मुलायम के दत्तक पुत्र हैं गायत्री: साध्वी निरंजन ज्योति!

यूपी के फतेहपुर जिले के प्रेक्षागृह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आई केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि गायत्री प्रसाद प्रजापति मुलायम सिंह के दत्तक पुत्र हैं। वह कुछ भी कहें लेकिन हकीकत यही है।

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आजम खान पर भी बोला हमला

  • उन्होंने बिहार पर महागठबंधन टूटने के सवाल पर कहा कि नितीश की राजनीत अलग तरीके की हैं।
  • जब मतदान किया तो भाजपा के साथ थे।
  • बिहार में बेमेल गठबंधन हुआ था अगर टूटता है कोई आश्चर्य की बात नहीं हैं।
  • उन्होंने कहा कि ना भाजपा ने नितीश को निकला था ना उन्हें हटाया गया है।
  • भाजपा में उनके लिए खुला दरबार है।

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  • लालू को बौखलाहट क्यों हो रही पता नहीं उनके साथ क्या होने वाला हैं।
  • आजम खान द्वारा दिए गए बाबरी मस्जिद व राम मंदिर के बयान का कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजम खान के बयानों की मैं ज्यादा तबज्जो नहीं देती।
  • यह उनकी हार की बौखलाहट है, वह सिर्फ अब तमाशा देखें।

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  • उन्होंने जीएसटी का व्यापारियों द्वारा विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में जीएसटी लागू होते ही भ्रष्टाचार ख़त्म हो जायेगा।
  • व्यापारियों को थोड़ी दिक्कत होगी लेकिन उनका सहयोग सरकार करेगी।
  • टैक्स चोरी करना भी भ्रष्टाचार को बढ़वा देती है जिसके लिए सभी को सहयोग करना चाहिए।

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RTI : 8 साल में मात्र 10 IAS पर विभागीय कार्यवाही!

कार्मिक तथा प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के जन सूचना अधिकारी के श्रीनिवासन द्वारा आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर को दी गयी सूचना दिनांक 22 जून 2017 से यह तथ्य सामने आया है कि पिछले 08 सालों में पूरे देश में मात्र 08 (IAS officers) आईएएस अफसरों पर वृहत दंड तथा 02 आईएएस अफसर पर लघु दंड, अर्थात कुल 10 अफसरों पर विभिन्न दंड हेतु विभागीय कार्यवाही की गयी है।

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  • इनमे वर्ष 2010 में वृहत दंड हेतु 01, 2011 में वृहत दंड हेतु 02 तथा लघु दंड हेतु 01, 2012 में वृहत दंड हेतु 01, 2013 तथा 2014 में कोई नहीं, 2015 में वृहत दंड हेतु 03, 2016 में वृहत दंड हेतु 01 तथा 2017 में लघु दंड हेतु 01 विभागीय कार्यवाही सम्मिलित हैं।

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  • नूतन के अनुसार इतनी कम संख्या में कार्यवाही से यह साफ़ हो जाता है कि (IAS officers) आईएएस अफसर अपनी सेवा में कितने अधिक सुरक्षित हैं और तमाम गंभीर आरोपों के बाद भी उनके खिलाफ कितनी कम कार्यवाही होती है।

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राष्ट्रपति चुनाव पर बोले मुलायम, कहा ‘फिलहाल मैं कुछ कह नहीं सकता’!

