राष्ट्रपति चुनाव पर यूपी के बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया!

बीते 17 जुलाई को देश की संसद समेत सभी 31 विधानसभाओं में राष्ट्रपति चुनाव के तहत वोटिंग हुई थी, जिसके बाद गुरुवार को राष्ट्रपति चुनाव में डाले गए मतों की गिनती की गयी थी। गिनती के बाद रामनाथ कोविंद को देश का प्रथम नागरिक घोषित किया गया था। NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने UPA उम्मीदवार को भारी मतों से हराया था। रामनाथ कोविंद के महामहिम चुने जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कुछ बड़े नेताओं ने प्रतिक्रिया(big leaders reacted) दी हैं।

रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति चुने जाने पर यूपी के कुछ बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया(big leaders reacted):

श्रीप्रकाश जायसवाल, कांग्रेस(big leaders reacted):

  • कांग्रेस नेता ने कहा कि, मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं।
  • मुझे भरोसा है कि, कानपुर की समस्याओं को समझकर उन्हें दूर करवाएंगे।
  • यूपी को उनसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता है।

राम अचल राजभर, प्रदेश अध्यक्ष बसपा(big leaders reacted):

  • बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, हम उनकी जीत पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं।
  • एक व्यक्ति और भारत के प्रथम नागरिक होने के नाते वो लोकतंत्र के उच्चतम शिखर पर संघर्षों के साथ पहुंचे हैं।

दीपक मिश्रा, समाजवादी चिंतन सभा अध्यक्ष(big leaders reacted):

  • सपा नेता दीपक मिश्रा ने कहा कि, हमारा समर्थन पहले से रामनाथ कोविंद को था।
  • इसलिए उनकी जीत पर हमें ऐसा लग रहा है, जैसे हमारी जीत हुई हो।

कलराज मिश्र, केन्द्रीय मंत्री(big leaders reacted):

  • केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने से उत्तर प्रदेश को नई ऊर्जा मिलेगी।
  • ये ऐतिहासिक क्षण है कि, सालों बाद दलित वर्ग से उच्चतम शिखर पर बैठा है।

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कांग्रेस का बीजेपी पर वार, कहा भाजपा विधायक 15-15 गाय पालें!

गोवा में कांग्रेस नेता प्रताप सिंह राणे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी विधायकों को 15 गायों को अपनाने के लिए कहा, ताकि वे मवेशी किसानों की समस्याओं को समझ सकें।

15-15 गाय पालना चाहिए-

  • राणे ने कहा कि जब गाय बूढ़ी हो जाए तो मैं उनके साथ क्या करूं?
  • यह एक बड़ी समस्या है।
  • हमें प्रगतिशील राज्य के रूप में, इस बारे में सोचना चाहिए।
  • आप सभी को 15-15 गाय पालना चाहिए।
  • सड़कों से गायों को अपने घर ले जाएं और उनकी देखभाल करें।
  • उन्होंने कहा कि डेयरी फार्मिग में पुराने जानवरों के निपटान का संवेदनापूर्ण अर्थशास्त्र है।

कांग्रेस नेता ने किया पर्रिकर के बयान का बचाव-

  • गोवा में कांग्रेस नेता प्रताप सिंह राणे ने मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की गोमांस की पर्याप्त आपूर्ति वाले बयान का बचाव भी किया।
  • गोवा विधानसभा के चल रहे मॉनसून सत्र में बजट से संबंधित चर्चा के दौरान राणे ने कहा कि किसानों को बूढ़ी गायों के निपटान में समस्या हो रही है।
  • राणे ने पर्रिकर की टिप्पणी का भी बचाव किया।
  • उन्होंने कहा था कि यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे कि गोवा में गोमांस की कोई कमी नहीं है।
  • जिससे विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) बेहद नाराज हुआ था।

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राष्ट्रपति के घर में नहीं मिली थी ‘एंट्री’, अब पहुंचेंगे ‘शान’ से!

