23  Jan  2017

आखिर किसको मिलेगी समाजवादी पार्टी साइकिल ?

आखिर किसको मिलेगी समाजवादी पार्टी साइकिल ?

जनवरी 8, 2017 3:30 PM

सपा साईकिल पर सवारी करने के लिए जारी राजनीतिक लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही .समाजवादी साइकिल पार्टी को किस चौराहे पर लाकर खड़ा करे इसका कोई अंदाजा नहीं लग रहा है.उत्तर प्रदेश की समाजवादी साईकिल कभी टूटती तो कभी पंचर होती नजर आ रही है.

समस्याएं बहुत हैं, विकल्प भी हैं.

  • किसी ने कहा, दूसरी साईकिल लाई जाये.कोई बोला नेताजी को साईकिल का हैंडल थमा दिया जाये, टायर अखिलेश भैया संभाल लेंगे.
  • इतना सब कुछ हुआ पर उत्तर प्रदेश चुनावों में साईकिल की सवारी पर प्रश्न चिन्ह बरकरार रहा .
  • पार्टी के बुजुर्गों ने  इस राजनीतिक लड़ाई पर खूब रस्साकशी की.
  • पार्टी में विवाद फ़ैलाने के जुर्म में राम गोपाल यादव को पार्टी से निकाला गया.

    प्रेस वार्ता में आंसुओं का सैलाब आया और मुखिया जी पिघल गए.

  • निष्कासन वापस लिया गया. पार्टी में फिर मेल मिलाप हुआ.
  • अखिलेश का विकास रथ हिलोरे खाता उत्तर प्रदेश की सड़कों पर कार्यरत रहा.
  • मुकाबला चला अखिलेश भैया के विकास रथ और समाजवादी साईकिल  के बीच.
  • जैसे ही चुनाव नज़दीक आये परचम फैलाने के लिए साईकिल की मरम्मत शुरू हुई .

    बात मरम्मत की थी पर चाचा भतीजे में ठन गई.

  • मेरी साईंकिल तेरी साईकिल का दौर शुरू हुआ.
  • चुनावों में टिकट बाँटनें से शुरू हुई बात तू -तू मैं -मैं तक पहुँच गई.
  • नेता जी को गुस्सा आया और कुश्ती का दांव खेला गया .
  • सपा सुप्रीमो की धोबी पछाड़ में रामगोपाल यादव और अखिलेश भैया खेमे से बाहर फेंकें गए.
  • समाजवादी दंगल की शुरुआत का आखिरकार एलान हुआ.
  • शिवपाल चाचा मुर्दाबाद और अखिलेश भैया मुर्दाबाद के बीच
  • चला रात भर का कार्यक्रम अगले दिन समाप्त हुआ.
  • मुलायम सिंह और मुलायम पड़े और बोले हमारी साईकिल एक है.
  • चाहे मैं सवारी करूँ या अखिलेश बबुआ.
  • इन सब के बीच शिवपाल चाचा को पता लग गया की भतीजे का वर्चस्व पार्टी में ज्यादा है.
  • प्रदेश भर में जुटे समर्थकों द्वारा भैया जिंदाबाद के नारों की गूँज
  •  चाचा के कानों तक आखिरकार पहुँच ही गई.
  • आजम खान ने चुनावों से पहले साईकिल  का सड़कों पर टेढ़ा मेढ़ा चलना
  • पार्टी के लिए खतरा बताया.दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी में अखिलेश ने

    अमर सिंह को विभीषण का दर्जा दिया और पार्टी में फूट डालने का आरोप लगाया.

  • समाजवादी साईकिल की रीढ़ माने जा रहे आज़म खान पर बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है.
  • प्रदेश में स्थित मुसलमानों का वोट पार्टी खाते में कैसे लाया जायेगा.
  • इसका ज़िम्मा आजम खान पर है. बाकी यादवों का समर्थन  तो अखिलेश भैया पहले से ही दबा कर रखें हैं.
  • अब कांग्रेस के राज कुमार राहुल गांधी की एंट्री होना बाकी है.
  • अटकले ये भी लगाई जा रही है .इस पार्टी विवाद के बीच
  • कांग्रेसी हाथ और समाजवादी साईकिल के बीच मधुर मिलन हो सकता है.
  • कांग्रेसी हाथ लगते ही समाजवादी साईंकिल कितनी दूर चलेगी अखिलेश भैया को इसका भी अंदाजा है.
  • समाजवादी नेताओं द्वारा पार्टी आयोग तक की दौड़ अभी भी जारी है.
  • स्थिति जस की तस है. तेरी साईकिल  मेरी साईकिल  या टेढ़ी साईंकिल  के बीच
  • समाजवादी पार्टी चुनावों में कितनी दूर तक जायेगी ये तो वक़्त ही बताएगा.
loading...
loading...

पिछला लेखसलमान ने महेश मांजरेकर को मराठी फिल्म के ट्रेलर के लिए दी बधाई!
अगला लेखतस्वीरें: घायलों को ट्रॉमा सेंटर देखने DIG के साथ पहुंचीं मंजिल!

About us | Contact us | Privacy Policy | Terms & Conditions