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आदिवासी वोटर्स के वोट पाने के लिए बीजेपी की तैयारियां

BJP is working hard to get tribal voters votes

आदिवासी वोटर्स के वोट पाने के लिए बीजेपी की तैयारियां

  • पिछली कई करारी हारो के बाद बीजेपी ने अपनी तैयारियां की तेज
  • बीजेपी का अगला टारगेट: “आदिवासी वोटर्स”
  • आदिवासी वोटर्स के वोट पाने के लिए बीजेपी ने करीब 5000 निर्वाचित सदस्य ओडिशा में भेजे
  • फरवरी महीने से यह  निर्वाचित सदस्य ओडिशा में जुटेंगे
  • भाजपा की नयी रणनीति के अनुसार आदिवासी वोटर्स के वोट अपनी ओर करने का इरादा किया
  • छत्तीसगढ़ में भाजपा 29 रिजर्व सीटों में से मात्र तीन पर ही जीत दर्ज कर पायी.
  • देश में सारी जनजाति में से,  इसका एक तिहाई इसी राज्य में है.
  • वहीं दुसरे ओर राजस्थान और मध्यप्रदेश में रिजर्व सीट में से मात्र आधे पर ही भाजपा जीत पायी.
  • राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनो ही राज्यों में भाजपा की स्थिति खराब है.
  • पिछले चुनाव की तुलना में बहुत ही निराशाजनक है.
छत्तीसगढ़ में बीजेपी की स्थिति
  • छत्तीसगढ़ में अगर सीट शेयरिंग की बात करें 2008 में 65.5 थी ,वही यह 2013 में यह 37.9 था और 2018 तक यह घट कर मात्र 10.3 ही रह गयी
  • वोट शेयरिंग मे यह 2008 में 39.2 था, और 2013 में यह 38.6 हुआ, और 2018 में घट कर यह 32.3 हो गया.
मध्यप्रदेश में बीजेपी की स्थिति
  • मध्यप्रदेश में सीट शेयरिंग 2008 में 61.7 थी, वही 2013 में 66 प्रतिशत हुयी और 2018 में घटकर 34 प्रतिशत ही रह गए
  • वोट शेयरिंग की बात करें तो 2003 में 38.7, 2013 में बड़ कर 42.6 हुआ, लेकिन 2018 में फिर 38.9 हो गया.
राजस्थान में बीजेपी की स्थिति
  • राजस्थान में सीट शेयरिंग 2003 में 8 प्रतिशत थी , 2013 में 72 प्रतिशत  हो गयी, पर 2018 में फिर 36 प्रतिशत हो गया .
  • वोट शेयरिंग में 2003 में 26.9 प्रतिशत थी , 2013 में 41.5 प्रतिशत  हो गयी, और 2018 में 38.7 रहा.
  • इस स्थिति में भाजपा और उसकी मातृसंस्था आरएसएस दोनों ही जन जाती वोट को लेकर गंभीर हैं, क्योंकि यह पूरे देश की जनसंख्या का नौ प्रतिशत है.
  • जिन राज्यों में भाजपा ने सत्ता गंवाई है, उनके लिए यह चिंता का विषय है.
  • 90 के दशक तक आदिवासी वोटर कांग्रेस के साथ थे और उसके बाद उन्होंने भाजपा का रुख किया था,लेकिन इस चुनाव में वे भाजपा का साथ छोड़ते नजर आये हैं.
  • यही कारण है कि पार्टी उन्हें संजोकर रखने के लिए तत्पर है और नयी रणनीति बना रही है.
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Reporter : Uttar pradesh org desk

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