बीते 17 जुलाई को देश की संसद समेत सभी 31 विधानसभाओं में राष्ट्रपति चुनाव के तहत वोटिंग हुई थी, जिसके बाद गुरुवार को राष्ट्रपति चुनाव में डाले गए मतों की गिनती की गयी थी। गिनती के बाद रामनाथ कोविंद(ramnath kovind) को देश का प्रथम नागरिक घोषित किया गया था। NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने UPA उम्मीदवार को भारी मतों से हराया था।

14वें महामहिम को जब राष्ट्रपति के घर में नहीं घुसने दिया गया था(ramnath kovind):

  • देश को रामनाथ कोविंद के रूप में नए महामहिम मिल चुके हैं।
  • जिन्होंने UPA उम्मीदवार मीरा कुमार को भारी मतों से हराया।
  • लेकिन एक समय ऐसा भी था,
  • जब देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति के घर में घुसने नहीं दिया गया था।

पूरा मामला(ramnath kovind):

  • रामनाथ कोविंद संयोगों की जीती-जागती मिसाल हैं।
  • एक बार भी विधायकी न जीत पाने वाले व्यक्ति ने महामहिम के चुनाव में इतनी बड़ी जीत हासिल की है।
  • ऐसा ही एक संयोग उनके साथ और हुआ है,
  • तकरीबन तीन हफ्ते पहले रामनाथ कोविंद शिमला के प्रेसिडेंट रिट्रीट हाउस में पहुंचे थे।
  • लेकिन उन्हें अन्दर नहीं जाने दिया गया था।
  • दरअसल, प्रेसिडेंट रिट्रीट भारत के राष्ट्रपति का गर्मी की छुट्टियों में आराम करने की जगह है।
  • यह रिट्रीट हाउस शहर से करीब 14 किमी दूर बना हुआ है।
  • राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी हर साल गर्मियों में यहाँ जाते हैं, लेकिन इस बार वे दिल्ली में ही थे।
  • जिसका कारण था कि, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है।
  • लेकिन उनकी गैर-मौजूदगी में रामनाथ कोविंद रिट्रीट हाउस पहुंचे थे।
  • चूँकि, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी वहां नहीं थे इसलिए उन्हें अन्दर जाने से रोक दिया गया।
  • वहीँ स्वाभाव से सीधे-साधे रामनाथ कोविंद बिना इस बात को किसी से बताये वापस आ गए।
  • गौरतलब है कि, रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति चुने जाने से पहले बिहार के राज्यपाल थे।

रामनाथ कोविंद को मिले 2930 वोट:

  • भारत देश के नए महामहिम का चुनाव पूरा हो चुका है।
  • 17 जुलाई को मतदान के बाद गुरुवार को मतों की गिनती की गयी थी।
  • जिसके तहत NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के नए राष्ट्रपति घोषित हो चुके हैं।
  • चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव परिणामों की घोषणा की थी।
  • रामनाथ कोविंद को कुल 2930 वोट मिले थे।
  • जिनकी कुल वोट वैल्यू 7, 02, 044 है।

मीरा कुमार को मिले 1844 वोट:

  • देश के नए राष्ट्रपति के रूप में जनता के प्रतिनिधियों ने NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को चुन लिया है।
  • रामनाथ कोविंद को कुल 2930 वोट मिले थे।
  • वहीँ UPA उम्मीदवार मीरा कुमार को कुल 1844 वोट मिले थे।
  • जिनकी कुल वोट वैल्यू 3, 67, 314 है।

25 जुलाई को लेंगे शपथ:

  • NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं।
  • जिन्होंने मीरा कुमार को 3, 34, 730 वोट के भारी अंतर से हराया।
  • इसके साथ ही नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह 25 जुलाई को आयोजित किया जायेगा।
  • गौरतलब है कि, वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल आगामी 24 जुलाई को खत्म हो रहा है।
  • ज्ञात हो कि, रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश से पहले राष्ट्रपति चुने गए हैं।

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देश के 14वें ‘प्रथम नागरिक’ बने ‘राम’!