आज देशभर में ईद का त्यौहार मनाया जा रहा है। आम जनता से लेकर सत्ता के गलियारों तक इस त्यौहार का खुमार छाया हुआ है। ईद के अवसर पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ऐशबाग ईदगाह पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और कश्मीर हालात पर अपना पक्ष रखा है।

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मुलायम ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारी पर दिया बयान :

  • आज ईद के अवसर समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ऐशबाग ईदगाह पहुंचे।
  • वहां उन्होंने आगामी 17 जुलाई हो ने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव पर अपना पक्ष रखा।
  • उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के बारे में कहा कि फिलहाल मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।

कश्मीर हालात से निपटने के लिए सेना को मिले छूट :

  • मुलायम सिंह यादव ने कश्मीर के हालात पर कहा कि वहां की समस्या और हालात से निपटने के लिए सेना को पूरी छूट दी जानी चाहिए।
  • कहा कि कश्मीर के हालात से निपटने और शांति बनाए रखने और अलगाववादियों से सख्ती से निपटने के लिए सेना को पूरी छूट मिलनी चाहिए।

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मुलायम अखिलेश दिखे जुदा-जुदा :

  • बता दें कि मुलायम से पहले उनके बेटे एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी ईदगाह पहुंचे थे।
  • गौरतलब है कि मुलायम और अखिलेश पड़ोसी हैं लेकिन पार्टी की कमान छीने जाने के बाद से दोनों के बीच बातचीत बंद है।

ईदगाह में सीएम योगी की गैर मौजूदगी पर उठाया सवाल :

  • अखिलेश यादव इस मौके पर ईदगाह में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाया।
  • कहा कि ईद के मौके पर यहां मुख्यमंत्री आते रहे हैं।
  • इस दौरान अखिलेश ने भी केन्द्र को सलाह दी है कि वह कश्मीर के हालात संभाले।
  • मुलायम, अखिलेश के साथ राज्यपाल राम नाईक और उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी ईदगाह पहुंचे और मुसलमानों को ईद की बधाई दी।

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योगी सरकार के काम को लेकर मुलायम सिंह का बयान!

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (mulayam singh yadav) ने योगी सरकार के काम-काज को लेकर बड़ा बयान दिया है. योगी सरकार के कामकाज को लेकर विरोधी दलों ने सवाल उठाये हैं. वहीँ मुलायम सिंह यादव ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

मुलायम सिंह यादव का बड़ा बयान:

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने आज ईद के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी. वहीँ उन्होंने योगी सरकार के कामकाज को लेकर भी बयान दिया.

  • मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सूबे में नई सरकार है.
  • इस सरकार को कम से कम 6 महीने का वक्त दिया जाना चाहिए.
  • 6 महीने के बाद योगी सरकार के काम पर कोई बयान देना उचित होगा.
  • कानून-व्यवस्था व अन्य मुद्दों पर भी उन्होंने सीधे हमला करने से परहेज किया.
  • एक तरफ अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर हमला कर रहे हैं.
  • वहीँ मुलायम सिंह यादव का ये बयान अखिलेश से मेल नहीं खाता है.
  • कुछ इसी प्रकार की बात शिवपाल यादव ने भी कही थी.
  • उन्होंने भी कहा था कि 6 महीने के बाद वो योगी सरकार के काम पर बात करेंगे।
  • बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी अखिलेश-मुलायम के बीच दूरी बनी हुई है.
  • अखिलेश यादव भाजपा उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं.
  • जबकि मुलायम सिंह यादव ने एनडीए उम्मीदवार के समर्थन के लिए हामी भर दी है.

RTI: गृह विभाग को नहीं थी कलक्ट्रेट में मारपीट की जानकारी!

16 दिसंबर 2016 को जहाँ डीएम कार्यालय के कर्मचारियों और वकीलों की मारपीट और पीसीएस हड़ताल से पूरा प्रदेश प्रभावित था, वहीं गृह विभाग (Home Dept) को इस बात में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी। यह खुलासा आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर द्वारा गृह विभाग से मांगी गयी एक सूचना से यह सामने आया है।

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प्रशासनिक व्यवस्था की खुली पोल

  • धीरेन्द्र कुमार, उप सचिव, गृह (पुलिस) अनुभाग-4 द्वारा दी गयी सूचना के अनुसार 16 दिसंबर 2016 को कर्मचारियों और वकीलों की मारपीट के विवाद से सम्बंधित कोई सूचना कार्यालय अभिलेखों के अनुसार प्राप्त होना नहीं पाया गया।

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  • इसी प्रकार इस घटना के बाद पीसीएस एसोसियेशन और अन्य कर्मचारी एसोसियेशन द्वारा विरोध स्वरुप हड़ताल पर जाने सम्बन्धी भी कोई अभिलेख गृह विभाग में उपलब्ध नहीं है।
  • नूतन ने कहा कि (Home Dept) यह सूचना प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलती है।

RTI: Home Dept

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राष्ट्रपति उम्मीदवार पर अखिलेश की नजरें!

