व्यंग्य

व्यंग्य : माँ गंगा ने बुलाया…

Ganges river

गंगा ने बुलाया ।
बेटा दौड़ा आया ।।

साफ-सफ़ाई लचर ।
गंदगी का साया ।

बदहाली क़ायम ।
हुआ ना सुधार ।।

कर दिये वादे ।
पर अब लाचार ?

मैला हुआ पानी ।
बरकरार स्थिति ।।

मंत्रालय हवाबाज़ी ।
राजस्व की क्षति ?

कृष्णेन्द्र राय

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Reporter : Krishnendra Rai

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