अखिलेश की लैपटॉप योजना में ‘अरबों का घोटाला’ बोला!

 April 26, 2017
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का पद भार संभालने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट समेत कई योजनाओं की जांच के आदेश दे दिए थे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की एक और ‘महत्वपूर्ण योजना’ की जांच के आदेश दे दिए हैं।

लैपटॉप वितरण योजना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वक्र दृष्टि:

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व समाजवादी सरकार की कई योजनाओं की जांच के आदेश दिए हैं।
  • इसी क्रम में पूर्व समाजवादी सरकार की एक और योजना पर मुख्यमंत्री योगी ने अपनी वक्र दृष्टि डाल दी है।
  • मुख्यमंत्री योगी ने सपा की लैपटॉप वितरण योजना के जांच के आदेश दे दिए हैं।

सपा ने खरीदे 15 लाख लैपटॉप, बांटे सिर्फ 6 लाख:

  • एक RTI के जवाब में यह जानकारी मिली की सपा ने करीब 15 लाख लैपटॉप खरीदे थे।
  • जिनमें से सिर्फ 6 लाख के आस-पास ही लैपटॉप को बांटा गया है।
  • अन्य लैपटॉप का क्या हुआ इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है।
  • वहीँ लैपटॉप योजना में गड़बड़ी की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री योगी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

सपा सरकार का अरबों का घोटाला:

  • समाजवादी सरकार ने साल 2012 से लेकर 2014 तक समाजवादी सरकार ने कुल 14 लाख 81 118 लैपटॉप की खरीद दिखाई।
  • वहीँ भाजपा सरकार के शपथ समारोह से तीन दिन पहले सरकार ने 13,490 रूपए के 71,875 नए लैपटॉप लिए थे।
  • जिसमें से करीब 6 लाख 11 हजार लैपटॉप का वितरण किया गया, बाकी अन्य करीब 9 लाख लैपटॉप के वितरण की जानकारी नहीं है।
  • एक लैपटॉप की कीमत यदि 13, 490 रुपये है तो इस हिसाब से बाकी बचे 9 लाख लैपटॉप की कीमत 12, 69, 67, 74, 510 रुपये हुई।
  • वितरण में गड़बड़ी के आधार पर लैपटॉप योजना पर सपा सरकार के सबसे बड़े घोटाले का आरोप लग गया है।

सपा सरकार की सबसे बड़ी योजना में धांधली:

  • अखिलेश सरकार के समय लैपटॉप योजना सबसे बड़ी योजनाओं में से एक थी।
  • जिसके बाद सपा की इस योजना में धांधली के आरोप लग गए हैं।
  • वहीँ प्राप्त जानकारी के मुताबिक जहाँ जितने लैपटॉप का डिस्ट्रीब्यूशन दिखाया गया, वहां उनके आधे लैपटॉप भी वितरित नहीं किये गए।
  • आगरा में 38, 615 डिस्ट्रीब्यूशन दिखाकर सिर्फ 16, 638 बांटे गए।
  • इलाहाबाद में 69, 395 दिखाकर सिर्फ 20, 341 लैपटॉप बांटे गए।
  • अम्बेडकरनगर में 40, 177 दिखाकर 7, 218 लैपटॉप बांटे गए।
  • अमेठी में 13, 165 दिखाकर 3, 820 लैपटॉप बांटे गए।
  • आजमगढ़, में 43, 011 दिखाकर 10, 099 लैपटॉप बांटे गए।
  • इटावा में 13, 415 दिखाकर 10, 645 लैपटॉप बांटे गए।
  • वाराणसी में 28, 680 दिखाकर 15, 410 लैपटॉप बांटे गए।
  • कन्नौज में 13, 831 दिखाकर 5, 605 लैपटॉप बांटे गए।

डाटा अपडेट न होने का बहाना:

  • RTI एक्टिविस्ट शांतनु गुप्ता ने यह जानकरी हासिल की थी।
  • वहीँ डिस्ट्रीब्यूशन में इतने बड़े अंतर पर उन्हें जवाब दिया गया कि, डाटा अपडेट नहीं है।
  • जिस पर RTI एक्टिविस्ट ने कहा कि, यदि 100-150 लैपटॉप का अंतर होता तो माना जा सकता था।
  • लेकिन करीब 9 लाख से ऊपर इस संख्या का अपडेट होना संदेहात्मक है।
  • वहीँ समाजवादी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, सभी 15 लाख लैपटॉप को 2012-2015 के बीच वितरित कर दिया गया है।

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