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बनती-बिगड़ती रणनीति से समाजवादी पार्टी भी अछूती नहीं है. वहीँ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (akhilesh yadav) भी इस चुनाव पर नजरें जमाये हैं. वह जगह-जगह पर वक्तव्य देते हुए दिखाई दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया था कि पार्टी सभी से राय मशविरा करके किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में अपना समर्थन देगी.

भाजपा ने दलित कैंडिडेट उतारा है इस पर समाजवादी पार्टी का अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं देखने को मिला है. लेकिन यह माना जा रहा है कि भाजपा से दूरियां और कांग्रेस के नजदीकी रहने के कारण रामनाथपुरम के पक्ष में अखिलेश यादव शायद ही आएं.

भाजपा से दूरी और कांग्रेस पर जमीं नजरें:

  • अखिलेश यादव कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं कि कौन सा उम्मीदवार मैदान में आता है.
  • उम्मीदवारी को लेकर काफी बैठकों के बाद भी एक उम्मीदवार पर सहमति नहीं बन पायी थी.
  • भाजपा से कड़वाहट के कारण अखिलेश दूसरे खेमें में जा सकते हैं.
  • वहीं सपा संरक्षक द्वारा भाजपा के समर्थन में उतरने से थोड़ी मुश्किल बढ़ी है.
  • अखिलेश यादव अपने पत्ते अभी पूरी तरह नहीं खोल रहे हैं.
  • हालाँकि राज बब्बर ने संकेत दिया था कि रामनाथ कोविंद के समर्थन में कांग्रेस नहीं रहेगी.
  • कांग्रेस के साथ नजदीकियों के कारण अखिलेश भी उन्हीं की बोली बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं.

अन्य उम्मीदवारों पर मायावती की नजर!

देश के राष्ट्रपति का चुनाव अगले महीने होने जा रहा है. इसको लेकर यूपी की सियासत गरमाई हुई है. तमाम राजनीतिक दल अपने-अपने मनपसंद उम्मीदवारों के समर्थन में उतरकर आ रहे हैं. एनडीए ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. बिहार के वर्तमान राज्यपाल और राज्यसभा में 12 साल तक सांसद रहे रामनाथ कोविंद को बीजेपी ने मैदान में उतारा है. बीजेपी द्वारा रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मायावती (bsp supremo mayawati) का बयान आया था.

मायावती तलाश रही हैं विकल्प:

  • मायावती ने कहा था कि अगर और कोई दूसरा दलित उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरता है तो वह इनके पक्ष में समर्थन दे सकती हैं.
  • ऐसे उन्होंने संकेत दिए थे कि रामनाथ कोविद के पक्ष में नकारात्मक रूप अपनाने का कोई मतलब नहीं है.
  • अब इसको देखते हुए नए समीकरण तैयार किए जा रहे हैं.
  • अभी तक तो यह कहा जा रहा है कि बीजेपी ने दलित उम्मीदवार को उतारकर मास्टर स्ट्रोक खेला है.
  • लेकिन यह कितना कारगर साबित होगा यह आने वाले कुछ दिनों में मालूम हो जाएगा.
  • खुद को दलितों का नेता बताने वाली मायावती के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है.
  • मायावती वाला के दूसरे ऑप्शन की तलाश में जुटी हैं.
  • उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि रामनाथ कोविंद के सामने अगर कोई और दलित उम्मीदवार खड़ा होता है तो वह उसी को समर्थन देंगी.
  • ऐसे में अब यह कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति चुनाव भी जातिवादी समीकरणों पर ही खेला जा रहा है.
  • इनके उम्मीदवारों का चुनाव भी जातिगत तरीके से ही किया जा रहा है तो यह गलत नहीं होगा

मुलायम के समर्थन का कितना लाभ मिलेगा बीजेपी को!