भारत के नए महामहिम के लिए पूरे देश में चुनाव बीते 17 जुलाई को संपन्न हुआ था, जिसके बाद गुरुवार 20 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव में हुए मतदानों की गिनती की गयी थी, जिसके तहत मतदानों की गिनती पूरी हो चुकी है और चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों की घोषणा(ramnath kovind wins) कर दी गयी है।

रामनाथ कोविंद बने देश के प्रथम नागरिक(ramnath kovind wins):

  • बीते 17 जुलाई को हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद गुरुवार को मतगणना का कार्यक्रम रखा गया था।
  • जिसके तहत राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है।
  • साथ ही चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम भी घोषित कर दिया गया है।
  • जिसके तहत NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के प्रथम नागरिक बन गए गए हैं।

ramnath kovind wins

रामनाथ कोविंद को मिले 2930 वोट:

  • भारत देश के नए महामहिम का चुनाव पूरा हो चुका है।
  • 17 जुलाई को मतदान के बाद गुरुवार को मतों की गिनती की गयी थी।
  • जिसके तहत NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के नए राष्ट्रपति घोषित हो चुके हैं।
  • चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव परिणामों की घोषणा की है।
  • रामनाथ कोविंद को कुल 2930 वोट मिले।
  • जिनकी कुल वोट वैल्यू 7, 02, 044 है।

मीरा कुमार को मिले 1844 वोट:

  • देश के नए राष्ट्रपति के रूप में जनता के प्रतिनिधियों ने NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को चुन लिया है।
  • रामनाथ कोविंद को कुल 2930 वोट मिले हैं।
  • वहीँ UPA उम्मीदवार मीरा कुमार को कुल 1844 वोट मिले हैं।
  • जिनकी कुल वोट वैल्यू 3, 67, 314 है।

25 जुलाई को लेंगे शपथ:

  • NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं।
  • जिन्होंने मीरा कुमार को 3, 34, 730 वोट के भारी अंतर से हराया।
  • इसके साथ ही नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह 25 जुलाई को आयोजित किया जायेगा।
  • गौरतलब है कि, वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल आगामी 24 जुलाई को खत्म हो रहा है।
  • ज्ञात हो कि, रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश से पहले राष्ट्रपति चुने गए हैं।

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26 की उम्र में 26 संपत्तियों के मालिक हैं तेजस्वी: सुशील मोदी

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने भ्रष्टाचार के मामले में एक बार फिर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी 26 वर्ष की उम्र में 26 संपत्तियों के मालिक हैं।

सुशील मोदी ने साधा तेजस्वी पर निशाना-

  • बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर वार किया।
  • उन्होंने कहा कि तेजस्वी 26 संपत्तियों के मालिक 26 वर्ष की उम्र में ही हैं।
  • दस्तावेजों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी 13 संपत्तियों के मालिक उसी समय बन गए थे, जब वे ‘बिना मूंछ’ (नाबालिग) के थे।
  • बता दें कि लालू के परिवार पर बेनामी संपत्ति को लेकर डेढ़ महीने से मोदी कई खुलासा कर चुके हैं।
  • सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी जब तीन वर्ष के थे तभी दो संपत्तियों के मालिक बन गए थे।
  • इसके अलावा राजद नेता रघुनाथ झा और कांति सिंह ने अपनी करोड़ों रुपये की संपत्ति तेजस्वी को दान की थी
  • वो भी तब जब उनकी उम्र 16 वर्ष थी।
  • तेजस्वी पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि तेजस्वी को नाबालिग रहते करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति दान में लेने में तो कोई हिचक नहीं हुई थी।

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25 हजार करोड़ की लागत से ‘एक्सप्रेस-वे’ बनाएगी योगी सरकार!

