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विटामिन बी-12 की कमी से जूझ रहें हैं भारतीय!

Vasundhra

By: Vasundhra

Published on: Tue 01 Aug 2017 12:14 PM

Uttar Pradesh News Portal : विटामिन बी-12 की कमी से जूझ रहें हैं भारतीय!

भारतीयों में खानपान की सही आदत न होना और अनियमित दिनचर्या के कारण उनके शरीर में कई विटामिन्स की कमी पायी जाती है। हम सभी जानते हैं कि विटामिन हमारे आहार के महत्वपूर्ण घटक हैं और शरीर को ठीक से काम करने के लिए विभिन्न विटामिनों की जरूरत होती है। इनमें विटामिन बी12 का महत्वपूर्ण स्थान है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मुताबिक, भारतीय जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा विटामिन बी12 की कमी से जूझ रहा है।

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अवशोषित करने की क्षमता में आती है कमी

  • विटामिन बी-12 तंत्रिका ऊतकों के समुचित कार्य, मस्तिष्क और लाल रक्त कोशिकाओं के लिए आवश्यक है।
  • साथ ही ये डीएनए, आरएनए और न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन में भी मदद करता है।
  • इस विटामिन की लंबे समय तक कमी होने पर एनीमिया, थकान, स्मृति ह्रास,कब्ज और बांझपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • हालांकि, बी-12 की कमी की भरपाई की जा सकती है।
  • डॉक्टर्स के मुताबिक हर मिनट हमारा शरीर लाखों लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है।
  • हालांकि, ये कोशिकाएं विटामिन बी12 के बिना विकसित नहीं हो पातीं, फलस्वरूप एनीमिया की शिकायत हो सकती है।
  • ऐसे शिशुओं में विटामिन बी-12 की कमी अक्सर हो जाती है, जो पूरी तरह से मां के दूध पर निर्भर करते हैं।
  • माँ के दूध के सिवा किसी तरह का बाहरी पोषण न लेने वाले शिशुओं में ऐसा होता है।
  • वहीँ शाकाहारियों में अक्सर इसकी कमी रहती है।
  • तनाव, भोजन करने की दोषपूर्ण आदतों, आनुवंशिक कारकों से बी12 का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता।
  • 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में खाद्य पदार्थो से इसे अवशोषित करने की क्षमता कम होती जाती है।
  • पानी में घुलनशील विटामिन होने से पानी का अपर्याप्त सेवन इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।
  • बी12 की कमी का पता रक्त के परीक्षण से चल सकता है, जैसे कि पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) और रक्त में विटामिन बी12 के स्तर के परीक्षण से।
  • फोलेट (एक अन्य बी विटामिन) के स्तर को आमतौर पर संबंधित स्थिति के लिए जांचा जाता है।
  • निदान के बाद, ऐसे व्यक्ति को आमतौर पर किसी विशेषज्ञ के पास भेजा जाता है।

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इन बातें को रखें ध्यान

  • शराब के अधिक सेवन से बचें। अधिक शराब पीने से जठरांत्र हो जाता है और आंतों के अस्तर को नुकसान पहुंचता है।
  • इससे विटामिन बी12 के अवशोषण में बाधा पहुंच सकती है।
  •  धूम्रपान छोड़ दें। यह पाया गया है कि आमतौर पर धूम्रपान करने वालों में सीरम विटामिन बी12 का स्तर कम होता है।
  • शाकाहारी भोजन में विटामिन बी12 की कमी रहती है। इसलिए बी12 युक्त मल्टीविटामिन लेना अच्छा रहता है।
  • इसके अलावा, सोया युक्त खाद्य पदार्थ लें और विटामिन बी12 की अधिकता वाले आहार लें।
  • अपने आहार में विटामिन बी6 को शामिल करें।
  • यह विटामिन बी12 के अवशोषण और भंडारण में मदद करेगा।
  • पालक, अखरोट, अंडे और केला आदि बी6 के अच्छे स्रोत हैं।

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Vasundhra

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