लखनऊ पुलिस ने जिस्मफरोशी करने वालों को छोड़ा, संरक्षण देने वालों को बचाया!

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कई पॉर्श इलाकों में मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट का संचालन किया जा रहा था, जिसके बाद पुलिस ने इन मसाज पार्लर में छापा मारा था। वहीँ मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के गुडवर्क का झूठ पकड़ा गया है।

सेक्स रैकेट चलाने वालों का मामूली धाराओं में चालान:

  • सूबे की राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट का धंधा चलाया जा रहा था।
  • UttarPradesh.Org द्वारा मामले की पूरी पड़ताल किये जाने के बाद लखनऊ पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाई थी।
  • पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कई मसाज पार्लर पर रेड मारी थी।
  • जिसके बाद पार्लर में काम करने वाली लड़कियों समेत पार्लर मालिकों को दबिश में गिरफ्तार किया गया था।
  • जिसके बाद लखनऊ पुलिस की एसएसपी की इस गुडवर्ड के लिए काफी तारीफ हुई थी।
  • लेकिन एसएसपी मंजिल सैनी के गुडवर्क की पोल खुल गयी है।
  • सेक्स रैकेट चलाने वालों को लखनऊ पुलिस ने मामूली धाराओं में चालान कर छोड़ दिया है।
  • साथ ही पकड़ी गयी लड़कियों को अश्लीलता करने के मामले में चालान कर छोड़ दिया गया।
  • रैकेट संचालन करने वालों पर धारा 151 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ये था पूरा मामला: स्टिंग ऑपरेशन: मसाज पार्लर की आड़ में जिश्मफरोशी का धंधा, पुलिस खामोश!

आरोपों के तहत क्यों नहीं दर्ज हुआ मुकदमा?:

  • सूबे की राजधानी लखनऊ में जिन मसाज पार्लर को छापा मारा गया था, उन पर देह-व्यापार के आरोप थे।
  • मामले में एसएसपी मंजिल सैनी ने सभी का मामूली धाराओं में चालान कर छोड़ दिया।
  • जिसके बाद सवाल ये उठता है कि, लखनऊ पुलिस ने मामले में जो आरोप लगे थे उनके आधार पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया?
  • हालाँकि मंजिल सैनी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि, छापा मारने के दौरान किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली थी।
  • ऐसा मान भी लिए जाए तो आरोपों के आधार पर FIR का दर्ज होना ही कानून है।
  • देह-व्यापार हो रहा था या नहीं इसका फैसला न्यायालय करता।
  • पुलिस की कार्रवाई के बाद यह कहा जा सकता है कि, लखनऊ पुलिस ने मामले को नया मोड़ देने की कोशिश की है।

डॉक्टर का ड्राइवर निकला क्लीनिक में हुई लूट का मास्टरमाइंड, 3 गिरफ्तार!

राजधानी के महानगर थाना क्षेत्र में केजीएमयू के रिटायर प्रोफेसर डॉ. रविदेव की क्लीनिक में लूटपाट करने के मामले में पुलिस ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों के पास से लूटी गयी नगदी व तिजोरी भी बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिले सुराग के आधार पर की है।

इनकी हुई गिरफ्तारी

  • एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि डॉ. रविदेव के क्लीनिक में लूट की वारदात को अंजाम देने वाला व घटना का मास्टमांड उनका ही निजी ड्राइवर विनोद यादव पुत्र नन्कु यादव है।
  • मूलरूप से थाना अतरौली जिला हरदोई निवासी विनोद के राजधानी में दो मकान हैं।
  • एक त्रिवेणी नगर अलीगंज व दूसरा कृष्णा कॉलोनी अलीगंज में है।
  • विनोद लम्बे समय से डॉ. की कार चलाता था।
  • जिसने अपने साथी मोनू चौहान पुत्र रमेश चौहान निवासी नन्दलाल का हाता थाना हसनगंज व दलगंजन पुत्र मन्नी सिंह निवासी हसनगंज के साथ मिलकर ही लूट की साजिश रची थी और तीनों ने मिलकर ही इस वारदात को अंजाम दिया था।
  • जिनके सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
  • आरोपियों के पास से लूटी हुई तिजोरी विनोद के कृष्णालोक कॉलोनी वाले घर में ही बरामद हुई।

