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Uttar Pradesh

NHM : मातृ एवं शिशु मृत्युदर में आएगी कमी !

mortality rate decrease

मातृ एवं शिशु मृत्युदर की रोकथाम के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए गत वर्ष शुरू हो चुकी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक योजना का शुभारंभ उप्र में मंगलवार से हो रहा है। उक्त योजना के अंतर्गत सीएचसी व प्रत्येक महिला अस्पतालों में हर महीने की नौ तारीख को क्लीनिक चलेगी, जिन ग्रामीण क्षेत्र स्थित सीएचसी में अल्ट्रासाउण्ड जांच की सुविधा नही हैं वहां पीपीपी माडल पर प्राइवेट पैथालोजी से गर्भवती को नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इतना ही नहीं उक्त योजना में सरकार की अपील पर प्राइवेट डॉक्टर्स भी नि:शुल्क परामर्श देंगे।
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प्राइवेट पैथालॉजी को सरकार करेगी भुगतान

  • एनएचएम कार्यालय में परिवार कल्याण मंत्री प्रो.रीता बहुगुणा जोशी ने जानकारी दी।
  • उन्होंने बताया की प्रदेश के कई क्षेत्रों में महिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर्स एवं अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधाएं नही हैं।
  • लिहाजा गर्भवती महिलाओं को दूरस्थ स्थित बडे़ सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाता है।
  • ऐसे में तमाम महिलाएं बिना जांच के ही रह जाती हैं।
  • इसे ध्यान में रखकर मातृ एवं शिशु की स्वस्थ्यता बनाये रखने के लिए पीपीपी माडल पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा मुहैय्या कराई जा रही है।
  • इसमें अस्पताल के समीप स्थित पैथोलॉजी से अनुबन्ध कर गर्भवती महिलाओं को जांच होगी।
  • इसके लिए प्राइवेट पैथालॉजी को सरकार एनएबीएल द्वारा प्रमाणित पैथालॉजी को पैसा देगी।
  • जिसमे प्रमाणित पैथोलॉजी को 300 रुपये और नॉन एनएबीएल एक्रीडेटेड पैथोलॉजी को 225 रुपये प्रति केस भुगतान किया जायेगा।
  • इसके अलावा उन्होंने बताया कि उक्त क्लीनिक में स्वैच्छा से प्राइवेट डॉक्टर्स परामर्श दे रहे हैं.
  • उन्हेांने बताया कि अभी तक 470 प्राइवेट डॉक्टर्स ने उक्त के लिए पंजीकृत करा चुके हैं।
  •  जिनमें से 258 डॉक्टर्स उक्त सरकारी क्लीनिक में नि:शुल्क परामर्श ले रहे हैं।
  • उक्त योजना में उन्होंने अनावश्यक अल्ट्रासाउंड जांच न कराने के भी निर्देश दिये हैं।

    गर्भवती महिलाओं को इलाज के साथ मिलेगा जलपान

  • एनएचएम निदेशक अलोक कुमार ने बताया पीएमएसएमसी में आने वाली गर्भवती महिलाओं को जलपान दिया जायेगा।
  • ताकि गर्भवती को बेहतर पोषण मिल सके।
  • साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश के 57 जनपदों में गरीबी की वजह से बच्चे कुपोषित हो रहे हैं।

‘शगुन’ रूप में यूपी में बटेगी परिवार नियोजन किट

  • प्रो.रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि जनसं या वृद्धिदर रोकथाम के लिए परिवार नियोजन संसाधनों के प्रचार प्रसार के लिए नई किट योजना शुरू की है।
  • उक्त किट में नवदंपति को महिलाओं के लिए चूड़ी, बिन्दी, शीशा आदि संसाधन उपलब्ध होंगे।
  • साथ ही परिवार नियोजन संबन्धित जागरूकता और कंडोम, पिल्स और इमरजेंसी में अनचाहे गर्भ की रोकथाम के लिए प्रयोग में ली जाने वाली पिल्स टेबलेट व जानकारी उपलब्ध होगी।

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