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सुप्रीमकोर्ट की गाइड लाइन को ठेंगा दिखा रहे स्कूल और जिम्मेदार अधिकारी

kushinagar accident: supreme court guidelines for school vehicle

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला में गुरुवार सुबह डिवाइन पब्लिक स्कूल की ओवरलोड वैनड्राइवर की लापरवाही से गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन (55075) से जा टकराई। इसके चलते एक भयावह हादसा हो गया। मानव रहित रेलवे क्रासिंग पार करते समय ड्राइवर की लापरवाही से ड्राइवर सहित 13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 12 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो ड्राइवर इयरफोन लगाकर मोबाईल पर बात कर रहा था इसके चलते उसने ट्रेन नहीं देख पाई और हादसा हो गया। इस दुखद हादसे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी दुःख व्यक्त किया है।

ये कोई पहले हादसा नहीं है। इससे पहले एटा जिले में भी ड्राइवर की लापरवाही के चलते कई मासूमों की जान जा चुकी है। यूपी में लगातार हो रहे सड़क हादसों में मारे जा रहे बेगुनाह बच्चों क्या कसूर है इसकी किसी को कोई फिक्र नहीं है। प्रदेश के सैकड़ों स्कूलों में हजारों की संख्या में स्कूल वाहन खटारा हो चुके हैं। इतना ही नहीं स्कूल में लगे वाहन पैसों के लालच में मानकों और सुप्रीमकोर्ट के आदेशों को ताक पर रखकर वाहनों में ठूंस-ठूंसकर बच्चों को ढो रहे हैं। कोई हादसा होने के बाद जिम्मेदार एक दो दिन तक अभियान चलाते हैं, लेकिन फिर ये अभियान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर ठंडे बस्ते में चला जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी कर रखी हैं ये गाइडलाइन

➡बसों में स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर लिखा होना चाहिए।
➡बसों का उपयोग स्कूली गतिविधियों व परिवहन के लिए ही किया जाएगा।
➡वाहन पर पीला रंग हो जिसके बीच में नीले रंग की पट्टी पर स्कूल का नाम होना चाहिए।
➡वाहन चालक को न्यूनतम पांच वर्ष का वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए।
➡बसों में जीपीएस डिवाइस लगी होनी चाहिए ताकि ड्राइवर को कोहरे व धुंध में भी रास्ते का पता चल सके।
➡सीट के नीचे बस्ते रखने की व्यवस्था।
➡बस में अग्निशमन यंत्र रखा हो।
➡बस में कंडक्टर का होना भी अनिवार्य।
➡बस के दरवाजे तालेयुक्त होने चाहिए।
➡बस में प्राथमिक उपचार के लिए फस्ट ऐड बॉक्स उपलब्ध हो।
➡बसों की खिड़कियों में आड़ी पट्टियां (ग्रिल) लगी हो।
➡स्कूली बस में ड्राइवर व कंडक्टर के साथ उनका नाम व मोबाइल नंबर लिखा हो।
➡बस के अंदर सीसीटीवी भी इंस्टॉल होना चाहिए ताकि बस के अंदर की दुर्घटना के बारे में पता लगाया जा सके
➡स्कूली वाहन के रूप में चलने वाले पेट्रोल ऑटो में पांच, डीजल ऑटो में आठ, वैन में 10 से 12, मिनी बस में 28 से 32 और बड़ी बस में ड्राइवर सहित 45 विद्यार्थियों को ही सवार कर सकते हैं।
➡किसी भी ड्राइवर को रखने से पहले उसका वेरिफिकेशन कराना जरूरी है।
➡बस चालक के अलावा एक और बस चालक साथ में होना जरूरी।
➡चालक का कोई चालान नहीं होना चाहिए और न ही उसके खिलाफ कोई मामला हो।
➡बसों में बैग रखने के लिए सीट के नीचे व्यवस्था होनी चाहिए।
➡बसों में टीचर हो, जो बच्चों पर नजर रखेे।

वैन में ओवरलोडिंग करके बच्चों को स्कूल ले जा रहा था ड्राइवर

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह डिवाइन पब्लिक स्कूल की ओवरलोड वैन 21 बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। तभी विशुनपुरा थाने के दुदही रेलवे क्रासिंग के पास थावे-बढनी पैसेन्जर से उसकी टक्कर हो गई। हादसे के वक्त ट्रेन तो निकल गई लेकिन हादसे से हाहाकार मच गया। राहगीर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और अधिकारी पहुंचे उन्होंने ने मृत बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में वैन का ड्राइवर भी बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के साथ विशुनपुरा थाने की पुलिस बचाव कार्य में जुटी हुई थी।

