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Uttar Pradesh

बजट से योगी सरकार पर बढ़ेगा 4.14 हजार करोड़ का ‘कर्ज’!

budget review

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार 11 जुलाई को विधानसभा के मानसून सत्र में अपना पहला बजट(budget review) पेश कर दिया है। सरकार द्वारा बजट पेश करने के बाद से सूबे के राजनीतिक गलियारे में बजट को घेरने की पूरी तैयारी की जा रही है। विपक्ष पहले ही बजट को किसान, महिलाओं, गरीबों और बेरोजगारों का विरोधी बता चुका है।

देश का सबसे बड़ा बजट(budget review):

  • मंगलवार को उत्तर प्रदेश की विधानसभा में योगी सरकार ने अपना बजट पेश किया।
  • योगी सरकार राज्य को देश का सबसे बड़ा बजट दिया।
  • जिसमें सूबे के विकास के लिए काफी कुछ दिया गया है।
  • गौरतलब है कि, यूपी के बजट देश के किसी भी राज्य के बजट से बहुत बड़ा है।
  • योगी सरकार ने प्रदेश को 3 लाख 84 हजार 659 करोड़ का बजट दिया है।
  • इससे पहले अखिलेश सरकार ने अपना अंतरिम बजट इतनी बड़ी धनराशि में दिया था।

2016-17 बजट के सापेक्ष 10.9 फ़ीसदी अधिक है 2017-18 बजट(budget review):

  • योगी सरकार ने अपना पहला बजट 3 लाख 84 हजार 659 करोड़ 71 लाख का रुपये का पेश किया है।
  • यह बजट सूबे के 2016-17 के अंतरिम बजट के सापेक्ष में 10.9 फ़ीसदी अधिक है।
  • गौरतलब है कि, योगी सरकार के बजट का आकर सूबे की ऋणग्रस्तता से कम है।
  • राज्य के वित्त विभाग की मानें तो, प्रदेश का ऋण इस साल बढ़कर 4 लाख 14 हजार करोड़ हो जायेगा।
  • जबकि, प्रदेश का वर्तमान ऋण 3 लाख 74 हजार करोड़ रुपये है।
  • ज्ञात हो कि, प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 12 लाख करोड़ से अधिक है।
  • योगी सरकार यह भी दावा कर रही है कि, ऋण के व्यय से प्रदेश में पूँजीगत संपत्तियों का निर्माण हो रहा है।

GDP में 10 फ़ीसदी विकास का लक्ष्य, वास्तविक वृद्धि 6 फ़ीसदी(budget review):

  • 3, 84, 659.71 के बजट में योगी सरकार ने किसानों का काफी ख्याल रखा है।
  • जिसके तहत सरकार ने बजट में किसानों की कर्जमाफी को लेकर 36 हजार करोड़ की व्यवस्था की है।
  • ध्यान देने वाली बात यह है कि, सरकार ने यह फैसला यूपी पर बढ़ते ऋणों के बोझ के बीच लिया है।
  • इसके अलावा सरकार ने बजट में 58 हजार करोड़ से सूबे के लिए नई विकास योजनाओं की भी घोषणा की है।
  • वित्त मामलों के कई जानकारों का कहना है कि, उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है, जहाँ कम पैसों से रातों-रात बदलाव नहीं लाया जा सकता है।
  • वहीँ सरकार ने GDP में 10 फ़ीसदी विकास का लक्ष्य रखा है।
  • साथ ही सरकार के बजट में 11 फ़ीसदी की वृद्धि का अनुमान है।
  • गौर करने वाली बात है कि, 11 फीसदी अनुमानित वृद्धि में 5 फ़ीसदी मुद्रास्फीति खा जाएगी।
  • जिसके बाद राज्य सरकार के पास वास्तविक वृद्धि 6 फीसदी के आसपास होगी।

बुंदेलखंड को विकास के नाम पर झुनझुना(budget review):