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में आगरा-एक्सप्रेस-वे को ऐतिहासिक और अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था, जिसके बाद राज्य की वर्तमान योगी सरकार ने अखिलेश सरकार में बने आगरा-एक्सप्रेस-वे से बड़े एक्सप्रेस-वे(poorvanchal express way) के निर्माण का खाका खींचना शुरू कर दिया है। ऐसा भी दावा किया जा रहा है कि, यह एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा।

लखनऊ से गाजीपुर तक एक्सप्रेस-वे बनाएगी योगी सरकार(poorvanchal express way):

  • योगी सरकार ने अखिलेश के राज में बने एक्सप्रेस-वे से बड़े एक्सप्रेस-वे के निर्माण की योजना बना ली है।
  • जिसके तहत योगी सरकार लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक के लिए एक्सप्रेस-वे बनाएगी।
  • यह एक्सप्रेस-वे तकरीबन 353 किमी लम्बा होगा।
  • साथ ही इस एक्सप्रेस-वे को बनाने में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
  • इस एक्सप्रेस-वे को सरकार द्वारा अगले 3 सालों में बनाया जायेगा।

अखिलेश सरकार से महँगी बनायी जायेंगी सड़कें(poorvanchal express way):

  • योगी सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को बनाने की कवायद शुरू कर दी है।
  • मीडिया में छपी खबरों के अनुसार, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सड़क निर्माण में आगरा एक्सप्रेस-वे से भी ज्यादा का खर्च आएगा।
  • सीधे शब्दों में, पूर्वांचल एक्सप्रेस की प्रति/किमी का खर्च आगरा एक्सप्रेस-वे की प्रति/किमी लागत से ज्यादा होगी।

अखिलेश यादव ने किया था पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव(poorvanchal express way):

  • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव पूर्व की अखिलेश सरकार में ही पारित किया गया था।
  • जिसकी कुल लागत 24, 627 करोड़ होगी।
  • इस हिसाब से प्रति/किमी का खर्च तकरीबन 70 करोड़ रुपये होगा।
  • वहीँ आगरा एक्सप्रेस-वे में यह खर्च 50 करोड़ प्रति/किमी था।

जमीन अधिग्रहण की ऊंची लागत बड़ा फैक्टर(poorvanchal express way):

  • खबरों के मुताबिक, योगी सरकार के लिए जमीन अधिग्रहण एक बहुत ही बड़ा फैक्टर है।
  • गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश की जमीन बहुत ही उपजाऊ है।
  • वहीँ सरकार चाहती है कि, प्रदेश के किसानों को जमीन की अच्छी कीमत मिले।
  • जिसके तहत योगी सरकार जमीन अधिग्रहण में करीब 7 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।
  • जबकि अखिलेश सरकार ने 2900 करोड़ रुपये में जमीन का अधिग्रहण किया था।

अयोध्या-वाराणसी के लिए होगी लिंक रोड(poorvanchal express way):

  • योगी सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारियों में जुटी हुई है।
  • साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में दो लिंक रोड भी बनाये जायेंगे।
  • पहला लिंक रोड अयोध्या के लिए होगा, जो तकरीबन 17 किमी की लम्बाई का होगा।
  • वहीँ दूसरा लिंक रोड तकरीबन 12 किमी का होगा जो एक्सप्रेस-वे से वाराणसी को जोड़ेगा।

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हमारे जज्बातों के साथ जुड़ी है धारा 370: जम्मू-कश्मीर CM

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि ये जो लड़ाई हो रही है इसमें बाहर की ताक़तें शामिल हैं, जब तक पूरा मुल्क और पॉलिटिकल पार्टियां साथ नहीं देती तब तक ये जंग नहीं जीत सकते.

