वीडियो: सीएम ने दिया आश्वासन लेकिन खत्म नहीं होगा प्रदर्शन!

सोशल ऑडिट महासंघ के बैनर तले प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से आये सैकड़ो कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी पिछले नौ दिनों से लक्षमण मेला मैदान में डेरा जमाये बैठे हैं।

  • धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनका प्रतिनिधि मंडल बुधवार को सीएम आदित्यनाथ योगी से मिला।
  • सीएम ने उन्हें 48 घंटे में उनकी मांगें पूरी होने का आश्वासन दिया है।
  • लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जबतक हमें लिखित आदेश नहीं मिलेगा तब तक लगातार प्रदर्शन जारी रहेगा।

यह है संगठन की मांगे

  • संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र यादव ने बताया कि कि संगठन पिछले कई दिनों से 3 सूत्रीय मांगों के लेकर धरना दे रहा है।
  • इनमें 2 मई 2017 को प्रकाशित विज्ञप्ति निरस्त की जाये व वर्ष 2016-17 में चयनित सोशल ऑडिट सदस्यों का नवीनीकरण किया जाये।
  • सोशल ऑडिट चयनित सदस्यों को एक निर्धारित मानदेय का भुगतान प्रतिमाह किया जाये, ताकि वह अपने परिवार का भरण पोषण सही ढ़ंग से कर सकें।
  • इसके अलावा दूर दराज आने-जाने का और ग्राम सभाओं में बैठक कराने के लिए उचित भत्ता दिया जाये शामिल हैं।
  • उन्होंने कहा कि प्रशासन के संवेदनहीनता के चलते महासंघ की मांगों से किनारा किये हुए है।
  • बता दें कि पिछले दिनों यह प्रदर्शनकारी विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन कर चुके हैं।
  • इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हुई थी।

EVM में गड़बड़ी के मामले में जायेंगे कोर्ट- मायावती!

चुनाव में हार के बाद बसपा चीफ मायावती ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ने EVM में गड़बड़ी कर चुनाव जीता है. मायावती ने चुनाव आयोग से भी इसकी शिकायत की थी लेकिन आयोग ने स्पष्ट किया था कि ऐसी कोई गड़बड़ी EVM में नहीं की गई और ना ही ऐसा कुछ संभव है. लेकिन मायावती ने लगातार EVM में गड़बड़ी की बात कही और महीने की 11 तारीख को काला दिवस मनाने की बात भी कही थी.

आज मायावती ने बीजेपी की सरकार पर भी हमला बोला. शपथ ग्रहण के अगले ही दिन मायावती ने योगी सरकार पर हमला बोल दिया है.

मायावती ने बीजेपी पर बोला हमला:

  • मायावती ने कहा कि आरएसएस के अजेंडे को बीजेपी आगे बढ़ा रही है .
  • बसपा चीफ ने कहा कि EVM में गड़बड़ी के मामले में कोर्ट जायेंगे.
  • अगले दो-तीन दिनों में इस मामले में कोर्ट में जाएगी पार्टी.
  • इसके अलावा मायावती ने बीजेपी के मेनिफेस्टो में किये गए वादों पर भी हमला बोला.
  • उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कहा था कि सरकार बनते ही किसानों का कर्ज माफ़ किया जायेगा.
  • इसके साथ ही सभी अवैध क़त्लखाने बंद किये जायेंगे.
  • मायावती ने कहा कि ये सब जुमले बनकर रह जायेंगे.
  • बीजेपी साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देती रही है.
  • उन्होंने कहा कि महंत को सीएम बनाकर बीजेपी ने अपना अजेंडा पूरा किया.
  • सपा के बाद बीजेपी के शासन में भी कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी.

बीजेपी विधायक दल की बैठक आज, कौन होगा मुख्यमंत्री?

उत्तरप्रदेश की जनता को आज नया मुख्यमंत्री मिल जायेगा. लेकिन ये सब इतना आसान नहीं होगा. बीजेपी को अभी भी मुख्यमंत्री का नाम तय करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. बीजेपी आलाकमान ने यूपी के मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षक के रूप में वेंकैया नायडू और भूपेन्द्र यादव को जिम्मा सौंपा है तो वहीँ बड़ी जिम्मेदारी ओम माथुर और सुनील बंसल को भी सौंपी गई है.