यह था पूरा घटनाक्रम

  • एएसपी ट्रांसगोमती दुर्गेश कुमार ने बताया कि पुलिस गिरफ्त में आये तीनों आरोपियों पुलिस को बताया कि उन्होंने इस तिजोरी कुछ भी पैसा नहीं निकाला है।
  • वहीं पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गाड़ी भी बरामद की है।
  • बता दें कि महानगर के सेक्टर-सी निवासी डॉ. रविदेव का सी-780 में क्लीनिक है।
  • बीते 06 अप्रैल की रात 10 बजे अज्ञात बदमाशों ने उनके क्लीनिक के चौकीदार रामवृक्ष को बंधक बनाकर करीब पांच लाख रुपये लूट लिये थे।
  • इस घटना के बाद से क्राइम ब्रांच और महानगर थाने की टीम लगाई गयी थी।
  • पुलिस को कुछ फुटेज मिल गये थे जिसमें एक बदमाश का चेहरा साफ दिखाई दे रहा था।
  • इसके बाद हुई पड़ताल में पुलिस को काफी सुराग मिले।
  • इस आधार पर ही पुलिस ने उपरोक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

हमारी खबर का असर: IG जोन के कड़े निर्देश पर एसएसपी ने की कार्रवाई!

Uttarpradesh.org द्वारा खुलेआम ड्रग का कारोबार चलाये जाने का सनसनीखेज खुलासा किये जाने के बाद लखनऊ पुलिस की नींद खुली और आनन-फानन में लखनऊ पुलिस ने शहर के कई इलाकों में तलाशी अभियानी शुरू कर दिया.

IG जोन सतीश गणेश के निर्देश पर एसएसपी मंजिल सैनी ने कार्रवाई की और नशे के कारोबार में लिप्त सख्स को गिरफ्तार कर लिया. देर रात एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे सख्स को ड्रग के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है.

पूरा मामला:

  • वीडियो में दिखाया गया था कि राजधानी के बाजारखाला थानाक्षेत्र स्थित सीओ कार्यालय के पास ऐशबाग पुल के मवइया इलाके की मछली मण्डी के आस-पास की है यहां खुलेआम गांजा, चरस और स्मैक की बिक्री की जाती है।
  • यहां के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस के संरक्षण में अवैध कारोबार फैला हुआ है।
  • युवा ही नहीं बुजुर्ग भी नशे में दिन भर टल्ली रहते हैं।
  • इस क्षेत्र में पान की गुमटियों पर स्मैक और गांजा बेचा जा रहा है।
  • आरोप यह भी है कि क्षेत्र में सेक्स रैकेट भी पुलिस के संरक्षण में चल रहा है।
  • नशे का यह काला कारोबार शहर में अलग-अलग इलाकों में जैसे अलीगंज, इंद्रानगर, गोमतीनगर, आलमबाग, मवईया पुल, चारबाग स्टेशन सहित दर्जनों स्थानों पर चल रहा है।
  • इसी तरह जानकीपुरम, गाजीपुर सब्जी मण्डी एवं निशातगंज पुल के आसपास के स्थानों पर इस समय गांजे का तस्करी जोरों पर चल रहा है।
  • नवयुवकों के जिन्दगी के साथ खिलवाड़ कर रहे इस गांजे एवं चरस के व्यापारियों पर अंकुश लगा पाने में पुलिस अस्मर्थ साबित हो रहे है।
  • नशे की लत के कारण युवा अपराध की घटनाओं को अंजाम भी दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंखे बंद करके बैठे हैं।

वीडियो: फर्रुखाबाद जेल में कैदियों ने किया पथराव!

फर्रुखाबाद की जिला में रविवार सुबह कैदियों ने हंमागा शुरू कर दिया। इस हंगामे ने जल्द ही विकराल रूप ले लिया और जेल में कैदियों ने बंदी रक्षकों पर भी धावा बोल दिया। वहीं मामले को शांत कराने की कोशिश कर रहे अधिकारियों पर कैदियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस पत्थरबाजी में अधिकारी सहित कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए।

अगले पेज पर देखें बवाल के तीन वीडियो

जेल में कैदियों का बवाल

  • जानकारी के अनुसार जेल में खाने को लेकर बंदी अचानक भड़क गये।
  • साथ ही कैदियों ने जेल प्रशासन पर रिश्त लेने का आरोप लगाया।
  • वहीं कैदियों ने जेल अस्पताल की लापरवाही के चलते भी भड़के हुए थे।
  • बंदियों ने जेल के अंदर रखे फर्नीचर में आग भी लगा दी है।
  • जब जेल अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें काबू करने की कोशिश की,
  • तो कैदियों ने उन पर पत्थबाजी शुरू कर दी।

