करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर पहुंची शटलर पीवी सिंधु!

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भारतीय शटलर पीवी सिंधु अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर पहुँच गई है. विश्व रैंकिंग में सिंधु दूसरे स्थान पर है. ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु ने हाल ही में इंडिया ओपन में कट्टर प्रतिद्वंद्वी कैरोलिना मरिन को 21-19 21-16 से मात दी थी. कैरोलिना मरिन ने 2016 ओलिंपिक में पीवी सिंधु को मात दी थी.

करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर पीवी सिंधु-

  • पीवी सिंधु अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर पहुँच गई है.
  • वर्ल्ड रैंकिंग में पीवी सिंधु ने दूसरे स्थान पर कब्ज़ा जमाया है.
  • अभी हाल ही में सिंधु ने इंडियन ओपन सुपर सीरीज खिताब जीता है.
  • इंडिया ओपन में सिंधु ने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कैरोलिना मरिन को 21-19 21-16 से मात दी थी.
  • बता दें कि चाइना ओपन के बाद यह भारतीय शटलर पीवी सिंधु का दूसरा सुपर-सीरीज टाइटल है.
  • इस जीत के बाद उनकी रैंकिंग में ज़बरदस्त उछाल तय मानी जा रही थी.
  • विश्व वरीयता प्राप्त भारतीय महिला शटलर पीवी सिंधु ने 2016 ओलिंपिक में महिला एकल बैडमिंटन में रजत पदक जीता था.
  • इसके अलावा पीवी सिंधु ने हांगकांग सुपर सीरीज़ में फाइनल में भी अपनी जगह बनाई थी.

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इंडस जल संधि विवाद पर भारत से दस सदस्यी दल पाकिस्तान रवाना!

एक दस सदस्यी भारतीय दल आज पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ है. इस्लामाबाद में कल से शुरू होने वाली इंडस जल सिन्धु पर एक बैठक में भाग लेने ये दल पाकिस्तान गया है. भारत की जल संधि कमिश्नर पी.के सक्सेना सहित विदेश मंत्रालय के अन्य सदस्य इस बैठक में भाग लेंगे.

द्विपक्षीय वार्ता पर तैयार भारत

  • एक अधिकारी ने इस मामले में बात करते हुए कहा भारत इस मामले पर
  • सदैव द्विपक्षीय वार्ता करने को तैयार है.
  • 57 साल इस पुरानी संधि पर भारत पीछे हटने को तैयार नहीं है.
  • ना ही वो अपने अधिकारों को छोड़ने को तैयार है.
  • इस मामले को लेकर भारत गंभीर है.

उरी आतंकी हमले के बाद से बातचीत बंद

  • इस मामले पर छह महीने बाद बैठक की जा रही है.
  • इससे पहले उरी आतंकी हमले होने के बाद इस मामले पर
  • भारत ने सख्त रुख अपनाया था.
  • भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पश्चिमी नदी का पानी 36 मिलियन एकड़ फीट में
  • स्टोर करने का निर्णय लिया है. सिंधु, झेलम और चेनाब पश्चिमी नदी के तहत आता है.
  • भारत के इस निर्णय से पाकिस्तान को सबक मिलेगा.
  • अब कल से शुरू होने वाली इस बैठक में क्या फैसला आता है.
  • दोनों पक्षों के लिए ये फैसला बहुत अहम होगा.

सिन्धु जल विवाद : भारत ने उठाया सख्त कदम,पाकिस्तान को मिलेगा सबक!

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सिन्धु जल विवाद और गरमाता नजर आ रह है. भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पश्चिमी नदी का पानी 36 मिलियन एकड़ फीट में स्टोर करने का निर्णय लिया है. सिंधु, झेलम और चेनाब पश्चिमी नदी के तहत आता है.भारत के इस निर्णय से पाकिस्तान को सबक मिलेगा.

मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की कोशिशें तेज

  • इस मामले में कश्मीर और पंजाब में एक अहम समझौता हुआ है.
  • शाहपुर कांडी बांध परियोजना पर दोबारा काम शुरू होने की परियोजना है.
  • यह बाँध गुरदासपुर जिले में स्थित है.
  • जब यह निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो पंजाब और कश्मीर स्थित जमीनों की
  • सिंचाई में जल उपयोगी होगा.इसके आलावा 206 मेगावॉट बिजली भी पैदा की जा सकेगी.

साल 1999 में शुरू हुआ था काम

  • इस प्रोजेक्ट पर साल 1999 में काम शुरू हुआ था.
  • साल 2014 में पंजाब और कश्मीर में हुए विवाद के बाद कार्य बंद कर दिया गया है.
  • प्लान के तहत निर्माण होने के बाद इंडस जल सिन्धु का पानी
  • पूरी तरह इस्तेमाल में लाया जा सकेगा.

