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जेल से छूटते ही जमीन कब्जाने पहुंचा श्याम बहार का तथाकथित मालिक, केस दर्ज

fir lodged against shyam bahar pan masala owner
लखनऊ श्याम बहार पान मसाला की नींव रखने वाले संजीव मिश्रा की मौत के बाद से उनकी व्यक्तिगत सम्पत्ति को हड़पने का कुचक्र रचने वाला राहुल मिश्रा जेल से छूटते ही राजधानी के मोहनलालगंज तहसील में अपने सगे भाई मृतक संजीव मिश्रा की सम्पत्ति कब्जाने पहुंच गया। (Shyam Bahar Pan Masala)
  • थाना गोसाईगंज के ग्राम रहमत नगर में संजीव मिश्रा ने बैनामे के जरिए जमीन खरीदी थी।
  • फ्राड के मामले में जेल से छूटते ही इस जमीन पर भी राहुल मिश्रा व अन्य लोगों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।
  • मृतक संजीव मिश्रा की पत्नी मीनाक्षी मिश्रा की शिकायत पर राहुल मिश्रा, मालती मिश्रा, सुबोध मिश्रा व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

काफी सम्पत्ति को बेच डाला था (Shyam Bahar Pan Masala)

  • संजीव मिश्रा की मौत के बाद से राहुल मिश्रा ने मालती मिश्रा व सुबोध मिश्रा व अन्य लोगों की मिली-भगत से संजीव मिश्रा की सम्पत्तियों को फर्जी वसीयत व रजिस्ट्री के द्वारा उसे रजिस्ट्रार आफिस के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिली-भगत करके असली साबित करके, संजीव मिश्रा की काफी सम्पत्ति को बेच डाला था।
  • प्रकरण की जानकारी होने पर संजीव मिश्रा की पत्नी मीनाक्षी मिश्रा ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की तो उप जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व निबंधक कार्यालय के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उक्त वसीयत फर्जी एवं जाली है।
  • फर्जी वसीयत को बड़े ही शातिराना तरीके से निबंधक कार्यालय के अभिलेखों में इस तरह शामिल कराया गया था कि वह बिल्कुल असली लगती थी। (Shyam Bahar Pan Masala)
  • हैरत की बात यह थी कि प्रमाणित प्रति निकलवाने पर भी फर्जी वसीयत ही निकलती थी।
  • उच्च अधिकारियों की जांच में वसीयत फर्जी साबित होने पर अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली वजीरगंज में गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए।
  • लेकिन आपराधिक मुकदमें दर्ज होने से पहले ही राहुल मिश्रा ने अन्य लोगों की मदद से इस फर्जी वसीयत के आधार पर मृतक संजीव मिश्रा की करोड़ों की सम्पत्ति बेच डाली।

अक्टूबर में किया गया था गिरफ्तार

  • मृतक संजीव मिश्रा की श्याम बहार गुटखा के ट्रेडमार्क को भी राहुल मिश्रा ने गलत हलफनामें के आधार पर हथिया लिया है।
  • जिसके संबंध में भी वजीरगंज कोतवाली में ही एक अन्य मुकदमा दर्ज है।
  • ज्ञात हो कि राहुल मिश्रा व उसके सहयोगी काफी समय से फरार चल रहे थे।
  • जिसमें न्यायालय द्वारा दो मुकदमों में गैर जमानतीय वारन्ट भी जारी किया गया था।
  • दिनांक 10 अक्तूबर 2017 को राहुल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया था, जोकि अभी हाल ही में जेल से छूटा है।

राहुल मिश्रा एवं अन्य सहयोगियों पर कुल सात मुकदमें दर्ज हैं

1. मु0अ0सं0 672/2016, थाना वजीरगंज।
2. मु0अ0सं0 401/2016, थाना वजीरगंज।
3. मु0अ0सं0 698/2016, थाना वजीरगंज।
4. मु0अ0सं0 334/2016, थाना अलीगंज।
5. मु0अ0सं0 66/2017, थाना अलीगंज।
6. मु0अ0सं0 193/2016, थाना तालकटोरा।
7. मु0अ0सं0 590/2016, थाना सरोजनी नगर।  (Shyam Bahar Pan Masala)
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