धारा 370 पर बोली महबूबा मुफ़्ती-
  • मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जब वस्तु एवं सेवा कर (GST) पास किया था तब राष्ट्रपति ने साफ़ किया था कि धारा 370 का खास ख्याल रखा जायेगा.
  • उन्होंने कहा कि धारा 370 हमारे जज्बातों के साथ जुडी हुई है.
  • इसलिए राज्य से धारा 370 नहीं हटेगा.
  • मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि ये लड़ाई जो हम लड़ रहे है इसमें बाहर की ताकतें शामिल है.
  • आगे उन्होंने कहा कि अब इसमें चीन ने भी हाथ डालना शुरू शुरू कर दिया गया है.
कश्मीर की समस्या में एकजुट होना ज़रूरी-
  • जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि कश्मीर में हम लॉ एंड आर्डर की लड़ाई नहीं लड़ रहे है.
  • उन्होंने कहा कि मुझे ख़ुशी है कि पॉलिटिकल पार्टियां एक हो गई है.
राजनाथ से मिलने पहुंची महबूबा-

पीडीपी विधायक का ड्राइवर हुआ गिरफ्तार-

  • एक और महबूबा मुफ्ती गृह मंत्री राजनाथ सिंह से राज्य के सुरक्षा हालातों पर चर्चा करने पहुंची है।
  • वहीँ दूसरी तरफ पीडीपी के एक विधायक के ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है।
  • ड्राइवर को अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के आरोप में अरेस्ट किया गया है।
  • श्रद्धालुओं  पर हुए हमले के आरोप में पीडीपी विधायक का ड्राइवर सहित दो तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं।

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अखिलेश बोले, समाजवादी शब्द से ‘चिढ़’ इसलिए ऐसा किया!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व अखिलेश सरकार पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर काफी हमला बोला था। वहीँ भाजपा के ऐतिहासिक बहुमत मिलने के कारणों में ध्वस्त कानून-व्यवस्था भी थी, लेकिन योगी सरकार के प्रदेश में आने के बाद भी सूबे की कानून-व्यवस्था वैसी ही तार-तार है। अपराधी बेख़ौफ़ होकर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। सूबे की वर्तमान कानून-व्यवस्था को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला(akhilesh targeted yogi government) बोला है।

मुख्यमंत्री जी कितने अपराधियों ने छोड़ा प्रदेश?(akhilesh targeted yogi government):

  • सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला है।
  • जिसमें अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछा है।
  • अखिलेश यादव ने पूछा कि, मुख्यमंत्री जी, अब तक कितने अपराधियों ने प्रदेश छोड़ा?
  • उन्होंने आगे पूछा कि, कितने जेल गए और कितने भू-माफिया पकड़े गए।
  • यह सवाल अखिलेश यादव ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान पूछे।

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अपराध बेतहाशा बढ़े हैं(akhilesh targeted yogi government):

  • अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर आगे हमला जारी रखा।
  • जिसमें उन्होंने कहा कि, भाजपा राज में अपराध बेतहाशा बढ़े हैं
  • अपराध पर नियन्त्रण का दावा करने वाले मुख्यमंत्री जी को बताना चाहिए कि, उनकी सरकार ने कितने बड़े अपराधियों को पकड़ा?
  • या कितने भू-माफियाओं और भ्रष्टाचारियों को सरकार ने पकडा?
  • उन्होंने आगे कहा कि, सच ये है कि, अपराधी बेख़ौफ़ हैं और पुलिस का मनोबल गिरा हुआ है।
  • कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर है।

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समाजवादी शब्द से चिढ़ है(akhilesh targeted yogi government):

  • अखिलेश यादव ने आगे योगी सरकार पर समाजवादी योजनाओं को बंद करने को लेकर हमला बोला।
  • जिसमें उन्होंने कहा कि, समाजवादी पेंशन बड़ी योजना थी, जिसे बंद कर दिया गया।
  • अखिलेश यादव ने आगे कहा कि, हमारी योजनाओं में समाजवादी शब्द जुड़ा हुआ है इसलिए सरकार को चिढ़ है।
  • उन्होंने आगे कहा कि, समाजवादी सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया।
  • साथ ही उन्होंने योगी सरकार पर तंज कसा कि,
  • “अब भाजपा सरकार मन्त्र मारकर सभी समस्याओं का समाधान कर देगी।

