जहाँ लापरवाही, वहां मतदान के लिए जागरूकता नहीं- CM योगी

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव का सातवाँ और अंतिम चरण बीते 8 मार्च को समाप्त हुआ था, जिसके तहत 11 मार्च को भारतीय जनता पार्टी 325 सीटों के साथ बहुमत में सूबे की सत्ता पर काबिज हुई थी। इसी क्रम में सोमवार 3 जुलाई को यूपी विधानसभा चुनाव के तहत मतदान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। सम्मान समारोह(Voting honor ceremony) का आयोजन सूबे की राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन में किया गया था। जहाँ राज्यपाल राम नाईक ने मतदान केन्द्रों के अधिकारियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे थे, जिन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया।

मतदान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के मुख्य अंश:

14.13 करोड़ से ज्यादा वोटरों ने डाला वोट(Voting honor ceremony):

  • यह तय करना एक अभिनव प्रयोग है।
  • 14.13 करोड़ वोटरों ने वोट डाला।
  • पहले चुनावों में वाहनों के आने-जाने पर रोक थी।
  • लोकतंत्र जितना मजबूत होगा, न्याय की लड़ाई उतनी ही मजबूती से लड़ पाएंगे।
  • मतदाता सूची को व्यवस्थित करने के लिए BLO की नियुक्ति की गयी है।
  • कई जगह सूची में नाम न होने की वजह से कई लोग वोट नहीं डाल पाते हैं।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बधाई(Voting honor ceremony):

  • जहाँ लापरवाही होती है वहां मतदान के लिए जागरूकता नहीं।
  • अधिकारी, जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया जा रहा है।

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लोकतंत्र में एक अभिनव प्रयोग शुरू किया- CM योगी

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव का सातवाँ और अंतिम चरण बीते 8 मार्च को समाप्त हुआ था, जिसके तहत 11 मार्च को भारतीय जनता पार्टी 325 सीटों के साथ बहुमत में सूबे की सत्ता पर काबिज हुई थी। इसी क्रम में सोमवार 3 जुलाई को यूपी विधानसभा चुनाव के तहत मतदान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। सम्मान समारोह(Voting honor ceremony) का आयोजन सूबे की राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन में किया गया था। जहाँ राज्यपाल राम नाईक ने मतदान केन्द्रों के अधिकारियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे थे, जिन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया।

मतदान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के मुख्य अंश:

सूची में बहुत काम करने की जरुरत(Voting honor ceremony):

  • शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची में काम करने की बहुत जरुरत है।
  • अगर किसी को मतदान से वंचित करते हैं तो लोकतंत्र कमज़ोर होता है।
  • मतदाता सूची को ठीक करने के कम चल रहा है।
  • निकाय चुनाव में इससे लाभ मिलेगा।
  • लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है मतदान।
  • दिल्ली सीएम का नाम सूची में से गायब था।

संविधान प्रदत्त व्यक्ति का अधिकार मतदान है(Voting honor ceremony):

  • मतदान संविधान प्रदत्त व्यक्ति का अधिकार होता है।
  • लोकतंत्र में एक अभिनव प्रयोग शुरू किया है।
  • 3 बूथों पर सर्वाधिक मतदान हुआ है।

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वोटर लिस्ट में जो विसंगतियां हैं उसे सुधारना ज़रूरी- CM योगी

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव का सातवाँ और अंतिम चरण बीते 8 मार्च को समाप्त हुआ था, जिसके तहत 11 मार्च को भारतीय जनता पार्टी 325 सीटों के साथ बहुमत में सूबे की सत्ता पर काबिज हुई थी। इसी क्रम में सोमवार 3 जुलाई को यूपी विधानसभा चुनाव के तहत मतदान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। सम्मान समारोह(Voting honor ceremony) का आयोजन सूबे की राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन में किया गया था। जहाँ राज्यपाल राम नाईक ने मतदान केन्द्रों के अधिकारियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे थे, जिन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया।

मतदान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के मुख्य अंश:

राज्यपाल का आभारी हूँ(Voting honor ceremony):

  • मतदान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, राज्यपाल का आभारी हूँ।
  • 3 सबसे ज्यादा मतदान वाले बूथ की तलाश करना लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
  • 1999 के लोकसभा चुनाव दौरान गोरखपुर क्षेत्र में महज 20 फीसदी मतदान हुआ।
  • इसके बाद चुनाव आयोग सक्रिय हुआ और प्रचार प्रसार शुरू हुआ।

अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए(Voting honor ceremony):

  • लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए।
  • राज्यपाल जी ने सराहनीय कार्य किया है।
  • वोटर लिस्ट में जो विसंगतियां हैं उसे सुधारना ज़रूरी है।

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यूपी की 90 फ़ीसदी नौकरियों पर राज्य के युवाओं का हक़!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में यूपी के अन्दर रोजगार(job policy) को बढ़ाने की बात कही थी। योगी सरकार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए काफी गंभीर है। जिसके तहत अभी हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की  अध्यक्षता में नई औद्योगिक नीति पर चर्चा की गयी थी।

