yogi government kidnapping can't be done as per thakurganj kidnapping case
January, 20 2018 16:13

व्यंग्य: ‘योगी सरकार’ में ठीक से किडनैपिंग भी नही हो पा रही है!

Divyang Dixit

By: Divyang Dixit

Published on: सोम 03 अप्रैल 2017 05:50 अपराह्न

Uttar Pradesh News Portal : व्यंग्य: ‘योगी सरकार’ में ठीक से किडनैपिंग भी नही हो पा रही है!

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार 3 अप्रैल को एक ऐसी अप्रत्याशित घटना सामने आई जिस पर सभी 20 करोड़ लोग एक साथ हैरान होने की कगार पर पहुँच गए हैं। राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में एक 9 साल के बच्चे को दिन-दहाड़े किडनैप कर लिया गया। बच्चा छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहा था।

पुलिस की ऐसी तत्परता भी किस काम की:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सत्ता संभालते ही पुलिस की कार्य प्रणाली को सुधारने की बात कही थी, लेकिन राजधानी लखनऊ की पुलिस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों को पूरा करते-करते आदेश से भी दो कदम आगे निकल गए।

गौरतलब है कि, सोमवार को राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज में एक 9 साल के बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। जिसके बाद राजधानी की पुलिस ने जो किया वो इतना हैरान करने वाला था कि, उस नज़ारे को बयां करने के लिए शब्दों की कमी हो सकती है।

राजधानी लखनऊ की पुलिस ने अपहरण के मामले में बिजली की गति से कार्रवाई करते हुए दुनिया के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट को भी मात दे दी। अपहरणकर्ता अभी ढंग से बच्चे को किडनैप भी नहीं कर पाए थे कि, पुलिस ने चेकिंग कर के बच्चे को बरामद कर लिया। जिसके बाद घटनास्थल पर ही मौजूद भीड़ ने पुलिस से कहा कि, ऐसी तत्परता भी किस काम की? आपने तो सब मनोरंजन ही खत्म कर दिया।

अपहरणकर्ता जा सकते हैं मानवाधिकार:

लखनऊ पुलिस ने सोमवार को किडनैप हुए एक बच्चे को इतनी जल्दी ढूंढ लिया, जितने में लोग अपना खोया हुआ कच्छा नहीं ढूंढ पाते हैं। इसके साथ ही सूत्रों के मुताबिक, अपहरणकर्ता मामले में मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

अपहरणकर्ताओं का कहना है कि, अभी तो हम बच्चे को ढंग से किडनैप भी नहीं कर पाए थे और पुलिस ने पकड़ लिया। अब बताइए! भला ये भी कोई बात हुई? यूपी में बेरोजगारी पहले से इतनी ज्यादा है और अब जो काम कर रहे हैं उन्हें भी रोका जायेगा तो कैसे चलेगा? वहीँ उसके साथ ही खड़ा अन्य अपहरणकर्ता रोते हुए पूर्व राज्य सरकार के स्वर्णिम काल को याद कर रहा था।

Divyang Dixit

Journalist, Listener, Mother nature's son, progressive rock lover, Pedestrian, Proud Vegan, व्यंग्यकार

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