agra fort station bomb blast eye witness suspicious person befor bomb blast
February, 25 2018 23:06
फोटो गैलरी वीडियो

आगरा बम धमाकों के पहले रेकी करते देखे गए थे दो संदिग्ध!

Mohammad Zahid

By: Mohammad Zahid

Published on: सोम 20 मार्च 2017 06:54 अपराह्न

Uttar Pradesh News Portal : आगरा बम धमाकों के पहले रेकी करते देखे गए थे दो संदिग्ध!

उत्तर प्रदेश के ताज नगरी आगरा में हाल ही में दो बम धमाकों हुए इसके साथ ही अंडमान एक्सप्रेस को डिरेल करने की नाकाम कोशिश की गई. जिससे साफ़ जाहिर हो गया की दबे पाँव आगरा में दहशत दस्तक देने की कोशिश कर रही है. लेकिन इतना सब होने के बावजूद भी पुलिस ने इस मामले को हलके में निपटाते हुए ये कहकर साफ़ कर दिया की सब ठीक है. लेकिन इस सब के पीछे एक ऐसा सच छुपा है जिससे न केवल पुलिस विभाग बल्कि रेलवे सुरक्षा पर तमाम सवाल खड़े हो सकता है.

स्टेशन पर रेकी करते दिखे थे दो संदिग्ध-

  • यूपी के आगरा में हाल ही में दो बम धमाकों हुए थे.
  • इसके साथ ही अंडमान एक्सप्रेस को डिरेल करने की भी नाकाम कोशिश की गई थी.
  • हालांकि आगरा पुलिस ने सब ठीक है कह कर मामले को हलके में निपटा दिया था.
  • लेकिन आप को बता दें कि इन धमाकों और ट्रेन डिरेल की घटना से ठीक पहले एक युवक ने दो संदिग्ध युवकों को आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर रेकी करते हुए देखा था.
  • नेपाल नाम के इस व्यक्ति ने बताया कि धमाके के दो दिन पहले उसने दो संदिग्ध युवकों को देखा था.
  • ये युवक बार बार स्टेशन के अलग अलग जगह जाकर मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे.
  •  यह दोनों कभी पटरी तो कभी स्टेशन की अलग अलग जगह जाकर रिकॉर्डिंग कर रहे थे.
  • नेपाल ने बताया कि शक होने पर उसने 100 नम्बर पर सूचना भी दी थी.
  • लेकिन पुलिस ने आकर कोई ठोस जांच नही की.
  • बाद में नेपाल ने स्टेशन मास्टर को भी इस मामले की जानकारी दी.
  • लेकिन उसके बाद भी दोनों संदिग्ध युवक भागने में सफल रहे.
  • नेपाल के इन दोनों संदिग्ध युवकों को देखने के बाद ही भाण्डई ट्रैक पर ट्रेन को डिरेल करने की नाकाम कोशिश और धमकी भरा खत मिला.
  • बाद में आगरा छावनी स्टेशन पर दो धमाके हुए.
  • इससे साफ़ ज़ाहिर होता है की कही न कही इन दोनों संदिग्धों का इन घटनाओं से संबंध हो सकता है.
  • ऐसे में अगर रेलवे सुरक्षा कर्मी या पुलिस तत्काल इन युवकों की जांच पड़ताल कर लेती तो शायद ये घटना रोकी जा सकती थी.
  •  यह तो नेपाल जैसे जिमेमदार लोग है जिनको अपना फर्ज याद रहा और उन्होंने इस मामले में अधिकारियो को सचेत करने का भी प्रयास किया.
  • लेकिन हमारा गैर जिम्मेदार सुस्त सिस्टम घटना होने पर ही जागता है.
Mohammad Zahid

मैं @uttarpradesh.org का पत्रकार हूँ। तथ्यों को लिखने से मुझे कोई रोक नहीं सकता।नवाबों के शहर लखनऊ का हूँ इसलिए बुलंद आवाज़ भी उठाता हूँ तो बड़े एहतराम से....