International nurse day founder of modern nursing birthday today
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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस आज : इनके बिना अधूरा है मेडिकल प्रोफेशन!

Deepti Chaurasia

By: Deepti Chaurasia

Published on: Fri 12 May 2017 12:41 PM

Uttar Pradesh News Portal : अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस आज : इनके बिना अधूरा है मेडिकल प्रोफेशन!

नर्स कहिए, सिस्टर कहिए या उपचारिका, है तो ये एक पेशेवर स्वास्थ्य कर्मी लेकिन हर पल बीमार, घायल और बूढ़ों की सेवा करने के लिए तैयार रहती है। ये प्यार और ममता के साथ मरीज़ की देखभाल करती हैं। मरीजों की रक्षा करने वाली और हौसला बढ़ाने वाली नर्स की क्या परिभाषा है यह आज जानना जरूरी नही है। जरूरी है आज उन्हें सम्मान देना, जो बिना भेदभाव और नि:स्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करती हैं। आज उनके सम्मान का दिन है। आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस है।

नर्स के बिना अधूरा है मेडिकल प्रोफेशन :

  • मेडिकल के क्षेत्र में जो नये-नये कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं उसमें नर्स की अहम भूमिका होती है।
  • नर्स के बिना आज भी मेडिकल प्रोफेशन के पूरे होने की कल्पना नही की जा सकती है।
  • जिस तरह से नर्स अपनी भूमिका को निभाते हुए मेडिकल के क्षेत्र में अपना योगदान देती है,
  • उनके इसी योगदान के लिए उन्हे आज के दिन सम्मान दिया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2017 समारोह का विषय है “Nursing: A voice to lead – Achieving the Sustainable Development Goals”।

नर्स दिवस के बारे में जानकारी :

  • अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की शुरुआत 12 मई 1965 से हुई।
  • जनवरी 1964 में इसे मनाने के लिए 12 मई का दिन चुना गया जिस दिन फ्लोरेंस नाइटेंगल का जन्मदिन है।
  • फ्लोरेंस नाइटेंगल को आधुनिक नर्सिंग की संस्‍थापक माना जाता है, इनका जन्म 12 मई 1820 को हुआ था।
  • अंतरराष्‍ट्रीय नर्सिंग परिषद्‌ द्‌वारा इस कार्यक्रम को भव्य रूप से मनाने के कई कारण हैं
  • जिनमें सुख्यत: लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के योगदान को और नर्सिंग सेवाओं में स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित नवाचारों की अधुनातन जानकारी देना है।
  • साथ ही इस मौके पर प्रत्येक वर्ष अंतरराष्‍ट्रीय नर्सिंग परिषद्‌ द्वारा International Nurses Day Kit तैयार की जाती है और वितरित की जाती है |
  • नर्सों की सराहनीय सेवा को मान्‍यता प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने अहम कदम उठाया था।
  • जिसके अंतर्गत परिवार एवं कल्‍याण मंत्रालय ने 1973 से राष्‍ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्‍कार की शुरुआत की।
  • प्रत्‍येक वर्ष 12 मई को राष्ट्रपति द्वारा फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्‍कार प्रदान किये जाते हैं।
  • इस पुरस्‍कार में 50 हज़ार रुपए नकद, एक प्रशस्ति पत्र और मेडल दिया जाता है।
Deepti Chaurasia

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