एक नजर उन नामों पर जो हैं रेस में आगे:

मनोज सिन्हा का नाम इस रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है लेकिन खुद मनोज सिन्हा अपने आप को सीएम की रेस में नहीं मानते हैं.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी खुद को सीएम की रेस में मानने से इंकार कर दिया है. उन्होंने ऐसी ख़बरों को बकवास कह दिया और कहा कि ये सब फालतू बातें हैं.

योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अटकलें तेज हैं और उनके समर्थक सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं जबकि योगी ने खुद को पार्टी का कार्यकर्ता बताया है और कहा है कि पार्टी आलाकमान इसका फैसला करेगा.

केशव प्रसाद मौर्य भी इसी कड़ी में एक दावेदार के रूप में देखे जा रहे हैं और इनको भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

इसके अलावा दिनेश शर्मा , सिद्धार्थनाथ सिंह , स्वतंत्रदेव सिंह, सतीश महाना और सुरेश खन्ना जैसे दिग्गजों के नाम भी इस रेस में बताये जा रहे हैं. लेकिन पीएम मोदी के मन की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि कई मौकों पर उनके फैसले ने चौंकाया है.

आधिकारिक पुष्टि होने तक सीएम को लेकर केवल कयास ही लगाये जा रहे हैं लेकिन उत्तरप्रदेश की जनता को इंतजार है कि कौन होगा यूपी का अगला मुख्यमंत्री.

ये होंगे यूपी के मुख्यमंत्री, लेंगे 19 मार्च को शपथ!

उत्तर प्रदेश चुनाव में भारी जीत दर्ज कर बीजेपी सत्ता में वापसी कर रही है. यूपी में सरकार बनाने की कवायदों के बीच मुख्यमंत्री के नाम को लेकर गहमागहमी रही है. यूपी में शपथ ग्रहण समारोह 19 मार्च को होगा और इसी दिन प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल जायेगा. शपथ ग्रहण समारोह स्मृति उपवन में आयोजित किया जायेगा.

19 मार्च को शपथ ले सकते हैं यूपी के मुख्यमंत्री:

  • 19 मार्च को शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जायेगा.
  • पूरा सरकारी अमला इस दौरान मौजूद रहेगा.
  • पीएम मोदी और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे.
  • बीजेपी शासित सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं.
  • कई महत्वपूर्ण व्यक्ति भी इस दौरान मौजूद रह सकते हैं.
  • मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है.
  • लेकिन पार्टी में मनोज सिन्हा के नाम को लेकर गंभीर चर्चा हुई है.
  • वहीँ कल बीजेपी विधायक दल की बैठक भी होनी है.
  • इस बैठक में औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुन लिया जायेगा और प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल जायेगा.
  • कमोवेश यही स्थिति उत्तराखंड में भी है जहाँ सीएम के नाम पर सहमति बननी बाकी है.
  • उत्तराखंड में त्रिवेंद्र रावत रेस में आगे चल रहे हैं.
  • हालाँकि यहाँ भी औपचारिक घोषणा का सभी को इंतजार है.

बता दें कि यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी ने भारी जीत दर्ज की थी और अब सरकार बनाने की कवायदें तेज हो गई हैं.

लोकभवन में बीजेपी विधायक दल की बैठक कल!

यूपी चुनाव में भारी जीत दर्ज करने वली बीजेपी ने अभी तक सीएम के नाम की घोषणा नहीं की है. 18 मार्च को इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है और यूपी को नया सीएम मिलने की उम्मीद है.

बीजेपी विधायकों की बैठक कल:

  • इस बीच कल बीजेपी के सभी चुने हुए विधायक लोकभवन में बैठक करेंगे.
  • ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद विधायक दल के नेता को लेकर आम सहमति बन जाएगी.
  • उत्तराखंड में भी कमोवेश यही स्थिति है और वहां भी सीएम के नाम को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है.
  • हालाँकि सूत्रों की मानें तो त्रिवेंद रावत को उत्तराखंड और मनोज सिन्हा को यूपी की कमान दिए जाने को लेकर पार्टी आलाकमान गंभीर है.
  • सूत्रों की मानें तो दोनों राज्यों के लिए इन दो नामों पर सहमति बन सकती है.

बता दें कि योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह के नामों के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या का नाम भी इस रेस में बताया जा रहा है तो वहीँ राजनाथ सिंह ने इसे बकवास बताया है. यूपी और उत्तराखंड में अभी तक पार्टी ने सीएम के चेहरे की घोषणा नहीं की है, जिसके बाद विपक्षी दल भी अब बीजेपी पर तंज कसते नजर आ रहे हैं.

