ना-ना, ये एलर्जी नहीं, विरोध का तरीका है!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही(monsoon session proceedings) बीते 11 जुलाई से शुरू हुई थी, जिसके तहत सत्र के पहले दिन ही योगी सरकार ने अपना पहला बजट भी पेश किया था, इसी क्रम में गुरुवार से योगी सरकार ने अपने विभागों के बजट पेश करने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार 21 जुलाई को विधानसभा में विभागीय बजट पेश किये जाने हैं.

विपक्ष का सांकेतिक धरना:

  • विपक्षी विधायक धरने पर बैठ गए हैं.
  • विधानसभा में कार्रवाही का विरोध करने वाले विधायक मुंह पर पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं.
  • चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने विपक्षी विधायकों का सांकेतिक धरना शुरू हुआ है.
  • मुंह पर पट्टी बांधकर ये सभी विधायक विरोध कर रहे हैं.

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विपक्ष के हंगामे ने रोकी कार्रवाही:

  • यूपी सीएम विधान सभा की आज की कार्रवाही में शामिल होने पहुंचे हैं.
  • विपक्षी दलों की गैर मौजूदगी में विधानसभा की कार्रवाही शुरू हुई.
  • विधान परिषद की कार्यवाई शुरू होते ही समाजवादी पार्टी ने हंगामा शुरू कर दिया.
  • विधान परिषद में सरकार विरोधी नारे लगाए जाने लगे.
  • सपा विधायकों ने वेल में धरना दिया.
  • सपा विधायक बजट पर चर्चा का विरोध कर रहे हैं.
  • शोर शराबे के बीच विधान परिषद की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित की गई.
  • कांग्रेस एमएलसी भी विधान परिषद में धरने पर बैठे हैं.
  • सीएम योगी के भाषण के बाद से ही सदन में हंगामा हो रहा है.
  • विपक्ष ने कल भी जमकर हंगामा किया था.

सपा-बसपा बहिष्कार पर अड़े, कांग्रेस का रुख कुछ नरम!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही(monsoon session proceedings) बीते 11 जुलाई से शुरू हुई थी, जिसके तहत सत्र के पहले दिन ही योगी सरकार ने अपना पहला बजट भी पेश किया था, इसी क्रम में गुरुवार से योगी सरकार ने अपने विभागों के बजट पेश करने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार 21 जुलाई को विधानसभा में विभागीय बजट पेश किये जायेंगे।

आज पेश होंगे इन विभागों के बजट(monsoon session proceedings):

  • योगी सरकार गुरुवार से अपने विभागों के बजट पेश करने शुरू कर दिए हैं।
  • जिसके बाद शुक्रवार को सदन में कई विभागों के बजट पेश किये जायेंगे।
  • इसी क्रम में शुक्रवार को
  • कृषि विभाग,
  • उद्योग विभाग,
  • लोकनिर्माण विभाग,
  • संस्थागत वित्त विभाग के बजट पेश होंगे।

सपा-बसपा ने किया सत्र का बहिष्कार(monsoon session proceedings):

  • यूपी विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही चल रही है।
  • जिसमें योगी सरकार अपने विभागों के बजट पेश कर रही है।
  • वहीँ शुक्रवार की कार्यवाही से पहले सपा-बसपा ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने की बात कही है।
  • सपा-बसपा पूरे सत्र के बहिष्कार पर अड़ी हैं।
  • वहीँ मामले में कांग्रेस का रुख कुछ नरम दिख रहा है।
  • बहिष्कार के मुद्दे पर कांग्रेस ने शुक्रवार को विधानमंडल दल की बैठक भी बुलाई है।

गुरुवार को पेश हुआ था औद्योगिक विभाग का बजट(monsoon session proceedings):

औद्योगिक मंत्री सतीश महाना ने पेश किया था बजट(monsoon session proceedings):

