फैजाबाद- एक ऐसी जगह जो हमेशा से धर्म और राजनीति दोनों में प्रासंगिक रही है| कभी नवाब के समय में अवध क्षेत्र की राजधानी रहने वाला फ़ैज़ाबाद का नाम अब सुनते ही ‘राम मंदिर’ का मुद्दा ज़ेहन में आ जाता है| यहाँ शायद ही कोई चुनाव ऐसा हुआ हो जिसमे मंदिर का मुद्दा न उठा हो| फ़ैज़ाबाद धर्म-कर्म के साथ-साथ पर्यटन का भी केंद्र रहा है| इनमे मिलिट्री टेम्पल, गुप्तार घाट, राम की पैड़ी, दशरथ भवन और रामजन्म भूमि प्रमुख है| फ़ैज़ाबाद जिले का प्रशासनिक मुख्यालय फ़ैज़ाबाद शहर है|2,799 वर्ग किलोमीटर में फैले इस जिले में पांच तहसीलें है-

फ़ैज़ाबाद, मिल्कीपुर, रुदौली, बीकापुर, सोहावल|

2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ की आबादी 2,470,996 है जिनमे पुरुषों की संख्या 1,259,628 और महिलाओं की संख्या 1,211,368 है|  2001 से 2011 के बीच फ़ैज़ाबाद की आबादी में 18.29% की बढ़ोतरी हुई जबकि यही आंकड़ा 1991 से 2001 के बीच लगभग 24% था| 2001 में जहाँ उत्तर प्रदेश की आबादी के कुल 1.26% लोफ फ़ैज़ाबाद में रहते थे वहीँ 2011 में यह घटकर 1.24% हो गया है| 2001 में जहाँ इस क्षेत्र में प्रति 1000 पुरुषों पर 939 महिलायें थी वहीँ अब यह स्थिति बदलकर प्रति 100 पुरुषों पर 962 हो गई है|दिलचस्प बात यह है की ग्रामीण इलाकों की स्थिति शहरों से बढ़िया है| गाँवों में लिंगानुपात 974 जबकि शहरी क्षेत्र में 886 है| फ़ैज़ाबाद हमेशा से ही शिक्षा का भी केंद्र रहा है, 1975 से स्थापित अवध यूनिवर्सिटी और कुमारगंज की कृषि यूनिवर्सिटी इनमे प्रमुख है| क्षेत्र की औसत साक्षरता दर 68.73% है,बीतें एक दशक में इसमें लगभग 9% की बढ़ोतरी हुई है| फ़ैज़ाबाद शुरुआत से ही हिन्दू बहुल क्षेत्र रहा है, यहाँ की 84.75% आबादी हिन्दू धर्म में आस्था रखती है|

फ़ैज़ाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र यूपी की 80 लोकसभा सीटों में 54वें नंबर की सीट है| फ़ैज़ाबाद लोकसभा में उतरप्रदेश विधानसभा की पांच विधानसभा सीटें आती है-

दरियाबाद, बीकापुर, रुदौली, अयोध्या और मिल्कीपुर

इनमे मिल्कीपुर की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है|

Faizabad
वर्तमान में इस सीट से भाजपा के लल्लू सिंह सांसद है.

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1957 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुए| 1971 तक हुए सभी आमचुनाव कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीते| 1977 में कांग्रेस की नज़रें पांचवीं जीत पर थी| कांग्रेस की उम्मीदों पर भारतीय लोकदल के अंतराम जयसवाल ने जीत दराज करके पानी फ़ेर दिया| 1980 में कांग्रेस(आई), 1984 में कांग्रेस और 1989 में कम्युनिस्ट पार्टी के मित्र सेन ने इस सीट पर कब्ज़ा किया| 1991 में भारतीय जनता पार्टी के विनय कटियार ने भारतीय जनता पार्टी को फैज़ाबाद की सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी के मित्र सेन यादव को हराकर पहली जीत दिलाई| 1996 के आमचुनावों में विनय कटियार दोबारा जीते, इस बार उन्होंने समाजवादी के टिकट पर लड़ रहे मित्र सेन यादव को फिर से हराया| मित्र सेन यादव ने पिछली दोनों हारों का बदला 1998 के चुनावों में विनय कटियार को हराकर लिया| लगातार तीसरी जीत दर्ज करने से से चुके विनय कटियार ने 1999 का चुनाव जीतकर फिर से वापसी की| 2004 में बसपा और 2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जीत दर्ज की| वर्तमान में इस सीट से 2004 में फ़ैज़ाबाद सीट हार चुके भाजपा के लल्लू सिंह सांसद है| वकालत की शिक्षा प्राप्त किये लल्लू सिंह पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए है| सोलहवीं लोकसभा में यह जल संसाधन सम्बन्धी मामलों की स्थाई समिति के सदस्य है| वर्त्तमान लोकसभा में इनकी उपस्थिति 92% है|

लोकसभा वर्ष पार्टी नाम
दूसरी 1957 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राजा राम मिश्रा
तीसरी 1962 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बृजवासी लाल
चौथी 1967 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राम कृष्णा सिन्हा
पांचवीं 1971 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राम कृष्णा सिन्हा
छठीं 1977 भारतीय लोकदल अनंतराम जयसवाल
सातवीं 1980 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस(आई) जयराम वर्मा
आठवीं 1984 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस डॉक्टर निर्मल खत्री
नौवीं 1989 कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया मित्रसेन यादव
दसवीं 1991 भारतीय जनता पार्टी विनय कटियार
ग्यारहवीं 1996 भारतीय जनता पार्टी विनय कटियार
बारहवीं 1998 समाजवादी पार्टी मित्रसेन यादव
तेरहवीं 1999 भारतीय जनता पार्टी विनय कटियार
चौदहवीं 2004 बहुजन समाज पार्टी मित्रसेन यादव
पंद्रहवीं 2009 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस डॉक्टर निर्मल खत्री
सोलहवीं 2014 भारतीय जनता पार्टी लल्लू सिंह
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