पाकिस्तान की 11 वर्षीय बच्ची ने लिखा मोदी को बधाई पत्र!

प्रधानमन्त्री मोदी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी ने जो ऐतिहासिक जीत हासिल की है. उसपर दुनिया भर से सन्देश इसी सन्दर्भ में पाकिस्तान की एक ग्यारह वर्षीय लड़की ने प्रधानमन्त्री मोदी को पत्र लिख इस जीत पर बधाई दी है.

अकीदत नवीद ने लिखा पत्र

  • इस पत्र में में प्रधानमन्त्री मोदी की खूब तारीफ़ हुई है.
  • अकीदत नवीद  ने अपने पत्र में कहा है मेरे अब्बू ने कहा था.
  • दुनिया में दिल जीतना सबसे बड़ा काम होता है.
  • आपने तो पूरे हिन्दुस्तान का दिल जीत लिया है.

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर की अपील

  • नवीद ने प्रधानमन्त्री से भारत और पाकिस्तान के बीच जारी कटुता पर अपील की.
  • उन्होंने कहा अगर आप पाकिस्तान का दिल भी जीतना चाहते हैं तो.
  • आपको दोस्ती और शान्ति की बात करनी चाहिए.
  • दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच अच्छे ताल्लुकात बेहद ज़रूरी हैं.
  • दोनों देशों के बीच दूरियां खत्म होनी चाहिये.
  • हाथों में बंदूकों की जगह किताब होनी चाहिए.
  • अब ये हम पर है की हमें कौन सा रास्ता चुनना है.
  • हम गरीब लोगों की मदद भी कर सकते हैं
  • ये पत्र साफ़ ज़ाहिर कर रहा है प्रधानमन्त्री मोदी की हस्ती
  • केवल भारत में नहीं.भारत के बाहर भी लोकप्रिय हैं.
  • इस पत्र में बच्ची ने मोदी को उत्तर प्रदेश के चुनावों में शानदार जीत हासिल करने के लिए
  • बधाई दी है. साथ ही दोनों देशों में शान्ति वार्ता की बात कही है.

 

 

 

अखिलेश की हार के बाद शिवपाल खेलेंगे यह ‘बड़ा दांव’!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद से ही समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव में मिली इस करारी हार की समीक्षा शुरू कर दी है। अखिलेश यादव के चुनाव में असफल हो जाने के बाद सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जसवंतनगर से सपा विधायक शिवपाल यादव कुछ हैरान कर देने वाला कर सकते है।

अखिलेश विरोधियों का बढ़ाएंगे कद :

  • यूपी विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को सिर्फ 47 सीटें ही मिल पायी है।
  • इसके बाद से पार्टी के अंदर अखिलेश यादव के नेतृत्व पर कई तरह की बातें होने लगी है।
  • अब सूत्रों से खबर है कि शिवपाल यादव इस मौके को अच्छे तरह से खेलना चाहेंगे।
  • शिवपाल यादव अब अखिलेश यादव का विरोध करने वाले नेताओं को वापस से पार्टी में ला सकते है।
  • समाजवादी पार्टी में ऐसे कई नेता है जिन्हें अखिलेश यादव ने टिकट नहीं दिया इसी कारण वे पार्टी से दूर हो गए थे।
  • इसके अलावा सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को फिर से अध्यक्ष पद मिलने की भी बातें चल रही है।
  • शिवपाल यादव का भी कद बढ़ाये जाने की चर्चाएँ इस समय जोरों पर है।
  • 25 मार्च को समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक प्रस्तावित है।
  • इस बैठक में विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार की समीक्षा की जानी है।
  • पूरी उम्मीद है कि मुलायम को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद उसी दौरान अखिलेश वापस भी कर दें।

यूपी पुलिस में इनको मिलने जा रही प्रोन्नति, जारी हुई लिस्ट!