क्या था सिन्धु नदी समझौता :

  • 1960 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तानी शासक अयूब खान में
  • समझौता हुआ था.इसके तहत सिंधु बेसिन में बहने वाली छह नदियों में से सतलुज, रावी और
  • ब्यास पर तो भारत का पूर्ण अधिकार है.वहीं पश्चिमी हिस्से की सिंधु, चेनाब और झेलम के
  • पानी का भारत सीमित इस्तेमाल कर सकता है.ऐसे में पहली नजर में तो ये लगता है कि
  • समझौता तोड़ने का फैसला पाकिस्तान को प्यासा मार सकता है .
  • हालांकि यह ये इतना आसान नहीं है क्यूकि ऐसा तय हुआ था कि
  • भारत सिंधु, झेलम और चिनाब पर बांध नहीं बनाएगा.
  • इस कारण भारत के सामने दिक्कत है कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने के लिए
  • बांध और कई नहरें बनानी होंगी.जिसमे बहुत वक्त और पैसा लगेगा
  • इसके अलावा इससे विस्थापन की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है.
  • इसके साथ ही पर्यावरण भी प्रभावित हो सकता है पर
  • पाकिस्तान इससे प्रभावित नहीं होगा ऐसा माना जा रहा है.
  • लेकिन अब स्थिति पलटती नजर आ रही है भारत ने इस निर्णय के तहत पाकिस्तान को
  • करारा जवाब दिया है. अब पाकिस्तान इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देता है ये देखने वाला होगा.

एशिया मिश्रित टीम चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में शामिल साइना और सिंधु

भारत की स्टार बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल और ओलंपिक में रजत पदक विजेता पीवी सिंधु को वियतनाम में होने वाली पहली एशिया मिश्रित टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह चैंपियनशिप 14 से 19 फरवरी तक वियतनाम में आयोजित होगी।

दोनों खिलाड़ी कर रहे हैं अच्छा प्रदर्शन-

  • साइना नेहवाल और पीवी सिंधु लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है।
  • पीवी सिंधु ने हाल ही में सैयद मोदी ग्रांपी खिताब अपने नाम किया है।
  • साइना नेहवाल ने मलेशिया मास्टर्स में खिताबी जीत हासिल की है।
  • समीर वर्मा का प्रदर्शन भी बेहतरीन रहा है।
  • समीर वर्मा ने सैयद मोदी ग्रांपी में समीर वर्मा गोल्ड विजेता रहे हैं।
  • इसके अलावा समीर हांगकांग सुपर सीरीज के फाइनल में पहुंचे थे।
  • इस मुकाबले में स्विस ओपन चैंपियन एचएस प्रणय के प्रदर्शन पर भी लोगों की निगाहें रहेगीं।

ग्रुप डी में है भारत-

  • वियतनाम में होने वाली चैंपियनशिप में भारत को ग्रुप डी में शामिल किया गया है।
  • भारत के साथ ग्रुप डी में कोरिया और सिंगापुर भी है।
  • इस चैंपियनशिप का आगाज 14 फरवरी से होगा।

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हारने के बावजूद सिंधु को मिला मारिन से ज्यादा इनाम

रियो ओलंपिक 2016 के वुमन्स बैडमिंटन के फाइनल में भारत की पीवी सिंधु को हराने वाली स्पेन की कैरोलिना मारिन ने खुलासा किया है कि रियो में गोल्ड जीतने के बाद उन्हें ज्यादा कुछ नहीं मिला, जबकि उनसे हारने वाली सिंधु पर भारत में इनामों की बारिश हो गई थी.

गोल्ड जीतकर भी सिंधु से गरीब रहीं मारिन-

  • मारिन को गोल्ड मैडल जीतने के बाद केवल 9400 यूरो यानि करीब 68 लाख रुपए ही मिले.
  • उन्होंने बताया कि उन्हें केवल सरकार से इनाम मिला.
  • दूसरी ओर सिंधु के सिल्वर जीतने पर इनामों की बारिश हो गई थी.
  • सिंधु को नकद इनाम के अलावा लग्जरी कार, ज़मीन और कई एंडोर्समेंट ऑफर मिले.
  • इतना ही नहीं सिंधु के कोच पी. गोपीचंद को भी बहुत कुछ इनाम में मिला.
  • इस बारे में मारिन के कोच रिवाज से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोई इनाम नहीं मिला.

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मारिन बोलीं- ‘काश मैं इंडियन होती’-

  • मारिन ने कहा, ‘स्पेन में चीजें बिल्कुल अलग हैं.’
  • उन्होंने कहा कि मुझे कोई कार, मकान और जमीन नहीं मिली, लेकिन फिर भी जो मिला मै उससे संतुष्ट हूं.
  • मारिन ने मान कि उन्हें अपने देश से ज्यादा भारत में अटेंशन मिल रहा है.
  • उन्होंने बताया, ‘यहां आकर मुझे ढ़ेर सारे फैंस मिले.’
  • मारिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि कभी-कभी मुझे लगता है की मुझे भी इंडियन होना चाहिए था.