  • पुलिस अधीक्षक सुभाष सिंह बघेल, एडीएम आर बी सोनकर, सिटी मजिस्ट्रेट शिव बहादुर सिंह पटेल, सीओ सिटी आलोक सिंह मौके पर पहुंचे थे।
  • पत्थरबाजी में घायल अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को लोहिया अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
  • जानकारी के अनुसार जेलर धर्म पाल सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
  • वहीं कैदियों ने उच्च अधिकारी बातचीत कर स्थिति को काबू करने की कोशिश कर रहे हैं।

वीडियो: जेल में कैसे गुजरेंगी गायत्री की रातें? कैदी अटपटे सवालों से कर सकते हैं परेशान!

1

आखिर राजधानी पुलिस ने गैंगरेप के आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। लेकिन नेताओं वाली हनक के साथ बंगले में रहने वाले गायत्री की जेल में काली रातें कैसे गुजरेंगी यह तो कल पता चल पायेगा। लेकिन सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद आज रात में गायत्री को नींद तो बड़ी मुश्किल से आने वाली है।

अगले पेज पर वीडियो के साथ पढ़िए किस बैरक में होगा ठिकाना:

कैदियों के अटपटे सवालों से परेशान हो सकता है गायत्री

  • गायत्री प्रसाद प्रजापति पर महिला के साथ गैंगरेप करने का आरोप है।
  • जेल सूत्रों के मुताबिक, इस आरोप में जब नए कैदी आते हैं तो उन्हें दस दिन मुलाहजा बैरक में रखा जाता है।
  • गायत्री को भी इसी बैरक में सामान्य कैदी की तरह रखा जायेगा।
  • उसे अन्य कैदियों की तरह ही जमीन पर सोना भी पड़ेगा और कैदियों वाला खाना भी खाना पड़ेगा।
  • इस दौरान आसपास की बैरकों में बंद कैदी उससे चुभने वाले अटपटे सवालों से परेशान कर सकते हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

  • गायत्री केस में एडीजी कानून एवं व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि महिला ने को आरोप लगाए थे इस मामले में जिन सात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज था उन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली गई है।
  • वहीं इस मामले में एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि गायत्री प्रसाद प्रजापति के बेटे को हिरासत में लेकर जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की इसके बाद से गायत्री कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर रहा था।
  • एसएसपी ने बताया कि गायत्री जिन नंबरों का प्रयोग कर रहा था उनके आधार पर पुलिस टीम उसके पीछे लगी थी।
  • उन्होंने बताया इसकी सूचना पुलिस को मिली तो उसे सुबह तड़के करीब 6:00 बजे आशियाना इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
  • हालांकि सूत्रों के मुताबिक कलकत्ता जाते समय पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर उसकी गिरफ्तरी की है।
  • उन्होंने बताया कि गायत्री की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
  • एसएसपी ने बताया कि गायत्री को मेडिकल के लिए लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे मेडिकल कराने के बाद गायत्री प्रजापति को जिला जज की कोर्ट में पेश किया गया।
  • इसके बाद उसे हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया जहां उसे कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस पूछताछ कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

सातों आरोपी हो चुके गिरफ्तार

  • यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने अब तक गैंगरेप के सातों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
  • इनमें पिछले दिनों यूपी एसटीएफ ने नोयडा से अशोक तिवारी और आशीष शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
  • जबकि गायत्री के गनर चंद्रपाल को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।
  • वहीं ऑपरेशन गायत्री के तहत लखनऊ पुलिस ने गायत्री के साथ नामजद 3 आरोपी रुपेश, विकास वर्मा, पिंटू उर्फ अमरेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया।
  • जबकि मंगलवार को ही पुलिस ने गायत्री के बेटे अनुराग प्रजापति और भतीजे अनिल प्रजापति को हिरासत में लिया था।
  • गायत्री के बेटे और भतीजे को भी हिरासत में लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ अपराधी को शरण देने के आरोप में आईपीसी की धारा 216 के तहत कार्रवाई की गई।
  • वहीं गायत्री की गिरफ्तारी के लिए पुलिस धारा 82, 83 के तहत उसकी चल अचल संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी कर रही थी।
  • इसकी दहशत में आकर गायत्री आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