यूपी पुलिस महकमे ने दरोगा पद पर तैनात पुलिस वालों को होली का तोहफा दिया है। इस तोहफे में तहत 650 दारोगा की प्रन्नोति होने वाली है। वहीं उपनिरीक्षकों के खाली पड़े पदों को भरने की भी तैयारी कर ली गई है।

यूपी में 650 दरोगा बनेंगे इंस्पेक्टर

  • उत्तर प्रदेश में बार-बार पुलिस बल की कमी का मुद्दा उठता रहा है।
  • यूपी में चुनाव के बीच पुलिस महकमे में भर्ती भी एक बड़ा मुद्दा बना रहा।
  • वहीं चुनाव से ठीक पहले प्रदेश के कई थानों में दारोगाओं को प्रन्नोति दी गई थी,
  • ताकि चुनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
  • हालांकि अब यूपी पुलिस महकमा फोर्स को मजबूत करने में जुट गया है।
  • इसलिए जल्द ही 650 दरोगाओं को इंस्पेक्टर बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
  • इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने सीनियोरिटी लिस्ट भी जारी कर दी है।

उपनिरीक्षको के खाली पद भरेगे

  • यूपी पुलिस अब भी उपनिरीक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं।
  • ऐसे में सुरक्षा के मद्देनज़र उपनिरीक्षकों के पद भी भरे जाएंगे।
  • फिलहाल यूपी में 1071 उपनिरीक्षकों के पद भरे जाने हैं।
  • इसके लिए भी वरिष्ठा सूची जारी कर दी गई है।
  • इसमें लिस्ट में 2001 से 2005 बैच के उपनिरीक्षकों को शामिल किया गया है।

जालौन में इनकी प्रोन्नति

  • जालौन में तैनात 2001 व 2005 बैच के कई दरोगा इंस्पेक्टर बने हैं।
  • इनमें चन्द्र शेखर दुबे, मिथिलेश कुमार सिंह, अमित तिवारी, लाल बहादुर यादव,
  • हेमन्त कुमार, रजनीश बाबू कटियार, अनिल कुमार यादव, राम कुमार सिंह,
  • मनोज कुमार यादव का नाम शामिल है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें – यूपी CM उम्मीदवार घोषित होने के पहले ‘इस शख्स’ ने की पीएम मोदी से मुलाकात!

यूपी चुनाव में पीएम मोदी की धमाकेदार जीत की यह है 5 बड़ी वजह!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों का समापन हो चुका है और इसमें भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है और जल्द ही सरकार का निर्माण भी किया जाएगा। यूपी में बीजेपी की इस धमाकेदार जीत का मुख्य कारण पीएम नरेन्द्र मोदी रहे है। आज हम आपको पीएम मोदी के यूपी फ़तेह करने की इन वजह के बारे में बताने जा रहे है।

युवाओं ने किया भरोसा :

  • यूपी में अब तक 24.53 लाख युवाओं के नेता अखिलेश यादव ही बने हुए थे।
  • मगर अखिलेश सरकार में आयी रोजगार की समस्या सहित कई अन्य कारणों से युवओं का रूझान अखिलेश से मोदी की तरफ हुआ।
  • इसी कारण युवाओं ने अखिलेश की बजाय पीएम मोदी में अपना भरोसा जताया।

कत्लखानों का बंद होना :

  • यूपी चुनाव में भाजपा ने उतरते समय ही कहा था कि सरकार आने पर अवैध कत्लखाने बंद करा दिए जाएँगे।
  • आपको बता दें कि 2015 के दादरी काण्ड को सबसे ज्यादा बीजेपी ने ही बढ़ाया था।
  • इसी कारण प्रदेश के हिन्दू वोटर्स का सीधा वोट पीएम मोदी को मिला।

जीताऊ उम्मीदवारों को दिया टिकट :

  • भाजपा के लिए यह उत्तर प्रदेश का चुनाव काफी महत्वपूर्ण था।
  • 2019 के लोकसभा चुनावों के पहले यह भाजपा का एक तरह का रिहर्सल था।
  • इसी कारण भाजपा ने जीतने के लिए बाहरी दलों से भी आये नेताओं को टिकट देने में कोई हिचक नहीं दिखायी।

किसानों को किया केन्द्रित :

  • उत्तर प्रदेश में किसानों की हालातों से सभी वाकिफ है।
  • बीजेपी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और अपनी हर रैली में किसानों की हालत को मुद्दा बनाया।
  • खुद पीएम मोदी ने भी भाजपा सरकार बनने पर किसानों के कर्ज माफी की बात कही थी।

क़ानून व्यवस्था पर हमला :

  • यूपी सरकार में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को लेकर अखिलेश सरकार की काफी फजीहत हुई थी।
  • बीजेपी और पीएम मोदी ने अपनी रैलियों में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था।
  • इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोपी यादव सिंह को लेकर भी भाजपा ने अखिलेश सरकार पर हमला बोला था।