तो इस बार CM आवास में नहीं होगी रोज़ा इफ़्तार पार्टी?

उत्तर प्रदेश की पूर्व सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हर साल रोज़ा इफ़्तार पार्टी (roza iftar party) का आयोजन पांच कालिदास मार्ग स्थित सीएम के सरकारी आवास में करते रहे। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इस बस सीएम के सरकारी आवास में रोज़ा इफ़्तार पार्टी नहीं होगी। अभी तक इसकी कोई सूचना नहीं आयी है कि इफ्तार पार्टी होगी या नहीं। 

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अखिलेश सरकार में होती रही है इफ़्तार पार्टी

  • बता दें कि पूर्व अखिलेश सरकार में पांच कालिदास मार्ग स्थित सीएम आवास में हर साल रोज़ा इफ़्तार पार्टी होती रही।
  • इस पार्टी में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाई और मुस्लिम धर्मगुरु शामिल होते रहे हैं।
  • रोजा इफ़्तार पार्टी में मुस्लिम ही नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में हिंदू भी शामिल होते रहे हैं।
  • इस पार्टी में सपा सरकार ने तमाम नेता और मंत्री भी शामिल होते रहे।
  • लेकिन इस बार विधान सभा चुनाव में सत्ता गंवा चुकी सपा सरकार ने 5 केडी में तो रोजा इफ़्तार पार्टी नहीं आयोजित कर पाई।
  • इसके चलते सीएम अखिलेश ने पिछले दिनों सपा के प्रदेश कार्यालय में रोज़ा इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया था।

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तो क्या डिप्टी सीएम करेंगे रोज़ा इफ़्तार

  • भले ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सीएम आवास में रोज़ा इफ़्तार पार्टी का आयोजन ना कर रहे हों, लेकिन क्या उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पार्टी करेंगे?
  • ऐसा माना जा रहा है कि डिप्टी सीएम रोज़ा इफ़्तार पार्टी कर सकते हैं।
  • क्योंकि डिप्टी सीएम जब सपा सरकार में लखनऊ के महापौर के पद पर थे वह रोजा इफ़्तार पार्टी में शामिल रह चुके हैं।

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ईद के दिन लखनऊ आ सकते राम नाथ कोविंद

  • भाजपा पार्टी के सूत्रों के अनुसार ईद के दिन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद लखनऊ आ सकते हैं।
  • ऐसा माना जा रहा है कि वह ईद में भी शामिल होंगे।
  • वैसे सीएम आवास पर रोज़ा इफ़्तार पार्टी ना होने से कुछ मुस्लिम नाराज़ भी देखने को मिल रहे हैं।
  • फ़िलहाल सीएम आवास में रोज़ा इफ़्तार पार्टी ना होने की चर्चा शहर ही नहीं यूपी भर में हो रही है।
  • अब देखना यह होगा कि सीएम आवास में रोजा इफ़्तार पार्टी होगी या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर शिवपाल का आया बयान!

देश के अगले राष्ट्रपति का चुनाव होने जा रहा है. इसको लेकर तमाम राजनीतिक दल अपने समीकरण बना रहे हैं. मुलायम सिंह यादव ने रामनाथ कोविंद का समर्थन करने की बात कही थी. लेकिन शिवपाल यादव (shivpal yadav) का भी राष्ट्रपति पद को लेकर बयान आया है.

राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर शिवपाल यादव का बयान:

  • सपा नेता ने कानपुर में रोजा इफ्तार पार्टी में शिरकत की थी.
  • बासमंडी में आयोजित इफ्तार पार्टी के बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी.
  • शिवपाल यादवने कहा कि राष्ट्रपति के चुनाव में जो नेता जी फैसला लेंगे वहीँ हम मानेंगे.
  • उन्होंने कहा कि समाजवादी मोर्चा का काम शुरु कर दिया गया है.
  • ईद के बाद पूरे प्रदेश में दौरा करके समाजवादी पार्टी से उपेक्षित किए गए पुराने कार्यकर्ताओं को जोडा जाएगा.
  • सही समय पर मोर्चे का गठन कर देगें.
  • सूबे की कानून व्यवस्था पर सवाल पूछने पर शिवपाल यादव ने कहा कि उन्होने प्रदेश सरकार को छह महीने की मोहलत दी है.
  • छह महीने का कार्यकाल पूरा होने तक सरकार के विरोध में कुछ नही बोलेंगे.
  • लेकिन जहां भी अन्याय होगा वहां लोगों को इन्साफ दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
  • उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कमजोर हुई है. इसलिए वह मोर्चा का गठऩ कर रहे हैं.
  • जितने उपेक्षित लोग हैं मोर्चे में इक्कठा कर बडी ताकत बन कर लडाई लडेंगे.