नोटबंदी-GST समझ नही आ रहे(akhilesh targeted yogi government):

  • अखिलेश यादव ने आगे भाजपा पर नोटबंदी और GST को लेकर हमला बोला।
  • जिसमें उन्होंने कहा कि, भाजपा ने नोटबंदी और GST में उलझा दिया है।
  • GST व्यवस्था किसी की समझ में नहीं आ रही है।
  • साथ ही अखिलेश ने GST को बड़े व्यापारियों के लिए फायदे की चीज बताया।
  • वहीँ किसान की कर्जमाफी को सपा प्रमुख ने भूलभुलैया बताया, और कहा कि, यह किसान के साथ धोखा है।
  • उन्होंने आगे कहा कि, भाजपा का उद्देश्य वोट के लिए नफरत फैलाना है।
  • अखिलेश ने आगे कहा कि, भाजपा ने दिवाली, रमजान, शमशान और कब्रिस्तान की बात उठाकर जनता को भ्रमित किया।
  • गरीब लोगों को उजाड़ा जा रहा है।
  • योगी सरकार और भाजपा गरीबों के विरुद्ध है।

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हरियाणा के सिर बदनामी के और कितने ताज?

वैदिक और सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य निवास, विभिन्न निर्णायक लड़ाइयाँ, महाभारत का युद्ध, गीता का उपदेश, सैनिकों की खान, खाद्यान और दुग्ध उत्पादन में देश का प्रमुख राज्य, कृषि प्रधान प्रदेश, भारत में सबसे अधिक ग्रामीण करोड़पतियों की धरा, खेलों में प्रदेश के छोरों के साथ छोरियों(women security) के उत्कृष्ट प्रदर्शन के अलावा यहां के बाशिंदों ने न जाने कितनी और उपलब्धियां हासिल कर हरियाणा प्रदेश को देश-विदेश में पहचान दिलाई है।

लेकिन बात जैसे ही प्रदेश की लड़कियों और महिलाओं(women security) के साथ आए दिन हो रहे अत्याचार, दुराचार और कन्या भ्रूण को माँ की कोख में ही मार देने की घिनौनी कार्रवाई हो रही है वह प्रदेश को शर्मशार कर देती है। जिस पर सिर्फ सरकार, प्रशासन और समाज ज्ञान और उपदेश ही दे रहा है, बांट रहा है। इस बारे में व्यापक स्तर पर जो काम होना चाहिए और जिसकी दरकार सबसे अधिक है बेटियों को, महिलाओं को, न सिर्फ बचाने की बल्कि उन्हें बचाकर इन्सान के रूप में मानकर उन्हें शिक्षित करते हुए आगे बढ़ाने की। उस बारे में अब काम करना इन तीनों सरकार, प्रशासन, समाज की प्राथमिकता में सबसे ऊपर होना चाहिए। इसके इतर यह अच्छी बात हो रही है कि युवा पीढ़ी इसे गंभीरता से समझते हुए पुरानी परम्परा, मान्यता और सोच को तिलांजली देते हुए लड़के-लड़कियों के रूप में हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। इस बीच ऐसा बिल्कुल नहीं है कि, बीते दशकों में हरियाणा ने प्रगति नहीं की। हरियाणवियों ने बीते वर्षों में आर्थिक प्रगति के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी जबरदस्त तरक्की कर नित नए मुकाम हासिल किए। लेकिन हमारी आर्थिक प्रगति और बढ़ते शिक्षा के स्तर का भी इस समस्या पर कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला। हमारे समाज के हर गली, नुक्कड़ और बाज़ार में लिंग परिक्षण के खुले निजी क्लीनिक तो जैसे कन्या भ्रूण के लिए कसाई घर बन गए। समय-समय पर बनी विभिन्न दलों की सरकारों और अनेक सामाजिक संगठनों ने इस बुराई को खत्म करने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए काफी प्रयास भी किया लेकिन उनके प्रयास हरियाणवियों के अड़ियल रवैये के आगे दम तोड़ते नज़र आए और 2011 की जनगणना के मुताबिक प्रदेश में लिंगानुपात दर 1000 लड़कों के मुकाबले 879 लड़कियों पर ही सिमटकर रह गई।

