व्यंग्य

कविता: अमृतसर रेल हादसा

Literature special on amritsar train accident died many

रेल हादसे ने किया भारी नर संहार।

अमृतसर में हो गया रक्त रंजित त्यौहार।

रक्त रंजित त्यौहार दशहरा मना न अच्छा।

गईं दर्जनों जान, मरे नर नारी बच्चा।

रसिक कहे समझाय ट्रेक पर रेल थी आई।

रेलवे प्रशासन मौन, बड़ी करी लापरवाही।।

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Reporter : Jay Saraswat

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