राष्ट्रपति उम्मीदवार पर अखिलेश की नजरें!

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बनती-बिगड़ती रणनीति से समाजवादी पार्टी भी अछूती नहीं है. वहीँ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (akhilesh yadav) भी इस चुनाव पर नजरें जमाये हैं. वह जगह-जगह पर वक्तव्य देते हुए दिखाई दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया था कि पार्टी सभी से राय मशविरा करके किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में अपना समर्थन देगी.

भाजपा ने दलित कैंडिडेट उतारा है इस पर समाजवादी पार्टी का अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं देखने को मिला है. लेकिन यह माना जा रहा है कि भाजपा से दूरियां और कांग्रेस के नजदीकी रहने के कारण रामनाथपुरम के पक्ष में अखिलेश यादव शायद ही आएं.

भाजपा से दूरी और कांग्रेस पर जमीं नजरें:

  • अखिलेश यादव कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं कि कौन सा उम्मीदवार मैदान में आता है.
  • उम्मीदवारी को लेकर काफी बैठकों के बाद भी एक उम्मीदवार पर सहमति नहीं बन पायी थी.
  • भाजपा से कड़वाहट के कारण अखिलेश दूसरे खेमें में जा सकते हैं.
  • वहीं सपा संरक्षक द्वारा भाजपा के समर्थन में उतरने से थोड़ी मुश्किल बढ़ी है.
  • अखिलेश यादव अपने पत्ते अभी पूरी तरह नहीं खोल रहे हैं.
  • हालाँकि राज बब्बर ने संकेत दिया था कि रामनाथ कोविंद के समर्थन में कांग्रेस नहीं रहेगी.
  • कांग्रेस के साथ नजदीकियों के कारण अखिलेश भी उन्हीं की बोली बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं.

अन्य उम्मीदवारों पर मायावती की नजर!

देश के राष्ट्रपति का चुनाव अगले महीने होने जा रहा है. इसको लेकर यूपी की सियासत गरमाई हुई है. तमाम राजनीतिक दल अपने-अपने मनपसंद उम्मीदवारों के समर्थन में उतरकर आ रहे हैं. एनडीए ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. बिहार के वर्तमान राज्यपाल और राज्यसभा में 12 साल तक सांसद रहे रामनाथ कोविंद को बीजेपी ने मैदान में उतारा है. बीजेपी द्वारा रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मायावती (bsp supremo mayawati) का बयान आया था.

मायावती तलाश रही हैं विकल्प:

  • मायावती ने कहा था कि अगर और कोई दूसरा दलित उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरता है तो वह इनके पक्ष में समर्थन दे सकती हैं.
  • ऐसे उन्होंने संकेत दिए थे कि रामनाथ कोविद के पक्ष में नकारात्मक रूप अपनाने का कोई मतलब नहीं है.
  • अब इसको देखते हुए नए समीकरण तैयार किए जा रहे हैं.
  • अभी तक तो यह कहा जा रहा है कि बीजेपी ने दलित उम्मीदवार को उतारकर मास्टर स्ट्रोक खेला है.
  • लेकिन यह कितना कारगर साबित होगा यह आने वाले कुछ दिनों में मालूम हो जाएगा.
  • खुद को दलितों का नेता बताने वाली मायावती के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है.
  • मायावती वाला के दूसरे ऑप्शन की तलाश में जुटी हैं.
  • उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि रामनाथ कोविंद के सामने अगर कोई और दलित उम्मीदवार खड़ा होता है तो वह उसी को समर्थन देंगी.
  • ऐसे में अब यह कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति चुनाव भी जातिवादी समीकरणों पर ही खेला जा रहा है.
  • इनके उम्मीदवारों का चुनाव भी जातिगत तरीके से ही किया जा रहा है तो यह गलत नहीं होगा

मुलायम के समर्थन का कितना लाभ मिलेगा बीजेपी को!