महिला पार्षद ने लगाया था आरोप

  • बता दें कि परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत 7 लोगो के खिलाफ लखनऊ के थाना गौतमपल्ली में रेप, गैंगरेप और नाबालिग के साथ रेप के प्रयास का मामला दर्ज है।
  • सत्ता के प्रभाव से मामले में पुलिसिया कार्रवाई कछुए की चाल की तरह चल रही थी।
  • बता दें कि इस मामले में चित्रकूट जिले की एक पार्षद ने मंत्री गायत्री समेत उनके गुर्गों पर सामूहिक बलात्कार के साथ ही बेटी के साथ भी यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
  • इस मामले की शिकायत पीड़िता ने जनपद स्तर से लेकर सूबे के पुलिस अधिकारियो से की थी लेकिन मंत्री के दबाव के चलते आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
  • हालांकि इस मामले में सीबीसीआईडी की जांच चल रही थी।
  • लेकिन इस जांच से महिला संतुष्ठ नहीं थी।
  • इसके चलते आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट की मदद लेनी पड़ी थी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाईं थी इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था।
  • इस आदेश का पालन करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने विधिक राय लेने के बाद मौजूदा परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति समेत 7 लोगों के खिलाफ 18 फरवरी को गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
  • आरोपी मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंन्द्र पाल, रूपेश और आशीष शुक्ला के खिलाफ थाना गौतमपल्ली में अपराध संख्या 29/11 आईपीसी की धारा 376 डी महिला के साथ गैंग रेप, 376/511 महिला की बेटी के साथ रेप का प्रयास, 504,506 और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।
  • गायत्री की गिरफ्तारी ना होने से कोर्ट ने गैर जमानतीय वारंट भी जारी कर दिए थे।
  • पुलिस गायत्री की गिरफ्तारी के छापेमारी भी कर रही थी, लेकिन गायत्री अंडर ग्राउंड हो गया था।

1

पुलिस लाइन में 3 घण्टे दिए गए मतदान को लेकर महत्वपूर्ण टिप्स!

यूपी में तीसरे चरण के मतदान के लिए सभी जिलों में प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था कर ली है। इसी क्रम में शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन लखनऊ में जिलाधिकारी जयशंकर प्रियदर्शी, आईजी जोन लखनऊ ए. सतीश गणेश और एसएसपी मंजिल सैनी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मियों के साथ तीन घंटे की मीटिंग करके उन्हें चुनावी टिप्स दिए।

सभी अधिकारी रहे मौजूद

  • अधिकारियों ने दोपहर 13:00 बजे से 16:00 बजे तक पुलिस लाइन्स ग्राउण्ड में विधान सभा निर्वाचन के लिए आगामी 19 फरवरी को मतदान के सम्बन्ध में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों व चुनाव ड्यूटी हेतु बाहर से आये पैरामिलिट्री फोर्स/पीएसी बल की ब्रीफिंग की।
  • पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ जोन लखनऊ व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के द्वारा आगामी मतदान को सकुशल सम्पन्न करानें हेतु उचित दिशा-निर्देश दिये गये।
  • चुनाव प्रक्रिया के सम्बन्ध में विस्तार से सभी को अवगत कराया गया।
  • साथ ही मौजूद पुलिस/पैरामिलिट्री/पीएसी बल से समस्याओं की जानकारी लेकर समुचित समाधान किया गया।
  • ब्रीफिंग में पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ जोन, लखनऊ व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अतिरिक्त जिलाधिकारी लखनऊ,
  • पुलिस आब्जर्वर व जनपद के सभी अपर पुलिस अधीक्षक,
  • समस्त क्षेत्राधिकारीगण, सभी थाना प्रभारी व बाहर से आये पैरामिलिट्री फोर्स के कमाण्डेन्ट,
  • डिप्टी कमाण्डेन्ट व असिस्टेन्ट कमाण्डेन्ट इत्यादि लोग मौजूद रहे।

जेल में अचानक छापेमारी से मचा हड़कंप, काफी सामान बरामद!

