Home » राजनीतिक साहित्य

Tag : राजनीतिक साहित्य

व्यंग्य

व्यंग: चुनाव की ये बेला..

Krishnendra Rai
चुनाव की ये बेला  । दोषारोपण जारी  ।। उछालना कीचड़ । प्राथमिकता हमारी ।। भटक रहे मुद्दे । वादों की अनदेखी ? करना दो-दो हाथ