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Uttar Pradesh

योगी सरकार के जांच के घेरे में फंसे अखिलेश सरकार के ये 7 बड़े प्रोजेक्ट

seven big projects of akhilesh

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को अभी सत्ता में आये हुए 40 भी पूरे नही हुए हैं. लेकिन इस दौरान योगी सरकार द्वारा शुरू की गई जांच के राडार में पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट समेत 7 बड़ी योजनाएं आ गई. जिनकी जांच में करोड़ों नही बल्कि अरबों रूपए के घोटाले सामने आया है.

लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे

  • यूपी में योगी सरकार के बनते ही अखिलेश सरकार का लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे सबसे पहले जान के निशाने पर आया.
  • जिसमे अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजा बांटने में धांधली का मामला सामने आया.
  • जिसमे बाद 27 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
  • साथ ही अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाया गया है की उन्होंने भूमि को आबादी बनाकर ज्यादा मुआवजा दे दिया.
  • जिससे करोड़ों रुपये का मुआवजा घोटाला किया गया.

गोमती रिवर फ्रंट-

  • गोमती रिवर फ्रंट पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था.
  • लेकिन भ्रष्टाचार की जड़ों को उखाड़ने के प्रयास में लगे सीएम योगी ने जब इस प्रोजेक्ट के निरिक्षण  किया तो उन्हें प्रोजेक्ट में कई गड़बड़ियाँ देखने को मिली.
  • जिसके बाद उन्होंने तत्काल इस प्रोजेक्ट की जांच के आदेश दे दिए.
  • जांच के बाद दागी इंजीनियरों की सूची तैयार कर ली गयी है.
  • जिन्होंने ने प्रोजेक्ट में करीब 1600 करोड़ रूपए का घोटाला किया है.

एरेच डैम घोटाला-

  • यूपी की पूर्व अखिलेश सरकार के समय में बुंदेलखंड में खाने और पानी को लेकर हाहाकार मच गया था.
  • जिसके बाद झांसी में सबसे आधुनिक तकनीक से एरेच डैम बनाए की शुरुआत की गई.
  • इस प्रोजेक्ट में सरकार ने 721 करोड़ रूपए की लागत लगे थी.
  • लेकिन इसमें भी मंत्रियों अधिकारीयों और ठेकेदारों ने डीपीआर में जितना पानी नही उससे कहीं ज्यादा पानी का खर्च दिखाया कर खूब पैसा बनाया.
  • फिलहाल इस प्रोजेक्ट की जांच चल रही है.

लैपटॉप घोटाला-

  • बच्चों को एक आधुनिक और सुनहरा भविष्य देने के लिए पूर्व की अखिलेश सरकार ने प्रदेश में छात्रों को लैपटॉप वितरण किया था.
  • लेकिन अखिलेश सरकार की इस योजना पर भी मुख्यमंत्री योगी ने अपनी वक्र दृष्टि डालते हुए लैपटॉप वितरण योजना के जांच के आदेश दे दिए हैं.
  • गौरतलब हो की सपा सरकार ने वितरित करने के लिए 15 लाख लैपटॉप खरीदे थे.
  • लेकिन सिर्फ 6 लाख लैपटॉप ही बांटे गए थे.
  • जिसके बाद इस घोटाले में करोड़ों नही अरबों का रूपए का घोटाला सामने आया है.

जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर-

  • अखिलेश सरकार ने शहर को गौरवान्वित करने के लिए राजधानी में जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर ‘जेपीएनआईसी’ की सथापना की थी.
  • लेकिन अब जेपीएनआईसी में में भी घोटालों की परतें खुलने लगी हैं.
  • बता दें की कमीशन के लालच में एलडीए के वीसी समेत कई अधिकारीयों ने इस प्रोजेक्ट में सैकड़ों करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी.
  • लेकिन योगी सरकार के आवास एवं शहरी नियोजन मंत्री सुरेश पासी ने एलडीए के वीसी सतेंद्र सिंह के साथ-साथ इस घोटाले में लिप्त कई भ्रष्ट अफसरों की सूची तैयार कर ली है.
  • जिसके प्रारंभिक रिपोर्ट सीएम को पेश की गई है.
  • सीएम के अनुमोदन के बाद ही इन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जनेश्वर मिश्र पार्क-

  • अखिलेश यादव के एक और ड्रीम प्रोजेक्ट जनेश्वर मिश्र पार्क की बोटों की खरीद में भी लाखों के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है.
  • यही नही इस पार्क में पानी के लिए एलडीए ने करोड़ों रूपए पानी की तरह बहाए हैं.
  • जिसे देखते हुए योगी सरकार के आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी ने निरीक्षण के बाद इसकी जांच की.
  • यही नही उन्होंने प्रारम्भिक जांच की एक रिपोर्ट तैयार करा के सीएम को सौंप दी है.
  •  सीएम के अनुमोदन के बाद ही इन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

हुसैनाबाद हेरिटेज जोन-

  • विश्व धरोहर दिवस के मौके पर आवास राज्य मंत्री सुरेश पासी ने अखिलेश सरकार के एक और ड्रीम प्रोजेक्ट हेरिटेज जोन का निरीक्षण किया था.
  • हुसैनाबाद हेरिटेज ज़ोन में भी सड़क निर्माण में 35 करोड़ रूपए की लागत के पत्थर लगवाए थे.
  • जिसे देखने के बाद आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी ने ख़ासा नाराज़गी जताई थी.
  • जिसके बाद उन्होंने LDA अफसरों के खिलाफ जाँच कर सख्त कार्रवाई किये जाने की बात कही थी.
  • इसी के चलते सुरेश पासी इन मामलों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कराई है.
  • जिसे सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दिया गया है.
  • सीएम के अनुमोदन के बाद घोटाले में शामिल LDA अफसरों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी.
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