यूपी चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के चलते लखनऊ के जिलाधिकारी जयशंकर प्रियदर्शी व एसपी मंजिल सैनी ने गोसाईगंज स्थित जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।

  • छापेमारी के दौरान कैदियों के पास तीन मोबाइल, चार्जर, के अलावा मुख्तार अंसारी की बैरक से लाइटर मिला।
  • वहीं अकील की बैरक में भी काफी सामान बरामद हुआ।
  • दो एसपी, 5 सीओ और 10 थानेदारों की अचानक छापेमारी से जेल प्रशासन के हाथ पैर फूल गये।
  • जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन को सख्त दिशा निर्देश जारी किये हैं।

सघन तलाशी के बाद भी जेल में कैसे पहुंचा सामान?

  • लखनऊ जेल में निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर अधिकारियों ने करागार में अपने लाउलस्कर के साथ अचानक छापामारी की।
  • अचानक हुई छापेमारी ने जेल प्रशासन की लापरवाही की पोल खोलकर रख दी।
  • तकरीबन दो घंटे तक अफसरों ने सघन चेकिंग अभियान जेल के भीतर चलाया।
  • इस दौरान विभिन्य बैरकों की तलाशी ली गयी।
  • अफसरों को जमीन में दबे हुये और पेड़ पर टंगे हुये तीन मोबाइल बरामद हुये।
  • इसके साथ ही साथ पांच चार्जर, ईयर फोन और खूंखार अपराधियों की बैराग से लाइटर समेत कई सामान बरामद हुए।
  • पुलिस ने इस सामान को जप्त कर लिया, आचार संहिता के दौरान जेल में मोबाइल और लाइटर मिलना जेल प्रशासन की मिली भगत की तरफ इशारा करता है।
  • अधिकारियों ने जेल प्रशासन से पूछा है कि यह सामान जेल के अंदर कैसे पहुंचा?

क्या कहते हैं जिम्मेदार

  • इस संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि पकड़े गये सामान के सम्बंध में जांच की जा रही है।
  • यह भी जांच का विषय है कि जेल गेट से लेकर अंदर तक कई जगह चेकिंग होने के बाद आखिर यह सामान जेल तक कैसे पंहुचे?
  • इसकी भी जांच की जायेगी, जेलकर्मियों की मिलीभगत से भी इंकार नही किया जा सकता।
  • उन्होंने बताया की यदि जेलकर्मी दोषी हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

ऑडियो: 8 साल से इंसाफ के लिए भटक रही रेप विक्टिम, अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर!

देश के तमाम थानों में कई ऐसे बलात्कार के मुकदमें दर्ज हैं जिनमें कोई कार्यवाई नहीं हो पायी है. पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होती है लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है. रसूखदारों की ऐसी धमक है कि पीड़िता का पक्ष सुनने के बाद भी पुलिस कोई गिरफ़्तारी करने से बचना चाहती है. अपराधियों पर नकेल कसने की जिम्मेदारी पुलिस की है लेकिन बलात्कार जैसे मामलों में पीड़िता को न्याय के लिए 8 साल से इंतजार हो तो मामले की गंभीरता समझी जा सकती है.

बलात्कार के बाद एसिड अटैक का हुई थी शिकार:

  • यूपी में एक महिला को कुछ दरिंदों द्वारा पहले हवस का शिकार बनाया गया.
  • बलात्कार के बाद महिला की पहचान मिटाने के लिए एसिड से जलाया गया.
  • मामले को अंजाम देने वाले आरोपी बड़ी ही आसानी से ज़मानत पर रिहा हो गए हैं.
  • आरोपी अपने दबदबे के कारण पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.
  • वहीँ पीड़िता का आरोप है कि मामले को जबरन रफा-दफा करने के लिए उस पर दबाव बनाया जाता रहा है.
  • यह मामला लखनऊ स्थित शेरोस हैंगआउट्स में काम करने वाली कमला( बदला हुआ नाम) का है.
  • छाँव फाउंडेशन के अंतर्गत काम करने वाली यह संस्था उन महिलाओं को सहारा देती है, जो अपना आत्मविश्वास खो चुकी हैं.
  • शेरोस हैंगआउट् में स्पीड पोस्ट द्वारा चिट्ठियाँ भेज डरा-धमका रहे हैं.
  • चिट्ठी में लिखा गया है कि पीड़िता को अपनी कंपनी से निकाल दो, नही तो पैसे वापस करवा दो, अगर ऐसा नहीं किया गया तो पीड़िता के शरीर में खून की जगह एसिड बहेगा.

