Home » हौसलों को उड़ने के लिए नहीं होती पंखों की जरूरत, मिसाल है पश्चिम बंगाल के तुहिन!
Top News

हौसलों को उड़ने के लिए नहीं होती पंखों की जरूरत, मिसाल है पश्चिम बंगाल के तुहिन!

inspirational boy tuhin

मंजिल उन्हीं को मिलती, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। यह साबित कर दिखाया है कक्षा 10 के एक छात्र ने। जो अपने शरीर का भार उठाने में असमर्थ है लेकिन दो बार राष्ट्रपति अवार्ड जीत चुका है।

इनके हौसलें को सलाम-

  • पश्चिम बंगाल के रहने वाले तुहिन कक्षा 10 के छात्र है और सेरीब्रल पाल्सी से पीड़ित है।
  • उनकी मांसपेशियां इतनी कमजोर है कि वो अपने शरीर का भार उठाने में भी असमर्थ है।
  • लेकिन इन मुश्किलों की बावजूद तुहिन सामान्य विद्यार्थियों के साथ पढ़ते हैं।
  • इतना ही नहीं तुहिन मोबाइल और कंप्यूटर भी ऑपरेट करते हैं।
  • जान कर हैरानी होगी कि तुहिन कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के बारे में सामान्य विद्यार्थियों से ज्यादा जानकारी रखते है।
  • बता दें कि अब तक तुहिन के 20 ऑपरेशन हो चुके है।
  • तुहिन के माता-पिता ने बताया कि बोर्ड नियमों के अनुसार तुहिन चाहे तो एग्जाम राइटर लगा सकते है, लेकिन वो खुद मुंह में पैन दबाकर लिखते है।
  • तुहिन मुंह से ही चैटिंग करते है और मोबाइल और लैपटॉप ऑपरेट करते है।
  • वर्ष 2012 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तुहिन को बेस्ट क्रिएटिव अवार्ड और वर्ष 2013 में एक्सेप्शनल अचीवमेंट अवार्ड दिया।
  • तुहिन कोटा में रहकर आईआईटी की तैयारी करेंगे।

यह भी पढ़ें: खेलने-कूदने की उम्र में इन बच्चों ने मनवाया अपनी प्रतिभा का लोहा!

UTTAR PRADESH NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें

Related posts

BJP राष्ट्रीय काउंसिल की बैठक में होगा सुरक्षा नीति पर बदलाव !

Shashank

विपक्ष के हंगामे के बाद दोनों सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित!

Kamal Tiwari

रामनाथ कोविंद को नेपाली राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दी बधाई!

Namita