  • 17वीं विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही के दौरान गुरुवार को औद्योगिक विभाग का बजट पेश किया गया था।
  • यह बजट योगी सरकार के औद्योगिक मंत्री सतीश महाना ने पेश किया था।
  • इस दौरान सदन में विपक्ष गैर-मौजूद रहा था।
  • जिसके बाद कृषि विभाग का बजट पेश किया गया।

2828 करोड़ का कुल विभागीय बजट पेश किया गया(monsoon session proceedings):

  • औद्योगिक विकास योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 20 करोड़ का बजट पेश किया गया है।
  • साथ ही बजट में सिंगल विंडो सिस्टम के लिए 10 करोड़ का बजट भी पेश किया गया।
  • बिज़नस पोर्टल के लिए 5 करोड़ का बजट पास किया।
  • इसके साथ ही पूरे विभाग का कुल बजट 2828 करोड़ का रखा गया।

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नरेश अग्रवाल का ‘मुंह काला’ करने वाला बनेगा लखपति!

सपा नेता नरेश अग्रवाल (naresh agrawal) के हिन्दू देवी-देवताओं को शराब से जोड़कर दिए गए बयान के बाद लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीँ इस बयान के बाद मेरठ से भाजपा नेता विनित शारदा का बयान भी आया है.

नरेश अग्रवाल का मुंह काला करने वाले को 1.25 लाख रु 

नरेश अग्रवाल का मुँह काला करने पर रू 1.25 लाख मिलेंगे.
मेरठ के भाजपा नेता विनीत शारदा ने इनाम का ऐलान किया है.
हिंदू देवताओं पर टिप्पणी के विरोध में भाजपा नेता ने ये ऐलान किया है.
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने संसद में विवादित बयान  दिया था.
सपा नेता के मुँह काला करने, जूतों की माला पहनाने पर इनाम रखा है.

भगवान पर की टिप्पणी :

  • साल 1991 में अयोध्या के आन्दोलन के समय ही रामभक्तो ने जेल में ये लाइने लिखी थी.
  • सपा नेता के विवादित बयान के बाद ही भारतीय जनता पार्टी ने भी उन्हें घेरना शुरू कर दिया था.
  • बीजेपी ने कहा कि नरेश अग्रवाल ने हिन्दू देवी-देवताओं का संसद के अंदर अपमान किया है.
  • इसी के बाद ही राज्यसभा को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है।
  • नरेश अग्रवाल के इस बयान को राज्यसभा की कार्रवाही से हटा दिया गया था.

योगी सरकार ने रिवर फ्रंट की CBI जाँच के लिए लगाया जोर!

अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट का सीएम योगी ने निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर सीएम योगी ने इसकी जाँच के आदेश दिए थे. वहीँ योगी सरकार ने भारत सरकार को पत्र लिखा है.

सिंचाई विभाग द्वारा गोमतीनगर थाने में मुक़दमा भी दर्ज कराया जा चुका है. 8 इंजिनियर के नाम इस मुक़दमे में दर्ज हैं. योगी सरकार ने इस प्रोजेक्ट की जाँच के लिए भारत सरकार को पत्र लिखकर सीबीआई जाँच कराये जाने की मांग की है.

गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जाँच रिपोर्ट सौंपी गई:

  • गोमती रिवर फ्रंट घोटाले के मामले में कार्रवाई समिति ने रिपोर्ट सीएम को सौंप दी है.
  • मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित समिति ने रिपोर्ट सौंपी है.
  • न्यायिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की संस्तुति की गई है.
  • किसी दोषी अधिकारी को क्लीनचिट नहीं देने की बात भी कही गई है.
  • न्यायिक समिति ने दोषी अधिकारियों पर तय किए आरोप हैं.
  • सूत्रों के मुताबिक जल्द होगी दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है.
  • सीएम योगी आदित्यनाथ दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर सकते है.
  • परियोजना के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने की सिफारिश भी की गई है.
  • वहीँ समिति द्वारा अधूरे कार्यों के लिए 350 करोड़ के बजट की संस्तुति भी की गई है.
  • समिति ने अधूरे कार्यों का किया था मौका मुआयना किया था.
  • इसी आधार पर दोषी अधिकारियों के पर कार्रवाई करने की बातें सामने आयी हैं.
  • अंतिम फैसला अब सीएम योगी आदित्यनाथ को करना है.
  • परियोजना के लिए सिंचाई विभाग ने 900 करोड़ रुपए मांगे थे.