अगले महीने की 17 तारीख को देश के राष्ट्रपति का चुनाव होगा.राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इसे देखते हुए नए राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर रणनीतियां बननी शुरू हो गई हैं. मुलायम सिंह (mulayam singh yadav) ने NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का संकेत दिया है. रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल हैं. वह 12 साल तक राज्यसभा में सांसद भी रहे हैं बीजेपी से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और यूपी से भी उनका संबंध है क्योंकि वह कानपुर के रहने वाले हैं.

सपा में कितना प्रभाव है अब मुलायम का:

  • ऐसे में यूपी में उनको लेकर क्या रुख अपनाया जा रहा है इस पर काफी चर्चा चल रही है.
  • सभी की नजरें इस वक्त जमी है यूपी पर.
  • जो भी तमाम राजनीतिक पार्टियां है वह किस प्रकार अपने पत्ते खोलती हैं.
  • लेकिन इससे पहले ही मुलायम सिंह यादव ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था.
  • कट्टर संघी उम्मीदवार नहीं रहता है मुलायम सिंह यादव एनडीए के पक्ष में अपना समर्थन दे सकते हैं.
  • अब यह स्पष्ट माना जा रहा है कि रामनाथ कोविंद का मुलायम सिंह यादव समर्थन करेंगे.
  • लेकिन अगर इसे समाजवादी पार्टी के तौर पर देखा जाए तो इसका कितना असर पड़ेगा.
  • हाल के दिनों में देखने में मिला है कि मुलायम सिंह यादव की राय कई मामलों में अखिलेश यादव से अलग रही है.
  • ऐसे में मुलायम सिंह यादव का समर्थन देना भाजपा के लिए कितना फायदेमंद होगा यह भी कहना जल्दबाजी होगी.
  • वहीँ सपा के लोगों पर मुलायम के इस बयान का कितना असर होगा.

मुलायम के डिनर में शामिल होने पर स्वामी का आया बयान!

योग दिवस के मौके पर स्वामी प्रसाद मौर्या (swami prasad) बहराइच में थे. योग दिवस पर सपा के साइकिल अभियान पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी है.

स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि योग दिवस पर सपा ने साईकिल चला कर योग दिवस को स्वीकार किया। ये स्वागत योग्य कदम है. सीएम योगी के यहाँ भोज में शामिल होकर मुलायम सिंह ने अपना राष्ट्रीय धर्म निभाया है. अखिलेश की इफ्तार पार्टी में मुलायम के शामिल न होने पर कहा कि ये बाप-बेटे का मसाला है.

डिनर था बहाना, राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन था जुटाना:

  • सीएम योगी की मेजबानी में इस डिनर का आयोजन किया गया.
  • मुलायम सिंह यादव पहले ही सीएम आवास पर पहुंचे थे.
  • जबकि अखिलेश यादव इस डिनर पार्टी में शामिल नहीं हुए थे.
  • पीएम मोदी भी इस दौरान मौजूद रहे.
  • इस डिनर के जरिये राष्ट्रपति पद को लेकर नामित उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के नाम पर सहमति बनाना माना जा रहा था.
  • दलित कार्ड खेलकर बीजेपी ने मायावती के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है.
  • ऐसे में ये लड़ाई दिलचस्प होगी अगर कोई और उम्मीदवार मैदान में आया.
  • लिहाजा इस डिनर का एक अपना अलग महत्त्व है.
  • राष्टपति चुनाव को लेकर हर प्रकार से बीजेपी कोशिश में है कि कोविंद के नाम पर समर्थन बने.

राष्ट्रपति पद को लेकर ‘डिनर डिप्लोमेसी’!

पीएम नरेंद्र मोदी आज लखनऊ के दौरे पर हैं. पीएम AKTU और CDRI में कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद सीएम आवास पर रात्रिभोज में शामिल हुए. सीएम आवास पर पीएम (pm modi) के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया गया है.