  • योगी सरकार ने यूपी चुनाव के दौरान बुंदेलखंड के विकास के लिए कई तरह के वादे किये थे।
  • लेकिन पहले बजट में सरकार ने बुंदेलखंड को सिर्फ 200 करोड़ का पैकेज दिया है।
  • बुंदेलखंड सूबे के अन्य इलाकों से काफी पिछड़ा हुआ है, जिसके लिए 200 करोड़ की रकम बेहद कम है।
  • जानकारों के मुताबिक, बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र के लिए कम से कम 2000 करोड़ रुपये के पैकेज की जरुरत है।
  • सरकार ने अपने बजट में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा पर काफी कम खर्च किया है।
  • इसके साथ ही सोशल सेक्टर में कम व्यय केंद्र के साथ राज्य की समस्या भी बन गया है।
  • वही योगी सरकार अपने बजट में रोजगार बढ़ाने के तरीकों पर फोकस नहीं कर पायी है।
  • जबकि सूबे में 5 करोड़ बेरोजगारों को देखते हुए इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम होना चाहिए था।
  • योगी सरकार के बजट को विस्तृत रूप से उनका घोषणा पत्र कहा जा सकता है।
  • साथ ही विकास की गति को बढ़ाने के लिए सरकार को भ्रष्टाचार पर लगाम लगानी होगी।
  • जानकारों की मानें तो सरकार को अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आगामी कुछ महीनों में अनुपूरक बजट लाना पड़ सकता है।

अनुपूरक बजट क्या है?(budget review)

  • सीधे शब्दों में, अनुपूरक बजट सरकार द्वारा तब पेश किया जाता है, जब सत्तारूढ़ दल के पास समय से पहले बजट की अपर्याप्तता हो जाती है।
  • जिसके बाद सरकारों द्वारा अनुपूरक बजट पेश किया जाता है।

2016-17 की तुलना में बजट की वास्तविक वृद्धि 2 हजार करोड़ रुपये(budget review):

  • योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के अंतरिम बजट से मात्र 38 हजार करोड़ रुपये का बजट ज्यादा रखा है।
  • जिसमें से योगी सरकार सूबे के 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ़ भी करेगी।
  • जिसके बाद 2017-18 के बजट में मात्र 2 हजार करोड़ की वास्तविक वृद्धि नजर आ रही है।
  • वहीँ प्रदेश की मुद्रास्फीति की दर सालाना 5 फ़ीसदी है, जिसके अनुसार 2 हजार करोड़ की वृद्धि कम है।

संतुलित है सरकार का घाटा(budget review):

  • योगी सरकार के बजट को अलग नजरिये से देखा जाए तो बजट में संतुलन नजर आता है।
  • अमूमन बजट का आधा हिस्सा वेतन आदि खर्चों में चला जाता है।
  • लेकिन सरकार के कर्जमाफी के फैसले से सूबे के किसानों में खुशहाली आएगी।
  • इतना ही नहीं सरकार प्रदेश का राजकोषीय घाटा भी कम करने में सफल रही है।
  • बजट में सरकार ने 2.97 का घाटा दिखाया है, जो कि एक संतुलित दर है।
  • गौरतलब है कि, बीते कुछ समय में देश के विकसित राज्यों में राजकोषीय घाटा बढ़ा है।

सरकार के लिए लक्ष्य प्राप्ति मुश्किल:

  • योगी सरकार को अपने बजट में कुछ लक्ष्यों को पाने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
  • सरकार ने अगले 5 सालों में 10 फ़ीसदी विकास का लक्ष्य रखा है, जो एक बड़ा लक्ष्य है।
  • ज्ञात हो कि, कर्जमाफी के बाद सरकार ने बैंकों से मदद ली है।
  • ऐसे में सरकार तब तक लक्ष्य को नहीं छू पायेगी जब तक प्रदेश में प्राइवेट इंफ़्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा नहीं दिया जाता है।
  • सरकार द्वारा कर्जमाफी यकीनन एक अच्छा फैसला है, लेकिन सरकार किसानों को इसकी आदत भी नहीं डलवा सकती है।
  • साथ ही बजट में किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए कोई ग्रोथ प्लान नहीं है।
  • सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र का बजट में ख्याल नहीं रखा है।
  • एम्प्लॉयमेंट बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा स्टेट लेवल टेस्ट का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है।

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