हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का पर्व हर साल एक फरवरी को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग ऋतुओं के राजा कहे जाने वाले बसंत का सरस्वती में की पूजा करके करते हैं।

  • इस दिन लोग पीले वस्त्रों को पहनकर बसंत का स्वागत करते हैं।

 

देखिये बसंत पंचमी की Exclusive तस्वीरें:

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देवी सरस्वती की होती है पूजा

  • बसंत पंचमी का दिन सरस्वती, ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और प्रौद्योगिकी की देवी को समर्पित है।
  • देवी सरस्वती की बसंत पंचमी के दिन पर पूजा की जाती है।
  • बसंत पंचमी भी श्री पंचमी और सरस्वती पंचमी के रूप में जाना जाता है।
  • लोग देवी सरस्वती की पूजा ज्ञान को समझने के साथ अज्ञानता से छुटकारा पाने के लिए देवी से प्रार्थना करते हैं।
  • इस दिन स्कूली बच्चे अक्षर, विद्या की भी प्रार्थना करते हैं।
  • स्कूलों और कॉलेजों में सुबह देवी मां की पूजा करके सभी मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

यह है पूजा का समय

  • बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा का समय एक फरवरी 2017 को सुबह 03:41 बजे से शुरू होगा।
  • यह समय रात के 02:20 बजे तक चलेगा।
  • पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07:10 बजे से शुरू होगा जो दोपहर 12:40 तक रहेगा।
  • शुभ मुहूर्त के समय की अवधि 5 घंटे 29 मिनट रहेगी।

सरसों के खेतों में बसंत का अलग ही मजा

  • ग्रामीण इलाकों के लोग ज्यादातर बसंत ऋतु के शुरू होते ही पीली सरसों के खेतों में इस पर्व का आगाज करते हैं।
  • ज्योतिषियों का मानना है कि सबसे पहले देवी सरस्वती की पूजा भगवान श्री कृष्ण ने माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को की थी।
  • इसके बाद से इस तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है।
  • ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, शरद ऋतु, हेमन्त ऋतु और शिशिर ऋतु (पतझड़) के बाद बसंत ऋतु आती है जो ऋतुओं का राजा कहा जाता है।
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