प्रेतबाधा पता चलने पर करें ये उपाय!

आस पास प्रेत शक्तियों के महसूस होने पर आप इन मन्त्रों का इस्तेमाल कर कर सकते हैं।

ओम अपसर्पन्तु ते भूता: ये भूता:भूमि संस्थिता:
ये भूता: बिघ्नकर्तारस्तेनश्यन्तु शिवाज्ञया
अपक्रामन्तु भूतानि पिशाचा: सर्वतो दिशम
सर्वेषामविरोधेन पूजा कर्मसमारभ्भे

देहरक्षामंत्र:

ऊं नमः वज्र का कोठा। 

जिसमें पिंड हमारा बैठा।। 

ईश्वर कुंजी ब्रहमा का ताला। 

मेरे आठों धाम का यती हनुमन्त रख वाला।। 

इसके अलावा भी और कई तरीके हैं जिनके जरिये प्रेतबाधा को दूर किया जा सकता है। नीचे दिए गए उपायों का इस्तेमाल कर प्रेतबाधा से मुक्त हो सकते हैं।

  • पुष्य नक्षत्र में धतूरे के पौधे को उखाड़कर जमीन में इस तरह दबाये कि जड़ वाला भाग ऊपर रहे।
  • रात में भोजन के उपरान्त मंदिर या फिर किसी भी पवित्र स्थान पर कपूर और लौंग जला दें।
  • इस हनुमान मंत्र का जाप करें:

ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी, यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम्‌ क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा।

  • घर में हनुमान चालीसा और गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें।

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