Home » 30 जून : जानें इतिहास के पन्नों में आज का दिन क्यों है ख़ास!
Top News

30 जून : जानें इतिहास के पन्नों में आज का दिन क्यों है ख़ास!

30th june historical events

भारत के इतिहास का हर एक दिन स्वर्णिम अक्षरों में इतिहास की किताब में लिखा जा चुका है। यहाँ पर पैदा होने वाले शूरवीरों की कहानी सुनने वालों को जीवन की एक नयी दिशा प्रदान करती है। यही नहीं इन सभी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए किसी मार्गदर्शन से कम नहीं है।

संथाल हूल दिवस आज :

  • संथाल हूल दिवस या हूल क्रान्ति दिवस प्रत्येक वर्ष 30 जून को मनाया जाता है।
  • भारतीय इतिहास में स्वाधीनता संग्राम की पहली लड़ाई वैसे तो सन 1857 में मानी जाती है।
  • किन्तु इसके पहले ही वर्तमान झारखंड के संथाल परगना में संथाल हूल और संथाल विद्रोह के द्वारा अंग्रेजों को भारी क्षति उठानी पड़ी थी।
  • वर्ष 1855 में बंगाल के मुर्शिदाबाद एवं बिहार के भागलपुर जिलों में स्थानीय जमीनदार, महाजन और अंग्रेज कर्मचारियों के अन्याय अत्याचार के शिकार संताल जनता ने एकबद्ध होकर उनके विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूँक दिया था।
  • इसे संथाल विद्रोह या संथाल हुल कहते हैं।
  • संताली भाषा में ‘हूल’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है ‘विद्रोह’होता है।
  • यह अंग्रेजों के विरुद्ध प्रथम सशस्त्र जनसंग्राम था।
  • सिधु-कान्हू, चाँद-भैरो भाइयों और फूलो-झानो जुड़वा बहनों ने संताल हल का नेतृत्व, शाम टुडू (परगना) के मार्गदर्शन में किया।
  • सिद्धू तथा कान्हू दो भाइयों के नेतृत्व में 30 जून, 1855 ई. को वर्तमान साहेबगंज ज़िले के भगनाडीह गांव से प्रारंभ हुए।
  • इस विद्रोह के मौके पर सिद्धू ने घोषणा की थी- करो या मरोअंग्रेज़ों हमारी माटी छोड़ो

कुछ अन्य झलकियां :

  • 1911 में आज ही के दिन भारतीय साहित्यकार नागार्जुन का जन्म हुआ था।
  • 1917 में उद्योगपति, दिग्गज राजनेता, शिक्षाविद और विचारक दादा भाई नौरोजी का निधन हुआ था।
  • 1914 में दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों के लिये आंदोलन करने के दौरान महात्मा गांधी को पहली बार गिरफ्तार किया गया।
  • 1928 में हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध साहित्यकार कल्याणजी का जन्म हुआ था।
  • 1934 में आज के दिन भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक सी.एन.आर.राव का जन्म हुआ था।
  • 1947 में भारत के विभाजन की घोषणा के बाद बंगाल और पंजाब के विभाजन के लिए बाउंडरी कमीशन के सदस्यों की घोषणा की गई।
  • 2008 में रविकांत, उमा शंकर चौधरी व विमल चन्द्र पाण्डेय को संयुक्त रूप से भारतीय ज्ञानपीठ का नवलेखन पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • 2008 में भारतीय पत्रकार अनीसुद्दीन अजीज को इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ़ बुक कीपर्स (आईएबी) के न्यू बिजनेस आफ़ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
UTTAR PRADESH NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें

Related posts

हमेशा मुसलमान ही जेल तोड़कर क्यों भागते हैं, हिंदू क्यों नहीं?

Kamal Tiwari

पीएम मोदी म्यांमार पहुंचे, रोहिंग्या मुद्दे पर चर्चा संभव

Deepti Chaurasia

पटना-इंदौर एक्सप्रेस हादसे पर आज संसद में बयान देंगे रेल मंत्री !

Mohammad Zahid