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नरेन्द्र मोदी के सांसद आदर्श ग्रामों का #RealityCheck (Star Rating : 0)

जय प्रकाश नारायण के जन्म दिवस के दिन प्रधान मंत्री के द्वारा शुरू की गयी सांसद आदर्श ग्राम योजना अपने 4 वर्ष पुरे कर चुकी है. आइये जानते हैं सांसदों द्वारा गोद लिए गाँव की ज़मीनी हकीकत.

शुरू करते हैं स्वयं प्रधान मंत्री द्वारा गोद लिए गाँव की. वाराणसी के सांसद नरेन्द्र मोदी अपने लोक सभा क्षेत्र के अब तक 3 गाँव गोद ले चुके हैं. पहले 2 गांवों की बात करे तो वहां की हालत में काफी सुधार हुये हैं. वहां सड़कों से ले कर बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त है.

जयापुर तो प्रदेश का पहला सोलर बिजली चालित गाँव बन चुका है. ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो, यहाँ स्कूल, पुस्तकालय बने हैं और वाई-फाई की व्यवस्था भी है. इस गाँव में पिछले 3 सालों में 3 राष्ट्रीयकृत गाँव, एक पोस्ट ऑफिस, 1 गौशाला, 16 बायो-टॉयलेट, हर ग्रामीण के लिए आधार कार्ड और जन-धन खाते, 2 ईंट भट्टी, पीने के पानी के लिए पंप लाइन, 25 किलो वाट के 2 सोलर पॉवर प्लांट, बालिका विद्यालय, आंगनबाड़ी, 2 बुनाई केंद्र, 200 सोलर लाइट और यात्री प्रतीक्षालय बनवाए जा चुके हैं. जयानगर में इस योजना के चलते सबसे तेज़ी से विकास हो रहा है.

पर इस सिक्के का दूसरा पहलु भी है. इन गांवों में अब भी महिला डिग्री कॉलेज, अस्पताल, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और रोज़गार के मौकों की बहुत ज़रूरत है. इन गांवों से अस्पताल और चिकित्सा केंद्र कई किलोमीटर दूर है.

नागेपुर में हालत जयानगर से भी ज्यादा बुरे हैं. वहां के लोग मानते हैं की नागेपुर में विकास उतना नहीं हुआ जितना जयानगर में हुआ. जयानगर के आगे नागेपुर को नज़रंदाज़ कर दिया गया.

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