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हेलमेट नहीं तो कार्यालय में प्रवेश नहीं

No helmet or entry into office

प्रदेश के आगरा जिलाअधिकारी ने अपने अधिकारियों को आज एक नया आदेश जारी किया है। जिलाअधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि अगर हेलमेट नहीं तो कार्यालय में प्रवेश नहीं होगा।

अगर आप एक सरकारी कर्मचारी हों और दोपहिया वाहन से ऑफिस जाते हैं तो ऑफिस के अंदर प्रवेश करने से पहले हेलमेट पहनना ना भूलें। अब सरकारी कार्यालय परिसर में दोपहिया से आने वाले सरकारी कर्मचारियों को बिना हेलमेट प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह नियम सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ सरकारी ऑफिसों में आने वाले सभी कर्मचारियों पर भी लागू होगा दरअसल प्रदेश के आगरा जिले के  जिलाअधिकारी डीएम गौरव दयाल ने अपने बाबुओं को लेकर नया फरमान सुनाया है।

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कलक्ट्रेट के बाद अब सरकारी कार्यालयो मे ‘नो हेलमेट, नो एंट्री’ का नारा बुलंद होगा। बिना हेलमेट के सरकारी कार्यालय परिसर मे पहुंचने वाले अफसर/ कर्मचारियो पर कार्रवाई की जाएगी। विभागाध्यक्षो द्वारा हर दिन इसकी जांच की जाएगी और शाम तक डीएम गौरव दयाल को रिपोर्ट भेजनी होगी।

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पिछले दिनो कलक्ट्रेट मे बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालको के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई। अब डीएम ने सभी विभागाध्यक्षो को दिशा-निर्देश जारी किए है। कार्यालय के प्रवेश द्वार और परिसर मे ‘नो हेलमेट, नो एंट्री‘ के स्लोगन अंकित होंगे। विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी कि जो भी कर्मचारी दोपहिया वाहन से आते है, वह हेलमेट पहनकर चले। उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाए। डीएम ने बताया कि ऐसे कर्मचारियो की अलग सूची बनायी जाएंगी।

ट्रफिक नियमों का पालन करावा रहे है जिलाअधिकारी

आपको बता दें कि बीते दिनों प्रदेश के कई जिलों में आपरेशन कवच का शुभारंभ किया था। इस दौरान जिले की पुलिस अपने विभिन्न थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर मोटरसाइकिल चालकों को हेलमेट पहनाते थे। बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों का रोक कर पुलिस कर्मी किनारे लगा देते और जब तक हेलमेट नहीं लेकर वाहन स्वामी आता उसे वाहन नहीं दिया जाता।

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पुलिस की माने था कि  इस अभियान से स्वयं की रक्षा तो होती ही है, एक तरह से पूरा परिवार सुरक्षित व संरक्षित रहता है। यह मोटरसाइकिल चालकों की जान बचाने के मकसद से चलाया जाता था।

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