नरेश अग्रवाल का बयान, हिन्दुओं की आस्था पर आक्रमण!

समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल के बयान ने आज सियासत को शर्मसार कर दिया. बयान ऐसा कि राज्यसभा की कार्रवाई रोकनी पड़ गई. समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल का यब बयान किसी पियक्कड़ को भी नागवार गुजरेगा.

क्या नरेश अग्रवाल को नहीं मालूम संसद की मर्यादा?

  • सवाल यह कि क्या नरेश अग्रवाल को अभी तक संसदीय मर्यादा की समझ नहीं.
  • या फिर नेतागिरी की रौ में वह कुछ ऐसा बह गये कि सारी मर्यादा ताक पर रख दी.
  • दरअसल राज्यसभा में बात चल रही थी गौरक्षको की गुंडागर्दी की.
  • खुद प्रधानमत्री इस पर नाराजगी जाहिर कर चुके है.
  • गुंडागर्दी को रोकने के सीधे निर्देश दे चुके है.
  • फिर भी विरोध पर आमादा नरेश अग्रवाल हिंदू भावनाओं को आहत करने से नहीं चूके.
  • हिंदू देवी देवताऑ की तुलना शराब से करने लगे.
  • वो यहीं नहीं रुके, कहने लगे कि अगर गाय माता है तो बैल औऱ बछड़ा हमारा क्या हुआ?

नरेश अग्रवाल का बड़बोलापन या जानबूझकर की गई टिप्पणी?

  • नरेश अग्रवाल की भाषा किसी सड़कछाप लड़के जैसी लग रही थी जिस पर सदन में घोर आपत्ति जाहिर की गई.
  • जब नरेश अग्रवाल को लगा कि वह बड़बोलेपन में बड़ा संकट मोल ले चुके है तो खुद ही राज्यसभा के सभापति से कहने लगे कि अगर बात अससंदीय है तो कार्रवाई से हटा दे.
  • हालाँकि बाद में उन्हें खेद भी व्यक्त करना पड़ा.
  • लेकिन सवाल यह कि क्या हमारे देश के कुछ नेताऑ की समझ इतनी छोटी है कि वह यह नहीं समझ पाते कि क्या संसदीय औऱ क्या असंसदीय.
  • या फिर सियासत के नाम पर देश ऐसे तमाशे को बर्दाश्त करने के लिये मजबूर है.

नरेश का बयान…. 

  • वह बयान दोहरा नहीं सकते है लेकिन जब नरेश अग्रवाल के बोल फूटे तो उन्हें व्हिस्की, रम, जिन और ठर्रे में ईश्वरीय तुकबंदी नजर आने लगी.
  • नरेश अग्रवाल समझ ही नहीं सके कि वो नेतागिरी के उफान में आस्था और धर्म पर क्या कुछ बोल बैठे.
  • राज्यसभा के सदन की गरिमा को इतने साल बाद भी नहीं समझे.
  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में उन्होंने जाने-अनजाने कितने दूसरे विवादास्पद बयानों के लिये दरवाजे खोल दिए.
  • संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने बिना देर किए ही इस बयान को हिंदू धर्म का अपमान बता डाला.
  • बयान से हुए हंगामे के बाद नरेश अग्रवाल के इस बयान को राज्यसभा की कार्यवाही के रिकॉर्ड से ही हटा दिया गया.

अरुण जेटली की प्रतिक्रिया..