वर्ष 2014 के आम चुनाव में देश के लोगों ने लगभग एकमत होकर नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी को सत्ता सौंपी। लोकसभा चुनावों के चंद महीनों बाद हुए प्रदेश चुनाव में भी हरियाणा की जनता ने भाजपा में भरोसा व्यक्त कर प्रदेश में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का रास्ता साफ़ किया और मनोहर लाल के रूप में हरियाणा प्रदेश को पहला भाजपाई मुख्यमंत्री मिला। प्रदेश में पहली बार मनोहर लाल के नेतृत्व में भाजपा के पूर्ण बहुमत से सत्ता पर काबिज होने से लोगों में नवाचार की भावना का संचार हुआ और वर्षों से बदनामी का दंश झेल रहे प्रदेशवासियों के चूर हो चुके सपने एक बार फिर जीवंत हो उठे।

नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर पदासीन होने के कुछ महीनों बाद ही उन्होंने हरियाणा एवं देश के अन्य प्रदेशों में गिरती लिंगानुपात(women security) दर को भांप कर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू करने की कवायद शुरू की और 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रव्यापी योजना की घोषणा की । लिंगानुपात में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने एक के बाद एक सुकन्या समृद्धि जैसी कई महत्वकांक्षी योजनाओं को लागू कर देश एवं प्रदेशवासियों को बेटी होने और बेटे-बेटी के लालन-पोषण में होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस राष्ट्रव्यापी अभियान के बाद मनोहर लाल के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार भी हरकत में आई और हरियाणा में महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा के लिए प्रत्येक जिले में महिला पुलिस थानों की स्थापना, प्रत्येक जिले में महिला महाविद्यालय खोलने, बालिकाओं के लिए मुफ्त बस सेवा आदि घोषणाओं से प्रदेश की धूमिल छवि को सुधारने का प्रयास किया। बेटियों को बचाने की मुहिम में प्रदेश के आम लोगों, सामाजिक संगठनों के अलावा जींद जिले के बीबीपुर गाँव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान का ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान की देश के महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने न सिर्फ सराहना की बल्कि अपनी डॉटर शर्मिष्ठा मुखर्जी के साथ अपनी एक सेल्फी भी ‘सेल्फी विद डॉटर’ पोर्टल पर पोस्ट की । जिसे प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया । माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान के ‘सेल्फी विद डॉटर’ कैंपेन का जिक्र अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कर उनकी काफी प्रशंसा की। लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास से असमान लिंगानुपात की चिंता से घिरे हरियाणा प्रदेश में एकाएक बेटियों की जन्म दर बढ़ने लगी और 2016 के दौरान 900 या 900 से अधिक का लिंगानुपात दर्ज किया गया, जिससे भ्रूण हत्या का धब्बा हरियाणा से धुलने लगा।

