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IRCTC में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले 7 गिरफ्तार

STF Busted Fake Job Racket in IRCTC Seven Members Arrested

एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने आईआरसीटीसी में नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करके बेरोजगार नौजवानों से ठगी करने वाले गिरोह के 7 सदस्यों को आगरा कैण्ट रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार करने का दावा किया है। गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों के विरूद्व थाना सदर आगरा पर सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत अभियो पंजीकृत कराये जाने की कार्यवाही की जा रही है। अभियोग पंजीकृत होने के उपरान्त आगे की कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जायेगी।

मुख्य क्षेत्रीय प्रबन्धक ने दी थी एसटीएफ को सूचना

मुख्य क्षेत्रीय प्रबन्धक, आईआरसीटीसी लखनऊ द्वारा एसटीएफ उप्र के संज्ञान में लाया गया कि संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा आईआरसीटीसी में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करके कोई गैंग बेरोजगार नौजवानों को ठग रहा है, जिसमें सहयोग प्रदान किये जाने हेतु पुलिस महानिरीक्षक,एसटीएफ द्वारा अभिषेक सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ लखनऊ को निर्देशित किया गया। एसएसपी एसटीएफ ने एसटीएफ फील्ड इकाई आगरा को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके अनुपालन में राजीव नाराण मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ गौतमबुद्धनगर/ मेरठ/आगरा के निर्देशों के अनुक्रम में श्याम कान्त, पुलिस उपाधीक्षक, के नेतृत्व वाली एसटीएफ फील्ड इकाई, आगरा द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।

एसटीएफ आगरा की टीमें कर रही थी काम

अभिसूचना संकलन के दौरान मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त होने पर एसटीएफ फील्ड इकाई, आगरा की टीमें पुलिस उपाधीक्षक श्याम कान्त तथा प्रभारी निरीक्षक हरीष वर्धन सिंह के संयुक्त नेतृत्व में गुरुवार को जनपद आगरा क्षेत्र मे कैण्ट रेलवे स्टेशन आगरा के पास से प्राप्त सूचना के आधार पर ठोस जमीनी कार्यवाही करके इस गिरोह के 7 सक्रिय सदस्यों को अपनी व्यवसायिक दक्षता एवं कार्य कौशल के आधार पर गिरफ्तार किया गया।

कई पदों पर के लिए जारी करते थे फर्जी नियुक्तिपत्र

गिरफ्तार किये गये गैंग के सदस्यों द्वारा गहन पूछताछ करने पर इनके द्वारा स्वीकार किया गया कि यह लोग आईआरसीटीसी में भर्ती कराये जाने के नाम पर छोटे शहरो के बेरोजगार नौजवानो को अपने जाल में फंसाकर उनसे आईआरसीटीसी में नियुक्ति हेतु कूट रचित तरीके से बुकिंग क्लर्क, स्पीकर एनाउन्समेन्ट तथा कुक पद के लिये तैयार किये गये आवेदन पत्रों को भरवाकर उनसे 6 से 7 लाख की धनराशि ऐंठकर उनको कूटरचित आफरिंग लैटर तथा नियुक्ति पत्र प्रदान करते थे। इन कूटरचित आफरिंग लैटर तथा नियुक्ति पत्र पर लाभार्थी का नाम, पता दिनांक इम्पलाईमेन्ट नोटिस तथा आईआरटीसी का लोगो (LOGO) जिस पर फर्जी तरीके से स्कैन किया हुआ आईआरटीसी मेैनेजर आगरा के हस्ताक्षर बने हुये होते हैं।

अपने परिचय के किसी व्यक्ति के जरिये फंसाते थे शिकार

अपराध कारित करने के लिये सर्वप्रथम यह गैंग छोटे शहरो में अपने परिचय के किसी व्यक्ति के माध्यम से बेरोजगार लोगो को निशाना बनाते थे, इस क्रम मे सबसे पहले इनका व्यक्ति/एजेन्ट बेरोजगार युवाओं से रेलवे में नियुक्ति के नाम से उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर उनसे रू. 1000 प्रति आवेदन पत्र भरवाते थे। यह जिम्मेदारी मनोज कुमार श्रीवास्तव पुत्र मिजाजी लाल निवासी ग्राम पटौर थाना सौरिख जनपद कन्नौज तथा दिनेश चन्द्र पुत्र स्व. रामशरण निवासी मो. बहनपुरा नई बस्ती थाना छिबरामऊ जनपद कन्नौज द्वारा निभायी जाती थी। तदोपरांत आफरिंग लैटर/पोस्टिंग लैटर जोकि अजय कुमार शाह पुत्र मेघनाथ शाह निवासी ग्राम चढ़वा थाना रसूलपुर जनपद छपरा (बिहार) तथा प्रिन्स कुमार तिवारी पुत्र वीर बहादुर तिवारी निवासी ग्राम विष्णुपुर मटियारवाॅ थाना पहाड़पुर जनपद पूर्वी चम्पारन (बिहार) फरार अभियुक्त केडी तथा गुड्डू (वाॅछित) के सहयोग से तैयार करके केडी की मेल आईडी से प्रिन्स की मेल आईडी पर मंगवाया जाते थे, फिर इनको एकत्रित करके उनको हार्ड कापी के रूप में जितेन्द्र पुत्र सीताराम निवासी ग्राम करमली चक थाना बाईपास जनपद पटना (बिहार) को देते थे। फिर गु्रप के सदस्य यथा कुंजन कुमार पुत्र विनय कुमार निवासी बी/180 पीसी कालौनी कंकड बाग जनपद पटना (बिहार) तथा साकेत बिहारी पुत्र विपिन बिहारी निवासी ग्राम पंडोई थाना पारस बिद्या जनपद जहानाबाद (बिहार) इन प्राप्त आवेदन पत्रों की संरीक्षा (स्क्रूटनी) आफरिंग लैटर तथा नियुक्ति पत्रों से करते थे।