  • अगर यह बयान आपने सदन के बाहर दिया होता तो आप अभियुक्त बनाये जा सकते थे.
  • क्या आप किसी औऱ धर्म के बारे मे ऐसी अपमानजनक बाते कर सकते थे?

अनंत कुमार की प्रतिक्रिया

  • पूरे देश का अपमान किया है.
  • हिंदू समाज का अपमान किया है.
  • देश के बहुसंख्यक समाज का अपमान किया है.
  • इसे हम बर्दाश्त नही करेंगे.

सवाल यह कि..

  • क्या समाजवादी पार्टी मे अब राजनैतिक मर्यादा खत्म हो चुकी है.
  • आजम औऱ नरेश अग्रवाल जैसे नेता कुछ भी बोल सकते है.
  • क्या यह जानबूझ कर खडा किया गया सियासी तमाशा है.
  • समाजवादी पार्टी क्या मुस्लिमों को खुश करने के लिये इस तरह का तमाशा कर रही है.
  • जिस तरह दलित बीएसपी से अलग हुआ उसी तरह मुस्लिम भी सपा से अलग हो गया है.
  • वास्तव में क्या ऐसे बयान से समझदार मुसलमान खुश होंगे या फिर यह दांव उल्टा पड जायेगा?
  • क्या देश में किसी को भी यह हक है कि वह हिंदू धर्म या देवी देवताओ का अपमान करे.
  • सियासत करने वाले कभी दूसरे धर्मो के बारे में इस तरह के बयान क्यों नहीं देते.
  • क्या वह यह जानते है कि हिंदू धर्म एक साफ्ट टारगेट बन गया है जिसका विरोध कर राजनीति चमकाई जा सकती है.

सदन में जमकर हुआ विरोध:

  • इस तरह के बयानो पर कानूनी तौर पर किस तरह की कार्रवाई की जा सकती है.
  • क्या सदन में कुछ भी बोला जा सकता है औऱ उसके लिये कानून मे कार्रवाई की कोई गुंजाईश नही है.
  • संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि नरेश की हिम्मत नहीं है कि वह किसी औऱ धर्म को इस तरह से अपमानित कर सके.
  • यह बयान अपने आप मे यह नहीं बताता है कि नरेश औऱ उनके जैसे नेता की दुकान इसलिये चलती है कि हिंदू सब कुछ सह लेता है.
  • अरुण जेटली ने कहा कि सदन के बाहर अगर नरेश ने यह कहा होता तो वह कानूनी तौर पर अभियुक्त बना दिये गये होते.
  • तो क्या सदन के भीतर किसी भी सासंद को किसी भी धर्म को अपमानित करने की खुली छूट मिल जाती है?
  • समाजवादी पार्टी और उनके समर्थक दल नरेश के बयान पर खामोश क्यो है?
  • गौरक्षको की गुंडई पर हल्ला बोलने वालो के मुंह पर अब ताले क्यो पड़ गए हैं?

अब यहा जवाब समाजवादी पार्टी को देना है कि यह समाजवाद की कौन सी परिभाषा उनके सांसद रहे है जिसमें आस्था पर चोट करके धर्म विशेष को निशाना बनाया जा रहा है. पार्टी के जहर उगलने वाले नेता भी इस पर क्यो चुप्पी साधे हुये हैं यह सवाल भी जनता जरुर पूछेगी.

Writer:

Manas Srivastava

Associate Editor

Bharat Samachar

नरेश अग्रवाल के गढ़ में भाजयुमो ने फूंका पुतला!

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समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल (mp naresh agarwal) ने राज्यसभा में हिंदू देवी- देवताओं के नाम को शराब के साथ जोड़कर बयान दिया। इसके बाद संसद में खूब हंगामा हुआ। उनके बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है। वहीं नरेश अग्रवाल के गृह जनपद हरदोई के सिनेमा चौराहे पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। साथ ही कार्यकर्ताओं ने नरेश अग्रवाल का पुतला जलाकर आक्रोश प्रकट किया।

पिटाई के डर से स्कूल नहीं जा रही मासूम छात्रा!

