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झाँसी लोकसभा क्षेत्र : जानिए, झाँसी लोकसभा सीट का इतिहास

झाँसी जिला बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित उत्तरप्रदेश का एक जिला है| इसका मुख्यालय झाँसी शहर है| यह जिला उत्तर में जालौन ,पूर्व में हमीरपुर और महोबा, दक्षिण में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से घिरा हुआ है| झाँसी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का केंद्र होने के नाते भी जाना जाता है| झाँसी जिला 5,024 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है|2011 की जनगणना के अनुसार झाँसी की आबादी 19,98,603 लाख है,जिनमे महिलाओं की आबादी 941,167 और पुरुषों की जनसंख्या 1,057,436 है| यह आबादी के मामले में भारत के 640 जिलों में 231वें स्थान पर है| 2001 की जनसंख्या के मुकाबले 14.54% की बढ़ोतरी हुई|जिले में 14% की आबादी 6 साल से कम उम्र की है|यही आंकड़ा 1991 से 2001 के बीच 22.05% था|झाँसी की आबादी का 58.30% हिस्सा ग्रामीण इलाकों में बसता है| यहाँ प्रति 1000 पुरुषों पर 890 महिलायें है| झाँसी की साक्षरता दर जो 2001 में 65.47% थी वो 2011 में बढ़कर 75.05% हो गई| जिले में महिलाओं की साक्षरता दर 63.49% और पुरुषों की साक्षरता दर 85.38% है| झाँसी एक हिन्दू बहुल क्षेत्र है,यहाँ 91.5% को हिन्दू धर्म में आस्था रखते है|इसके बावजूद यहाँ मुस्लिम,सिख और जैन धर्म के लोग भी रहते है| झाँसी से राष्ट्रीय राजमार्ग 12अ , एनएच-25, एनएच-26, एनएच-75 और एनएच-76 गुजरते है जिस कारण यह देश के अन्य इलाकों से बखूबी जुड़ा हुआ है|

झाँसी जिले में कुल पांच तहसील है-

झाँसी, मऊरानीपुर, गारौथा, मोठ, टहरौली|

झाँसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में 46वें नंबर की सीट है| चुनाव आयोग की 2009 की रिपोर्ट के अनुसार यहाँ कुल 1,562,082 मतदाता है जिनमे 835,184 मतदाता पुरुष और 726,898 महिला मतदाता है| झाँसी लोकसभा में उत्तर प्रदेश विधानसभा की पांच सीटें आती है,जिनमे में दो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है –

बबीना, ललितपुर, झाँसी नगर, महरौनी(अनुसूचित जाति), मऊरानीपुर(अनुसूचित जाति)|

Jhansi
      इस सीट से केंद्रीय मंत्री मंत्री उमा भारती सांसद है.

वर्तमान में इस सीट से केंद्रीय मंत्री मंत्री उमा भारती सांसद है.

झाँसी लोकसभा सीट अस्तित्व में आने के बाद से ही अनारक्षित रही है| 1952 में हुए चुनावों में कांग्रेस के रघुनाथ विनायक धुलेकर ने जीत दर्ज की|पहले आमचुनाव के वक़्त यह सीट यूपी की 28वीं लोकसभा सीट थी| 1952 से 1977 तक छुए पांच आम चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की| 1977 में अपनी छठीं जीत तलाशती कांग्रेस का विजयी रथ भारतीय लोकदल की सुशीला नायर ने रोका| सुशीला नायर महात्मा गाँधी के सचिव और चिकित्सक प्यारेलाल नायर की छोटी बहन थी| 1980 में कांग्रेस(आई) के विश्वनाथ शर्मा और 1984 में कांग्रेस के सुजान सिंह बुन्देला ने जीत दर्ज की| 1989 से 1999 भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री यहाँ से चार बार चुने गए| पांचवी जीत की उम्मीद लगाए बीजेपी के राजेंद्र अग्निहोत्री को 1999 के आमचुनावों में कांग्रेस के बुन्देला ने हराकर उनकी उम्मीदों पर पानी फ़ेर दिया| 2004 में समाजवादी पार्टी बहुजन समाजवादी पार्टी को हराकर इस सीट पर पहली बार जीती| 2009 में प्रदीप जैन आदित्य ने जीत दर्ज करके झाँसी की सीट पर कांग्रेस की वापसी करवाई| वर्तमान में इस सीट से स्वच्छता और पेयजल मंत्री उमा भारती सांसद है| सोलहवीं लोकसभा में इन्होने 16 बहसों में हिस्सा लिया है और यह किसी भी स्थाई समिति की सदस्य नहीं है|

लोकसभा वर्ष पार्टी नाम
पहली 1952 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस रघुनाथ विनायक धुलेकर
दूसरी 1957 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुशीला नायर
तीसरी 1962 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुशीला नायर
चौथी 1967 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुशीला नायर
पांचवीं 1971 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गोविन्ददास
छठीं 1977 भारतीय लोकदल सुशीला नायर
सातवीं 1980 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस(आई) विश्वनाथ शर्मा
आठवीं 1984 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुजान सिंह बुन्देला
नौवीं 1989 भारतीय जनता पार्टी राजेंद्र अग्निहोत्री
दसवीं 1991 भारतीय जनता पार्टी राजेंद्र अग्निहोत्री
ग्यारहवीं 1996 भारतीय जनता पार्टी राजेंद्र अग्निहोत्री
बारहवीं 1998 भारतीय जनता पार्टी राजेंद्र अग्निहोत्री
तेरहवीं 1999 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुजान सिंह बुन्देला
चौदहवीं 2004 समाजवादी पार्टी चंद्रपाल सिंह यादव
पंद्रहवीं 2009 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस प्रदीप जैन
सोलहवीं 2014 भारतीय जनता पार्टी उमा भारती
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