90 फ़ीसदी रोजगार पर प्रदेश के युवाओं का होगा हक़(job policy):

  • योगी सरकार अपनी नई औद्योगिक नीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव को लागू कर सकते हैं।
  • जिसके अंतर्गत राज्य के 90 फ़ीसदी रोजगार पर प्रदेश के युवाओं का हक़ होगा।
  • नीति के अनुसार, राज्य के उद्योगों में 90 फ़ीसदी नौकरियां प्रदेश के युवाओं के लिये आरक्षित की जाएँगी।
  • गौरतलब है कि, भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसका जिक्र किया था।

आईटी, स्टार्ट-अप, डेयरी, नई पर्यटन नीति भी लागू करेगी सरकार(job policy):

  • योगी सरकार नई औद्योगिक नीति के साथ ही आईटी, स्टार्ट-अप सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए आईटी पॉलिसी बनायी जाएगी।
  • आईटी के साथ ही मोबाइल-दूरसंचार व स्वास्थ्य उद्योग के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पॉलिसी बनायी जाएगी।
  • इसके साथ ही सरकार ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण को मिलाकर नई नीति बनाने के आदेश भी दिए गए हैं।
  • डेयरी के विकास के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जायेगा।
  • इसके साथ ही एक डेयरी विकास कोष भी बनाया जायेगा।
  • योगी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ाने के उपायों पर विचार कर रही है।
  • जिसके तहत हथकरघा, रेशम व वस्त्र उद्योग के लिए संयुक्त नीति लायी जाएगी।
  • साथ ही योगी सरकार प्रदेश की नई पर्यटन नीति पर भी विचार कर रही है।

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विधानसभा सत्र के तहत भाजपा-सपा-बसपा ने बुलाई विधान मंडल दल की बैठक!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के बाद 19 मार्च को नई राज्य सरकार का गठन हुआ था, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के बाद नई राज्य सरकार का पहला विधानसभा सत्र और यूपी विधानसभा का ग्रीष्मकालीन सत्र सोमवार 15 मई से शुरू हो रहा है। जिसके तहत सभी राजनैतिक दलों ने अपनी अपनी कमर कस ली है।

सपा, भाजपा, बसपा ने बुलाई विधान मंडल दल की बैठकें:

भाजपा की बैठक:

  • यूपी विधानसभा के ग्रीष्मकालीन सत्र की शुरुआत 15 मई से हो रही है।
  • जिसके तहत सभी दलों ने अपने-अपने विधान मंडल दल की बैठक बुलाई है।
  • इसी क्रम में भाजपा ने अपनी बैठक शाम 4 बजे बुलाई है।
  • बैठक का आयोजन मुख्यमंत्री ऑफिस लोक भवन में किया गया है।

सपा की बैठक:

  • यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता मिलने के बाद सपा सबसे अधिक विधायकों के साथ विपक्ष की भूमिका में है।
  • सदन में नेता विपक्ष पार्टी की ओर से रामगोविंद चौधरी को चुना गया है।
  • वहीँ सपा की विधान मंडल दल की बैठक का आयोजन दोपहर 12 बजे से किया गया है।

बसपा की बैठक:

  • यूपी चुनाव में बसपा तीसरे नंबर की पार्टी रही थी।
  • पिछले दो विधानसभा चुनाव से पार्टी के विधायकों की संख्या में कमी आई है।
  • वहीँ पार्टी की विधान मंडल दल की बैठक शाम 7 बजे से आयोजित की गयी है।

EVM मामले में जुलाई तक टली सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई!

उत्तर प्रदेश सहित देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही ईवीएम मशीनों पर सवालों की झड़ी सी लगी हुई है. इस मामले में बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य ने ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी को लेकर देश के सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था. इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को जुलाई तक टाल दिया है.

याचिका में SC से गई है ये मांग-

  • 2017 विधानसभा में बीजेपी ने यूपी सहित 4 राज्यों में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी.
  • जिसके बाद से कई राजनीतिक पार्टियों ने evm मशीनों में छेड़छाड़ और गड़बड़ी की बात कही थी.
  • बसपा सहित अन्य की तरफ से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया था.
  • दाखिल की गई याचिका में कोर्ट से कई मांग की गई थी.
  • जिसके बाद पहली सुनवाई के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया था.
  • नोटिस में कोर्ट ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया था.
  • बता दें की दाखिल की गई याचिका में भविष्य चुनाव में EVM बैन करने की मांग की गई थी.
  • साथ ही भविष्य में होने वाले चुनाव को बैलेट पेपर से करने की भी मांग की गई थी.
  • भविष्य चुनाव में evm इस्तेमाल होने की दशा में सभी जगह ‘वीवीपीएट’ लगवाने की भी मांग की गई है.