क्या है पूरा मामला?

  • उल्लेखनीय है कि संसद में बुधवार को गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर चर्चा के दौरान हंगामा उस वक्त बढ़ गया जब नरेश अग्रवाल ने एक बयान दे दिया।
  • नरेश अग्रवाल ने राज्यसभा में हिंदू देवी- देवताओं के नाम को शराब के साथ जोड़कर बयान दिया।
  • हालांकि हंगामे के बाद उप सभापति ने कार्यवाही से नरेश अग्रवाल के बयान को हटा दिया।
  • उप सभापति ने यह भी कहा कि मीडिया में इस बयान को ना दिखाया जाए।
  • बयान से नाराज वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नरेश अग्रवाल ने ये बयान अगर राज्यसभा से बाहर दिया होता तो उनके ऊपर मुकदमा तक दर्ज हो सकता था।

स्याह तस्वीर पेश कर रहा बाल मजदूरी का ये वीडियो!

  • इस दौरान रामगोपाल यादव ने कहा कि नरेश अग्रवाल माफी नहीं मांगेगे चाहे सदन चले या ना चले।
  • जब संसद में हंगामा बढ़ गया तो नरेश अग्रवाल ने कहा कि हर मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।

रेप के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला!

  • उन्होंने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया।
  • उन्होंने कहा कि कार्यवाही से जैसे ही मेरे बयान को हटाया गया मैंने अपने शब्दों को वापस ले लिया।
  • उन्होंने कहा कि मेरी कभी इच्छा नहीं थी कि किसी की भावना ठेस पहुंचे।
  • नरेश अग्रवाल (mp naresh agarwal) ने कहा कि अगर राजनैतिक रूप से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।

मोदी सरकार के खिलाफ भाजपा नेता ने खोला मोर्चा!

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चीन हमले की तैयारी कर चुका है- मुलायम सिंह यादव!

संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत हंगामे भरी रही. लोकसभा की कार्यवाही के शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया. इस दौरान लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे. वहीँ देश के पूर्व रक्षा मंत्री और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (mulayam singh yadav) ने चीन को लेकर सदन में बयान दिया.

पाकिस्तान नहीं चीन हमारा दुश्मन:

  • लोकसभा में मुलायम सिंह यादव ने बयान दिया है.
  • उन्होंने कहा कि चीन हमले की तैयारी कर चुका है.
  • भूटान को लेकर चीन की रणनीति पर बोलते हुए मुलायम सिंह ने दलाई लामा का समर्थन किया.
  • उन्होंने कहा कि पूरा देश दलाई लामा के साथ है.
  • भूटान की सुरक्षा हमारी सरकार की जिम्मेदारी है और भूटान के साथ भारत खड़ा है.
  • सरकार ने चीन मामले में क्या कार्रवाई की ये बताए.
  • सपा संरक्षक ने कहा कि पाकिस्तान नहीं चीन हमारा दुश्मन है.
  • उन्होंने कहा कि तिब्बत चीन को नहीं देना चाहिए था.

किसान आत्महत्या पर विपक्ष ने सरकार को घेरा-

  • मानसून सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत हंगामे से भरी रही.
  • लोकसभा में कार्यवाही की शुरू में ही विपक्ष ने जमकर बवाल किया.
  • राज्यसभा में भी सरकार को किसानों के मुद्दे पर विपक्ष ने घेरने की कोशिश की.
  • कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा.
  • उन्होंने कहा कि कई किसान संगठन आज भी जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे है.
  • लेकिन सरकार इस मुद्दे पर चुप है.
  • सपा नेता नरेश अग्रवाल ने राज्यसभा में सांसदों की सैलरी बढ़ाने की मांग की.

5 साल किया मजा, कोर्ट देगा अब गायत्री को सजा!

