Home » बसपा ने मतदान केंद्रों के बाहर गड़बड़ी की आशंका से बैठाई अपनी सेना!
Bahujan Samaj Party UP Election 2017 Uttar Pradesh

बसपा ने मतदान केंद्रों के बाहर गड़बड़ी की आशंका से बैठाई अपनी सेना!

bsp volunteer in up election

बहुजन समाज पार्टी ने यूपी भर में जहां अपनी सेना तैनात की है वहीं कानपुर मतगणना केन्द्र पर भी अपने कैडेटों का पहरा बैठाया हुआ है। बसपा कैडेट 19 फरवरी को मतदान के बाद से ही यहां कैम्प कर रहे हैं।

  • 2012 के चुनाव में यहां की चार सीटें समाजवादी पार्टी ने मामूली वोटों के अन्तर से बसपा से छीनी थी।
  • इसलिये बसपा गड़बड़ी की आशंका को लेकर बेहद सतर्क है और उसने ईवीएम पर अपना पहरा बैठा दिया है।
  • इन नीले पहरेदारों की मानें तो पार्टी सुप्रीमो मायावती ने सूबे के हर जिले में यही रणनीति अख्तियार की हुई है।

सरकारी तंत्र पर बसपा को नहीं भरोसा

  • कानपुर के नौबस्ता गल्ला मण्डी को मतगणना केन्द्र बनाया गया है।
  • इन दिनों 100 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद रखी हुई है।
  • हालांकि ईवीएम का स्ट्रांग रूम केन्द्रीय सुरक्षा बलों के हवाले है।
  • 42 सीसीटीवी कैमरों से भी इनकी निगरानी हो रही है।
  • सुरक्षा ऐसी कि परिन्दा भी पर न मार सके।
  • लेकिन बहुजन समाज पार्टी को सरकारी तन्त्र पर भरोसा नहीं।
  • इसीलिये उसने पिछले पन्द्रह दिनों से मतगणना केन्द्र के बाहर शिविर लगाकर अपने पहरेदार कार्यकर्ता बैठा दिये हैं।
  • स्ट्रांग रूम की ओर आवाजाही पर इन नीले सिपाहियों ने अपनी नजरें गढ़ा रखी हैं।
  • ताकि अपने स्तर से भी वे वोटिंग मशीनों की हिफाजत कर सकें।

चुनाव आयोग से परमीशन लेकर पहरेदारी

  • इस संबंध में बहुजन समाज पार्टी कानपुर जिला प्रभारी रजनीश मिश्रा, पहरेदार कैडेट कमल कुमार गौतम ने बताया यह पहरेदारी वह पार्टी के उच्च पदाधिकारियों के निर्देश के बाद कर रहे हैं।
  • वहीं निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि स्ट्रांग रूम की तरफ जाने की किसी को इजाजत नहीं है।
  • लेकिन बसपा ने मतगणना केन्द्र के बाहर कैम्प लगाकर बैठने की इजाजत चुनाव आयोग से ले रखी है।
UTTAR PRADESH NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें

Related posts

70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी लखनऊ में कई कार्यक्रम!

Divyang Dixit

Exclusive: 2,436 मनुष्यों 3,698 पशुओं 26.85 अरब की सम्पत्ति को जलने से बचाया।

Sudhir Kumar

घपलेबाज के जाते ही खुलने लगी घोटालों की पोटली!

Sudhir Kumar