इस रात्रिभोज में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों (former UP CMs)को भी आमंत्रित किया गया है. बसपा सुप्रीमो मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को भी आमंत्रण भेजा गया था. वहीं कई मुस्लिम धर्मगुरुओं को भी निमंत्रण भेजा गया था.

डिनर के बहाने राष्ट्रपति पद को लेकर बनेगी रणनीति!

  • डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी दीपक कुमार सीएम आवास पहुंचे.
  • सीएम योगी की मेजबानी में इस डिनर का आयोजन किया गया.
  • मुलायम सिंह यादव पहले ही सीएम आवास पहुंच चुके थे.
  • एडीजी सूर्य कुमार शुक्ला पहुँचे 5 केडी.
  • पीएम मोदी भी इस दौरान मौजूद रहे.
  • इस डिनर के जरिये राष्ट्रपति पद को लेकर नामित उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के नाम पर सहमति बनाना माना जा रहा है.
  • दलित कार्ड खेलकर बीजेपी ने मायावती के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है.
  • ऐसे में ये लड़ाई दिलचस्प होगी अगर कोई और उम्मीदवार मैदान में आया.
  • लिहाजा इस डिनर का एक अपना अलग महत्त्व है.
  • राष्टपति चुनाव को लेकर हर प्रकार से बीजेपी कोशिश में है कि कोविंद के नाम पर समर्थन बने.

सपा के लोग स्टेज पर नही साईकिल चलाकर घर पर करें योगा-अखिलेश यादव

बुधवार 21 जून को राजधानी लखनऊ साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में विश्व योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस दौरान पीएम मोदी भी लखनऊ में विश्व योग दिवस 2017 कार्यक्रममें शिरकत करेंगे. जहाँ वो सीएम योगी एवं अन्य मंत्रियों के साथ स्टेज पर योग करेंगे. इस पर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि ‘सपा के लोग स्टेज पर नही साईकिल चलाकर घर पर करें योगा.’

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ख़राब कर दी गयी है यूपी 100 की व्यवस्था-

  • यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आज बयान देते हुए कहा कि हमने अमेरिका की तर्ज पर पुलिस व्यवस्था देने का प्रयास किया.
  • लकिन पुलिस की यूपी 100 की व्यवस्था अब ख़राब कर दी गयी है.

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  • गौरतलब हो कि सीतापुर में लूट के दौरान व्यापारी की परिवार सहित हत्या कर दी गई थी.
  • इस मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा व्यापारी ट्रिपल मर्डर मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.
  • पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि व्यापारी ट्रिपल मर्डर मामले सरकार पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दे.

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रात्रिभोज के लिए यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को भेजा गया निमंत्रण!

पीएम नरेंद्र मोदी आज लखनऊ के दौरे पर आ रहे हैं. पीएम AKTU और CDRI में कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद सीएम आवास पर रात्रिभोज में शामिल होंगे। सीएम आवास पर पीएम के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया गया है. इस रात्रिभोज में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों (former UP CMs)को भी आमंत्रित किया गया है. बसपा सुप्रीमो मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को भी आमंत्रण भेजा गया है.

मुलायम सिंह यादव के इस रात्रिभोज में शामिल होने की संभावना है जबकि अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

पीएम करेंगे सीएम आवास पर डिनर:

  • PM  नरेंद्र मोदी लखनऊ प्रवास पर कई नए भवनों का लोकार्पण भी करेंगे.
  • AKTU, CDRI के नए भवनों का लोकार्पण पीएम मोदी करने वाले हैं.
  • इस दौरान एक रात्रिभोज का भी आयोजन किया जायेगा.
  • रात्रिभोज में आरएसएस के कई नेता भी शामिल होंगे.
  • इस दौरान दत्तात्रेय सहबोले कृष्ण गोपाल भी मौजूद रहेंगे.
  • डिनर का आयोजन २० जून को किया जायेगा.
  • भाजपा के संगठन मंत्री सुनील बंसल भी इस दौरान मौजूद रहेंगे.
  • डीएम और IG ने AKTU, CDRI का दौरा भी किया है.
  • लोकभवन में पीएम के विश्राम की व्यवस्था की की जाएगी.
  • पीएम नरेन्द्र मोदी लखनऊ 20 जून को पहुंचेंगे.