पुलिस के लचर रवैये को पीड़िता ने बताया मुख्य कारण:

  • बलात्कार के बाद लगातार जान से मारने की धमकी मिलने के बाद भी सुरक्षा प्रदान नहीं की गई.
  • लखनऊ पुलिस के संज्ञान में मामला आया तो मुकदमा दर्ज कर लिया गया.
  • लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
  • पुलिस जाँच जारी होने की बात कर अपना पल्ला झाड़ती नजर आई है.
  • रेप पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसपर जबरन मामला वापस लेने और सुलह करने का दबाव बनाया जाता रहा है.
  • पीड़िता का कहना है कि आये दिन किसी अधिकारी या पुलिस थाने से फ़ोन आता है और पीड़िता को मिलने के लिए कहा जाता है.
  • पीड़िता ने आरोप लगाया कि जहाँ वो किराये के मकान में रहती है वहां भी कई बार कॉल आ चुकी है.
  • रेप पीड़िता मकान मालिक को भी धमकी दी गई और उन्हें थाने में हाजिर होने के लिए बार-बार कहा गया.

मानवाधिकार आयोग और SC/ST महिला विभाग ने भी नहीं की मदद:

  • पीड़िता का आरोप है कि SC/ST महिला विभाग के नाम पर उसको कई दफे कॉल आई.
  • पीड़िता से ऑफिस आकर मिलने के लिए कहा गया.
  • पीड़िता के इंकार के बाद उसके परिजनों को धमकाया गया.
  • पीड़िता ने दोबारा कॉल आने पर ये आग्रह किया कि उसके परिजनों को और रिश्तेदारों को धमकाया ना जाये.
  • साथ ही पीड़िता ने पुलिस के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाये हैं.
  • इस पीड़िता का कहना है कि पुलिस उन रसूखदार अपराधियों के साथ मिलकर केस को दबाना चाहती है.
  • साथ ही अनगिनत ऐसे कॉल पीड़िता को आते हैं, जो बेवजह परेशान करते हैं.
  • इस मामले में रायबरेली पुलिस की कार्यप्रणाली पर महिला ने सीधे पर सवाल उठाये.
  • मामला जब लखनऊ पुलिस के संज्ञान में आया तब इस मामले पर FIR की गई.
  • लेकिन अभी भी इस मामले में गिरफ़्तारी ना हो पाना पीड़िता के लिए परेशानी बना हुआ है.
  • इस पीड़ित महिला का कहना है कि पुलिस द्वारा कार्यवाही ना करने के कारण ही अपराधी आये दिन धमकी देते रहते हैं.

 

सीज की गई सपा विधायक की कार, वर्दी उतरवाने की दी थी धमकी!

राजधानी के हजरतगंज चौराहे पर सुल्तानपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक अनूप सांडा की पत्नी ने स्कूटी सवार महिला को टक्कर मार दी। महिला के विरोध करने पर जमकर हंगामा काटा।

गाड़ी की गई सीज

  • ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर के रोकने पर उसे खुब खरी खोटी सुनाते हुए वर्दी उतरवाने की धमकी तक दे डाली।
  • मामले को गंभीरता से लेेते हुए ट्रैफिक दारोगा हरेंद्र पासवान ने हजरतगंज कोतवाली को सूचना देकर महिला को थाने भिजवाया।
  • स्थानिय लोगों के अनुसार अनुप सांडा की पत्नी ने शराब पी रखी थी।
  • जानकारी के मुताबिक, शनिवार को सिकंदरबाग चौराहे पर पुलिसवालों से आधे घंटे तक लड़ी।
  • वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि महिला नशे में धुत थी और कार रोकने पर पैर पर चढ़ा दी।
  • वह खुद को समाजवादी पार्टी के एक दर्जन नेताओं का करीबी भी बता रही थी।
  • कार रोकने वाली दीपिका सिंह वीरांगना कॉप ने आरोप लगाया कि काली फिल्म लगी कार को रोकने के बाद महिला ने हंगामा किया।
  • खुद को विधायक की पत्नी बताने वाली महिला ने चालक को कार से उतार कर खुद गाड़ी चलाई और स्कूटी पर टक्कर मारते हुए वीरांगना के पैर पर चढ़ा दिया।
  • एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया महिला नेता की गाड़ी सीज कर दी गई है।