लेकिन बीते लगभग तीन वर्ष में कई मौके ऐसे आए जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली हरियाणा भाजपा सरकार महिलाओं/बेटियों को लेकर काफी असंवेदनशील(women security) नज़र आई । जाट आरक्षण आन्दोलन के दौरान मुरथल ढाबे पर महिलाओं से रेप की घटना को लेकर सरकार की लम्बे समय तक चुप्पी, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में हरियाणा पुलिस द्वारा घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करना और लगभग 15 दिन बाद मामले के वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल होता देख सरकार एवं प्रशासन की नींद खुलना, सोनीपत में निर्भया जैसे काण्ड की पुनरावृत्ति का होना और पीड़ित परिवार का एफ़आईआर के लिए दर-दर भटकना आदि मुद्दे प्रमुख रहे । इसी वर्ष मई माह की चिलचिलाती धूप में पढ़ने जाते समय आए दिन मनचलों की फब्तियां सुन-सुन कर हार चुकी बालिकाओं का रेवाड़ी के गोठड़ा गाँव में स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए महीने भर के संघर्ष ने देश-विदेश की मुख्यधारा की मीडिया में जगह बनाई । बावजूद इसके प्रशासन और सरकार पूरे मामले की जानकारी होते हुए भी लगभग महीने भर तक मूकदर्शक बनी रही । सरकार की भद्द पिटती देख शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने आनन-फानन में स्कूल अपग्रेड किए जाने की जानकारी अपने फेसबुक अकाउंट के माध्यम से साझा की । लेकिन महीने भर की भूख, प्यास और चिलचिलाती धूप से बच्चियों का आत्मविश्वास इतना गिर चुका था कि उन्होंने सरकार की घोषणा पर भरोसा ना होने की बात कहकर अपना संघर्ष जारी रखा और शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी होने बाद ही अपना अनशन खत्म किया।

लेकिन मामला यहीं नहीं थमा । इसके बाद भी मनोहर लाल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार महिलाओं/बेटियों को लेकर कई मौकों पर असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा को लांघती नज़र आई । पिछले ही महीने प्रदेश सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए छापी जाने वाली मासिक पत्रिका ‘हरियाणा संवाद’ के मुख्य पृष्ठ पर घूँघट की आन-बान, म्हारे हरियाणा की पहचान’ घूँघट में एक घरेलू महिला के चित्र सहित छापकर सरकार एक बार फिर देश-विदेश के मीडिया की सुर्ख़ियों में रही और अपनी भद्द पिटवाती नज़र आई। मामला अभी शांत हुआ भी नहीं था कि अगले ही दिन डीलक्स कंडोम का नाम आशा रखने और उनके वितरण के लिए आशा वर्करों की ड्यूटी लगाये जाने पर सरकार को आशा वर्करों के गुस्से का सामना करना पड़ा और एक बार पुन: मनोहर सरकार महिलाओं को लेकर असंवेदनशील दिखाई दी। इसके अलावा भी ऐसे सैकड़ों मौके आए जिन पर हरियाणावासियों की छवि महिला विरोधी या महिला उत्पीड़न को बढ़ावा देने वालों की बनी।

ऐसे में सरकार के स्तर पर महिलाओं के प्रति बरती गई असंवेदनशीलता के प्रति हम मुंह फेरते हुए चुप होकर बैठ जाएं या फिर खुद के संवेदनशील होने का परिचय देते हुए समाज में इसके प्रति व्यापक स्तर पर और नए सिरे से चेतना फैलाने का काम करें । हमको यह बात मान लेनी होगी कि सामाजिक समस्याओं को खत्म कर आगे बढ़ने का काम समाज का ही है और हम है कि इसके समाधान की मांग सरकार से कर रहे हैं । ऐसे में जब समाज अपने स्तर पर इस काम को हाथ में लेते हुए आगे बढ़ेगा तब सरकार भी अपने कदम समाज के साथ आगे बढ़ाएगी । बहुत स्पष्ट है कि सरकार में बैठे लोग समाज से ही गए हुए लोग है । हम बच्चियों की, महिलाओं की एक इन्सान के रूप में चिंता करें । उन्हें बचाएं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें, उन्हें आगे बढ़ाएं । क्योंकि कोई भी देश, समाज, प्रदेश देश की आधी आबादी(महिलाएं) को साथ लिए बिना आगे नहीं बढ़ सकता। यह बात हमें समझनी होगी।

लेखक: सतीश यादव