चारो तरफ मचा हाहाकार

हादसे की सूचना पर बच्चों के घरों में कोहराम मचा हुआ हुआ है। अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए और बच्चों की लाशें देख दहाड़ मारकर फूट-फूट कर रोने लगे। घटनास्थल से लेकर मृत बच्चों के घरों, अस्पताल सहित हर इलाके में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुछ लोगों का कहना है कि दुदही क्रासिंग पर कोई भी गेटमैन तैनात नहीं था, जिसके कारण ये हादसा हुआ। हालांकि रेलवे ने इसे नकारते हुए कहा कि गेटमैन ने ड्राइवर को रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं रुका। सीएम ने गोरखपुर के कमिश्‍नर को इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं।

10 साल से भी कम उम्र के थे बच्चे

चश्मदीद ने बताया कि यह हादसा सुबह 6.15 से 6.30 के बीच हुआ। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग इक्ट्ठा हुए तो देखा स्कूल वैन गड्ढे में गिरी हुई थी। आनन-फानन में कुछ लोगों ने इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी और घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल वैन में सवार ज्यादातर बच्चे 10 साल या उससे कम उम्र के थे। एडिनशल एसपी (कुशीनगर) हरिगोविंद मिश्रा ने घटना में मृतक बच्‍चों और घायलों के बारे में पुष्टि की। मृतकों में ड्राइवर भी शामिल है।

काफी देर तक मौका-ए-वारदात पर नहीं पहुंचे रेलवे अधिकारी

हादसे के बाद स्थानीय लोगों के साथ विशुनपुरा थाने की पुलिस बचाव कार्य में जुटी रही। बताया जा रहा है कि हादसे की जानकारी मिलने के 2 से 3 घंटे बाद भी कोई रेलवे का अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों ने रेलवे पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस क्रॉसिंग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। कुछ लोगों ने बताया कि इस क्रॉसिंग पर गार्ड तैनात करने और लाइन लगवाने के लिए कई बार प्रशासन से आग्राह किया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।

“कुशीनगर, उतर प्रदेश में मासूम बच्चों को ले जा रही बस की दुर्घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवारों तथा घायल हुए लोगों, ख़ासकर बच्चों के साथ हैं – राष्ट्रपति कोविन्द”

सीएम ने जताया गहरा दुःख

इस दुखद घटना में सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा है कि “कुशीनगर जिले में हुए दुर्भाग्यपूर्ण ट्रेन दुर्घटना में स्कूली बच्चों की मृत्यु पर गहरा दुःख पंहुचा। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को संबल देने की प्रार्थना करता हूँ। दुर्घटना से प्रभावित लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने व हर सम्भव मदद करने के निर्देश दिए हैं।” सीएम योगी खुद मृत बच्चों के परिवार से मिलने के लिए कुशीनगर पहुंचे। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने पीड़ित परिवार वालों को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया है।

दो-दो लाख मुआवजे का एलान

वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने ट्वीट कर कहा कि कुशीनगर में स्कूल वैन व ट्रेन दुर्घटना के संबंध में राहत एवं बचाव कार्य हेतु मौके पर वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं, सरकार पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। सरकार घायलों के इलाज के साथ मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देगी। दुर्घटना की जांच गोरखपुर कमिश्नर को सौंपी गई है।

11 बच्चों की मौत 7 घायल: एडीजी एलो

एडीजी कानून एवं व्यवस्था आनंद कुमार ने अपने बयान में कहा कि विशुनपुरा थाने के दुदही रेलवे क्रासिंग के पास डिवाइन पब्लिक स्कूल की वैन करीब 6:30 बजे क्रासिंग पार कर रही थी तभी अचानक थावे-बढनी पैसेन्जर आ गई। ट्रेन और वैन की टक्कर में 11 बच्चों की मौत हो गई जबकि 7 गंभीर रूप से घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारी मौके पर हैं जो कई बिंदुओं पर पड़ताल कर रहे हैं।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीजीपी

डीजीपी ओपी सिंह दुख जताते हुए कहा कि मौके पर स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन बचाव कार्य में जुटी हुई है। ये हादसा ड्राइवर की लापरवाही से हुआ है। डीजीपी ने अपने बयान में कहा कि वैन में ओवर लोडिंग थी। हादसे के वक्त वैन में 21 बच्चे सवार थे। डीजीपी ने 11 बच्चों की मौत की पुष्टि की है। डीजीपी ने कहा कि राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर भेजा गया है। डीजीपी ने कहा कि फिलहाल घायलों को उचित इलाज मिले इसकी व्यवस्था की जा रही है। गलती किसकी है यह जांच का विषय है। जांच के बाद जिम्मेदारी तय होगी और भविष्य में ऐसा हादसा न हो यह भी सुनिश्चित की जाएगी। डीजीपी ने कहा दोषियों को बख्सा नहीं जायेगा।

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