गैंगरेप के आरोप में जेल में बंद गायत्री प्रजापति (gayatri prasad prajapati) की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कोर्ट ने गायत्री प्रजापति की डिस्चार्ज एप्लीकेशन रद्द कर दिया. गायत्री प्रजापति ने पॉक्सो को लेकर आपत्ति दर्ज की थी.

पाक्सो कोर्ट ने तय किए आरोप:

  • गायत्री प्रजापति ने पॉक्सो को लेकर आपत्ति दर्ज की थी.
  • गायत्री प्रजापति पर गैंगरेप पॉक्सो की धाराओं में मुकदमा चलेगा.
  • प्रजापति ने कहा था कि उनको साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है.
  • उन्होंने कुछ भी नहीं किया है और वो निर्दोष हैं.

पॉक्सो पर गायत्री प्रजापति ने जताई थी आपत्ति:

  • गायत्री प्रजापति ने पॉक्सो लगाया जाने पर आपत्ति जताते हुए याचिका दी थी.
  • अवकाशकालीन पीठ ने चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब देने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया था.
  • याचिका के सन्दर्भ में कहा गया था कि अगर उनके खिलाफ इस एक्ट के तहत मामला नहीं बनता है तो इस श्रेणी में अपराध दर्ज नहीं किया जाना चाहिए.
  • पीड़ित महिला के कलमबंद बयान को आधार बनाकर तर्क दिया गया है कि प्रजापति के खिलाफ पॉक्सोका अपराध नहीं बनता है.
  • वहीँ राज्य सरकार की तरफ से वकील पी के साही का कहना था किपॉक्सो को लेकर और भी सबूत हैं.
  • ये सबूत पेश करने के लिए उन्हें थोड़ा वक्त की जरूरत है और 2 सप्ताह का समय उन्होंने मांगा था.

Exclusive: ये 4 ‘दबंग’ IPS देंगे यूपी पुलिस को मजबूती!

उत्तर प्रदेश में मौजूदा समय में कानून-व्यवस्था की हालत बद से बदतर हो चुकी है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक(DGP) ने शासन को पत्र लिखा है। पत्र में DGP सुलखान सिंहने शासन से 4 नए अधिकारियों की मांग की है। यह 4 अधिकारी(4 IPS officers) मौजूदा समय में केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस को जल्द मिलेंगे 4 नए अधिकारी(4 IPS officers):

  • प्रदेश में मौजूदा कानून-व्यवस्था की हालत कुछ खास अच्छी नहीं है।
  • जिसके तहत सूबे के DGP सुलखान सिंह ने शासन को पत्र लिखा है।
  • सूत्रों के मुताबिक, DGP सुलखान सिंह ने शासन से यूपी पुलिस के लिए 4 नए अधिकारियों की मांग की है।
  • सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक,
  • उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही केन्द्रीय गृह मंत्रालय से इन अधिकारियों की मांग कर सकती है।
  • गौरतलब है कि, ये 4 IPS अधिकारी वर्तमान समय में प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में तैनात हैं।

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इन 4 आईपीएस अधिकारियों के लिए DGP ने लिखा पत्र(4 IPS officers):

  • सूबे के DGP सुलखान सिंह ने उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिख कर 4 अफसरों की मांग की है।
  • पत्र में पी.वी. रामशास्त्री,
  • डी.के. ठाकुर,
  • नवीन अरोड़ा और
  • अखिलेश मीणा की मांग की है।

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सख्त छवि के डी.के. ठाकुर को मिल सकती है प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी(4 IPS officers):

  • सूबे के DGP सुलखान सिंह ने योगी सरकार को पत्र लिखकर जिन 4 अधिकारियों की मांग की है,
  • उनमें से एक अधिकारी डी.के. ठाकुर हैं, जिनकी छवि बेहद सख्त अफसर की है।
  • डी.के. ठाकुर समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदौरिया के मामले के बाद चर्चा में आये थे।
  • जिसके बाद प्रदेश की ताजा हालत देखते हुए IPS डी.के. ठाकुर को प्रदेश में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

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