा10956
सोरांवगीता शास्त्रीसपा5590
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