अगले महीने की 17 तारीख को देश के राष्ट्रपति का चुनाव होगा.राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इसे देखते हुए नए राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर रणनीतियां बननी शुरू हो गई हैं. मुलायम सिंह (mulayam singh yadav) ने NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का संकेत दिया है. रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल हैं. वह 12 साल तक राज्यसभा में सांसद भी रहे हैं बीजेपी से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और यूपी से भी उनका संबंध है क्योंकि वह कानपुर के रहने वाले हैं.

सपा में कितना प्रभाव है अब मुलायम का:

  • ऐसे में यूपी में उनको लेकर क्या रुख अपनाया जा रहा है इस पर काफी चर्चा चल रही है.
  • सभी की नजरें इस वक्त जमी है यूपी पर.
  • जो भी तमाम राजनीतिक पार्टियां है वह किस प्रकार अपने पत्ते खोलती हैं.
  • लेकिन इससे पहले ही मुलायम सिंह यादव ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था.
  • कट्टर संघी उम्मीदवार नहीं रहता है मुलायम सिंह यादव एनडीए के पक्ष में अपना समर्थन दे सकते हैं.
  • अब यह स्पष्ट माना जा रहा है कि रामनाथ कोविंद का मुलायम सिंह यादव समर्थन करेंगे.
  • लेकिन अगर इसे समाजवादी पार्टी के तौर पर देखा जाए तो इसका कितना असर पड़ेगा.
  • हाल के दिनों में देखने में मिला है कि मुलायम सिंह यादव की राय कई मामलों में अखिलेश यादव से अलग रही है.
  • ऐसे में मुलायम सिंह यादव का समर्थन देना भाजपा के लिए कितना फायदेमंद होगा यह भी कहना जल्दबाजी होगी.
  • वहीँ सपा के लोगों पर मुलायम के इस बयान का कितना असर होगा.

अमिताभ ठाकुर मामला: रिकॉर्डिंग डिवाइस की होगी दोबारा जांच!

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मोबाइल फोन से दी गयी कथित धमकी के मामले में आज सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (Central Forensic Science Laboratory) ‘सीएफएसएल’ चंडीगढ़ ने विवेचक सीओ हजरतगंज अविनाश मिश्रा को मामले की जाँच हेतु बातचीत में प्रयुक्त हुए मूल रिकॉर्डिंग डिवाइस तथा मीडिया उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है.

ये था पूरा मामला-

  • 10 जुलाई साल 2015 को सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा कथित तौर पर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फ़ोन पर धमकी दी गई थी.
  • इस मामले में अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने बताया कि 10 जुलाई साल 2015 को मुलायम सिंह ने मंत्री गायत्री प्रजापति पर मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन फोन पर धमकी दी थी.
  •  उन्होंने कहा था कि मुलायम सिंह द्वारा धमकी मिलने के बाद हमने अगले दिन थाना हजरतगंज में इस घटना की शिकायत दी थी.
  • उन्होंने बताया कि राजनीतिक दबाव के चलते उसी रात उन दोनों के खिलाफ थाना गोमतीनगर में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही दो दिन बाद उन्हें अचानक निलंबित कर दिया गया था.
  • 13 जुलाई 2015 को अचानक दर्ज हुए इस केस में 18 महीने बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई थी.
  • जिसके बाद 26 फ़रवरी साल 2017 में मामले में कारवाई न होने से नाराज़ होकर स्वयं एसएसपी आवास पर गिरफ्तारी देने पहुंच गए थे.