21 अप्रैल : जानें इतिहास के पन्नों में आज का दिन क्यों है ख़ास!

21 अप्रैल : जानें इतिहास के पन्नों में आज का दिन क्यों है ख़ास!

भारत का इतिहास हमेशा से ही अपने-आप में एक मिसाल के तौर पर उभरा है. यहाँ पर होने वाली सभी गतिविधियाँ हमेशा से ही अपने साथ इन दिनों की महत्ता लेकर आते हैं. इस देश का इतिहास अपने-आप में एक मिसाल है और हमेशा ही रहेगा. इस देश का हर एक दिन इतना ख़ास रहा है कि यह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है.

मुग़ल सामराज्य की आज के दिन से पड़ी थी नींव :

  • 1526 में आज ही के दिन से भारत में मुग़ल सामराज्य की नींव पड़ी थी.
  • इतिहास कहता है कि आज ही के दिन मुग़ल सम्राट बाबर द्वारा इब्राहम लोधी को हराया गया था.
  • जिसके बाद उनके द्वारा आज ही के दिन दिल्ली व कोहिनूर हीरे पर कब्ज़ा कर लिया गया था.
  • बता दें कि मुग़ल सामराज्य की इस प्रथा को बाबर के बेटे हुमांयू द्वारा आगे बढ़ाया गया था.
  • जिसके बाद हुमांयू के बेटे अकबर ने आगे बढ़ते हुए मुग़ल सामराज्य को नयी ऊंचाई पर ले गए थे.

अन्य कुछ झलकियाँ :

  • 1913 में आज ही के दिन देश की पहली फिल्म राजा हरिश्चंद्र
     को जनता को दिखाया गया था.
  • बता दें कि भारत के इतिहास में बनी पहली फिल्म थी जिसमे केवल हाथों के इशारों से बात हुई थी.
  • इस फिल्म में किसी तरह की आवाजा नहीं थी ना ही किसी ने इसमें डायलाग दिए थे.
  • 1990 में आज ही के दिन प्रसिद्ध मिसाइल क्रुसिएर नाव विभूती का उद्घाटन व प्रक्षेपण किया गया था.
  • 1995 में आज ही के दिन प्रसिद्ध मिसाइल आकाश का सफल प्रक्षेपण किया गया था.
  • 1997 में आज ही के दिन इंदर कुमार गुजराल द्वारा देश के 12वें प्रधानमंत्री पद की शपथ ली गयी थी.

Share it
Share it
Share it
Top