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ऑनलाइन मार्केटिंग कॉम्पनियों के खिलाफ मोबाईल कारोबारियों ने किया प्रदर्शन

Lucknow Mobile Association Protest Against online Marketing Companies

राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर रविवार सुबह भारी संख्या में व्यापारियों ने इकट्ठा होकर विशाल धरना प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने ऑनलाइन कंपनियों एवं सरकार की गलत नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने जोरदार नारेबाजी की। अपने हाथों में विभिन्न प्रकार के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में भारी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।

ऑनलाइन कंपनियों से प्रदेश में चौपट हुआ मोबाईल बाजार

ऑनलाइन डुप्लीकेट माल जनता के साथ धोखा…, जो कंपनी रिटेल की बात करेगी वही देश पर राज करेगी…, व्यापारी त्रस्त सरकार मस्त…, ऑनलाइन डुप्लीकेट माल पर कड़े कानून बनाए…, ऑनलाइन पर अतिरिक्त टैक्स…, जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां को हाथ में लेकर व्यापारियों ने जोरदार नारेबाजी की। लखनऊ मोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जौहर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि ऑनलाइन के कारण प्रदेश का व्यापार खत्म होने के कगार पर है। उत्तर प्रदेश का मोबाइल व्यापार ऑनलाइन कंपनियों की गलत नीतियों के कारण बिल्कुल खत्म होने की कगार पर है। इससे जुड़े प्रदेश के 50,000 व्यापारी उनसे जुड़े हुए लाखों कर्मचारी बेरोजगारी की तरफ बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन कंपनियां अनैतिक व्यापार करके प्रदेश की करोड़ों रुपए की जीएसटी का नुकसान कर रही है।

व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से की ये मांगें

प्रधानमंत्री के कैशलेस व्यापार को प्रोत्साहन देते हुए प्रदेश में कैश ऑन डिलीवरी तत्काल प्रभाव से बंद हो जानी चाहिए। जिससे कि कालेधन की खपत ना हो पाए। प्रदेश में ऑनलाइन खरीद पर अतिरिक्त टैक्स लगाना चाहिए। ऑनलाइन सेल अधिकतम जीएसटी 18% के दायरे में होनी चाहिए। क्योंकि रिटेल में बिजली, किराया या अन्य तमाम सरकारी खर्चों का व्यापार होता है। पूर्व की सरकार में ऑनलाइन व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने प्रदेश में 5% एंट्री टैक्स लगाया था। जिससे प्रदेश सरकार के राजश्व बढ़ोत्तरी हुई थी। ऑनलाइन के अनैतिक व्यापार अंकुश लगा था। इसलिए उत्तर प्रदेश में हुए इस व्यवसाय को बचाने के लिए ऐसी कमेटी गठित की जाए जो कि वास्तव में व्यापार और व्यापारी की स्थिति का आकलन कर सही रिपोर्ट दें। जिससे कि प्रदेश के व्यापारी का खोया हुआ व्यापार वापस आ सके।

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