क्या है वोटिंग वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल ‘वीवीपीएट’-

  • चुनाव के दौरान वोटिंग में EVM के प्रयोग पर वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल ‘वीवीपीएट’ लगाने की मांग की जा रही है.
  • बता दें की इस व्यवस्था के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद काग़ज़ की एक पर्ची बनती है.
  • जिस पर वोट किये गए उम्मीदवार का नाम तथा उसका चुनाव चिह्न छपा होता है.
  • ऐसी व्यवस्था से किसी प्रकार का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ पर्ची का मिलान किया जा सकता है.

 

कांग्रेस की समीक्षा बैठक आज, गठबंधन पर भी फैसला संभव!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब कांग्रेस ने समीक्षा करने का फैसला किया है. हार के कारणों पर समीक्षा के लिए आज लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर शामिल होंगे. इसके अलावा प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद भी शामिल होंगे. कई जिलों के अध्यक्ष भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे.

बैठक में सपा-कांग्रेस के भविष्य पर भी चर्चा:

  • इस बैठक में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और उसके भविष्य पर भी फैसला लिया जा सकता है.
  • आज कांग्रेस ने 12 मंडलों की समीक्षा बैठक बुलाई है.
  • प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर सुबह 11 बजे से बैठक होगी.
  • बैठक में यूपी विधानसभा चुनाव के हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी.
  • इस बैठक में सपा के साथ गठबंधन को आगे जारी रखने या न रखने पर भी फैसला हो सकता है.
  • सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन अब टूट की कगार पर पहुँच चुका है.
  • कांग्रेस पार्टी ने समीक्षा बैठक बाद आम सहमति बनायी है कि, गठबंधन में नहीं जाना चाहिए.
  • हालाँकि, गठबंधन पर आखिरी फैसला दोनों पार्टियों का राष्ट्रीय स्तर करेगा.
  • अब देखना होगा कि आज होने वाली बैठक के बाद क्या कुछ निकलकर सामने आता है.

समीक्षा बैठक में हुआ फैसला, टूटेगा सपा-कांग्रेस गठबंधन!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के तहत सूबे की समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन किया था, हालाँकि, गठबंधन के बाद भी चुनाव में दोनों ही दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसी क्रम में शनिवार 15 अप्रैल को यूपी कांग्रेस की समीक्षा बैठक बुलाई थी, बैठक में सपा-कांग्रेस के गठबंधन के भविष्य पर फैसला लिया गया है।

अगले पेज पर जानें सपा के साथ गठबंधन पर कांग्रेस का फैसला:

सपा से गठबंधन तोड़ सकती है कांग्रेस:

  • यूपी विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शनिवार को कांग्रेस ने समीक्षा बैठक का आयोजन किया था।
  • बैठक में यूपी विधानसभा चुनाव के हार के कारणों की समीक्षा की गयी थी।
  • जिसके बाद कांग्रेस में आम सहमति बनी है कि, गठबंधन में न जाया जाये।
  • इसके बाद कांग्रेस समाजवादी पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ सकती है।
  • हालाँकि, अभी पार्टी ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर लेगा अंतिम फैसला:

  • समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन अब टूट की कगार पर पहुँच चुका है।
  • कांग्रेस पार्टी ने समीक्षा बैठक बाद आम सहमति बनायी है कि, गठबंधन में नहीं जाना चाहिए।
  • हालाँकि, गठबंधन पर आखिरी फैसला दोनों पार्टियों का राष्ट्रीय स्तर करेगा।

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EVM छेड़छाड़ मामले में SC ने EC से फिर 4 हफ़्तों में माँगा जवाब!

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव समेत 5 राज्यों के चुनाव के बाद से कई राजनीतिकों दलों द्वारा केंद्र की भाजपा सरकार पर EVM मशीन से छेड़छाड़ कर चुनाव परिणामों को बदलने के आरोप लगे थे। मामला देश की सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन है। गुरुवार 13 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने एक बार फिर से चुनाव आयोग से जवाब माँगा है।

चुनाव आयोग दे 4 हफ़्तों में जवाब:

  • यूपी समेत देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद केंद्र की भाजपा सरकार पर EVM मशीन से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे।
  • जिसके तहत गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई थी।
  • इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से मामले में चुनाव आयोग से जवाब माँगा है।
  • जिसके लिए सर्वोच्च न्यायालय ने आयोग को 4 हफ़्तों का समय दिया है।

पहले भी माँगा था जवाब:

  • EVM मशीन से छेड़छाड़ के आरोप के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गयी थी।
  • जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने मामले में चुनाव आयोग को 4 हफ़्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
  • गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी चुनाव आयोग से इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा था।
  • लेकिन अभी तक चुनाव आयोग ने मामले में जवाब दाखिल नहीं किया था।

बसपा सुप्रीमो, केजरीवाल ने लगाये थे आरोप:

  • केंद्र सरकार पर 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में EVM से छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं।
  • यूपी विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने EVM से छेड़छाड़ की बात कही थी।
  • जिसके बाद अरविन्द केजरीवाल और सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस आरोप की पैरवी की थी।