आईआरसीटीसी के आफिस के नीचे देते थे ज्वाइनिंग लेटर

इसके पश्चात् ग्रुप के सभी सदस्य यथा अजय, जितेन्द्र, प्रिन्स, साकेत, कुंजन कुमार, तथा फरार अभियुक्त केडी और गुड्डू निर्णय लेते हुये अन्तिम रूप से तैयार किये गये कूटरचित नियुक्ति पत्र अपने एजेन्ट यथा मनोज व दिनेश निवासी उपरोक्त को वितरित कराये जाने हेतु उपलब्ध करा देते थे। जिसके एवज में इनके एजेन्ट प्रति व्यक्ति निर्धारित की गयी धनराशि जो कि लाखों मे होती है, उसकी वसूली के लिये लगाये जाते थे। नियुक्ति पत्र प्रदान करने से पूर्व आवेदकों को एजेन्ट मनोज व दिनेश दिल्ली ले जाते थे, जहाॅ बारहखम्बा स्थित आईआरसीटीसी के आफिस के नीचे इन आवेदको को एकत्र किया था, जहाॅ पर आफिस के नीचे रोड की साईड पर साकेत, कुंन्जन, प्रिन्स, जितेन्द्र, अजय, केडी तथा गुड्डू अधिकारी बनकर इनकी ब्रीफिंग करते थे। ब्रीफिंग में निर्धारित तिथि को ज्वाईनिंग के लिये आने तथा तयशुदा रकम की सुपुर्दगी के लिये कहा जाता था। ग्रुप द्वारा ज्वाईनिंग का स्थान आगरा निर्धारित किया गया था।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

1- मनोज कुमार श्रीवास्तव पुत्र मिजाजी लाल निवासी ग्राम पटौर थाना सौरिख जनपद कन्नौज।
2- दिनेश चन्द्र पुत्र स्व. रामशरण निवासी मो. बहनपुरा नई बस्ती थाना छिबरामऊ जनपद कन्नौज।
3- कुंजन कुमार पुत्र विनय कुमार निवासी बी/180 पीसी कालौनी कंकड बाग जनपद पटना (बिहार)।
4- साकेत बिहारी पुत्र विपिन बिहारी निवासी ग्राम पंडोई थाना पारस बिद्या जनपद जहानाबाद (बिहार)।
5- प्रिन्स कुमार तिवारी पुत्र वीर बहादुर तिवारी निवासी ग्राम विष्णुपुर मटियारवाॅ थाना पहाड़पुर जनपद पूर्वी चम्पारन (बिहार)।
6- जितेन्द्र पुत्र सीताराम निवासी ग्राम करमलीचक थाना बाईपास जनपद पटना (बिहार)।
7- अजय कुमार शाह पुत्र मेघनाथ शाह निवासी ग्राम चढ़वा थाना रसूलपुर जनपद छपरा (बिहार)।

फरार अभियुक्तगण

केडी व गुड्डू पिता का नाम व पता अज्ञात।

ये सामान हुआ बरामदगी

1- कूटरचित नियुक्ति पत्र 18।
2- आफरिंग लैटर 17।
3- डिस्पैच लिफाफे 8।
4- रूपया 38,400 नकद।
5- रूपया 12,82,000(बारह लाख बयासी हजार मात्र) मूल्य के 6 चेक।
6- पैन कार्ड,आधार कार्ड, वोटर आईडी।
7- मोबाइल फोन।
8- कूटरचित आफरिंग लैटर की प्रतिलिपियाॅ।
9- ई-मेल आईडी जिनका उपयोग गैंग द्वारा कूटरचित आफरिंग/पोस्टिंग लैटर मंगाने के लिये किया जाता था।
Princ4king 2015/gmail.com
Spectrumb4u/gmail.com
Singh kdsingh 798/gmail.com
ramayanicomputers/gmail.com
10- आईआरटीसी में नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र 11.

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Reporter : STF Busted Fake Job Racket in IRCTC Seven Members Arrested

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