सिन्धु जल समझौते पर अपना वादा पूरा करे वर्ल्ड बैंक: पाकिस्तान

 

भारत ने 24 दिसंबर को टास्क-फोर्स की पहली बैठक करते हुए सिन्धु जल समझौते के तहत अपने हिस्से के पानी के पूरे इस्तेमाल पर विचार किया था। लेकिन विश्व बैंक ने इस सप्ताह सिंधु जल समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान की तरफ से शुरू की गई अलग-अलग प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने वर्ल्ड बैंक से आग्रह किया है की वह सिंधु जल समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धता पूरी करे जिसमें कोई भी पक्ष अपने लिए निर्धारित काम को रोक नहीं सकता।

पाक वित्त मंत्री ने विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम को लिखा पत्र

  • वर्ल्ड बैंक ने इस सप्ताह सिन्धु जल समझौते के तहत भारत-पाक की तरफ से शुरू की गई अलग-अलग प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
  • जिसके बाद पाक वित्त मंत्री इसहाक डार ने शनिवार को विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम को पत्र लिखा था।
  • इशार ने यह पत्र पंचाट न्यायाधिकरण के मनोनयन की प्रक्रिया पर रोक लगाने के विश्व बैंक के निर्णय पर लिखा था।
  • पाक वित्त मंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि विश्व बैंक के निर्णय से पाकिस्तान के हितों और 1960 में किये गए सिंधु जल समझौता के तहत मिले उसके अधिकारों पर गंभीर रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
  • उन्होंने विश्व बैंक से अनुरोध किया कि नियुक्ति के लिए चयनित प्राधिकार के रूप ,
  • वह सिंधु जल समझौते के तहत अपने दायित्वों को निभाए और पंचाट के अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द करे।

1960 में ये हुआ सिन्धु जल समझौता

  • बता दें की पाकिस्तान के साथ सिन्धु जल समझौते पर 1960 में हस्ताक्षर किया गया था।
  • जिसके तहत रावी, व्यास और सतलज नदी का पानी भारत के हिस्से में आया।
  • जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का 80 फीसदी पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया था।

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भारत ने तेज़ की सिन्धु जल रोकने की कवायद, पाक को मिलेगा बड़ा सबक

उरी हमले ,सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बढ़ते सीजफायर उल्लंघन और आतंकी हमलों से भारत-पाक के रिश्ते बहुत ही नाज़ुक दौर से गुज़र रहे हैं। ऐसे में भारत नें पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए शुक्रवार को उच्च स्तरीय टास्क-फोर्स की पहली बैठक की। इस बैठक में पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु जल समझौते के तहत अपने हिस्से के पानी का पूरे इस्तेमाल पर विचार किया गया। बैठक के दौरान जम्मू कश्मीर और पंजाब में सिंधु नदी पर बनने वाले बांध के काम में तेजी लाने पर चर्चा की गई।

एक-एक बूंद पानी रोककर भारत के किसानों तक पहुंचाया जाएगा: पीएम मोदी

  • पाकिस्तानको सबक सिखाने के लिए सिन्धु नदी के पानी के रोकने की भारत ने कवायेद शुरू कर दी है।
  • प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय टास्क-फोर्स की पहली बैठक की गई।
  • इस बैठक में जम्मू कश्मीर और पंजाब में सिंधु नदी पर बनने वाले बांध के काम में तेजी लाने पर चर्चा की गई।
  • जिसके अंतर्गत J&K में प्रस्तावित पनबिजली परियोजना,
  • सिंधु, झेलम व चेनाब नदी के पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल के लिए बड़े जलाशय बनाना,
  •  नहरें बनाने का काम तेज करने पर विशेष चर्चा की गई।
  • बता दें कि इस बैठक का मकसद सिंधु समझौते के अंदर रहते हुए अपने हिस्से के पानी का पूरा इस्तेमाल करने के भारत के इरादे को दिखाना है।
  • जिसके तहत पंजाब और जम्मू कश्मीर को जल्द से जल्द अपनी ग्राउंड रिपोर्ट देने को कहा गया है।
  • बता दें की टास्क फोर्स की अगली बैठक जनवरी में होगी।
  • ज्ञातव्य हो की पीएम मोदी ने इस संबंध में पंजाब के बठिंडा में कहा था ‘एक-एक बूंद पानी रोककर भारत के किसानों तक पहुंचाया जाएगा। “
  • बता दें की पाकिस्तान के साथ सिन्धु जल समझौते पर 1960 में हस्ताक्षर किया गया था।
  • जिसके तहत रावी, व्यास और सतलज नदी का पानी भारत के हिस्से में आया।
  • जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का 80 फीसदी पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया था।
  • भारत का कहना है की उसने अपने हिस्से के पानी का इस्तेमाल नही किया है।
  • इस लिए वो पश्चिमी नदियों के पानी को भी अपने इस्तेमाल के लिए रोक सकता है।

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