प्रमोद महाजन द्वारा ‘भारतीय लोकतंत्र’ की अनूठी परिभाषा आज भी लोगों को काफी पसंद आती है।

भारतीय जनता पार्टी के एक वक़्त के ‘चाणक्य’ और अटल बिहारी वाजपेयी के बेहद करीबी स्वर्गीय प्रमोद महाजन भी संसद में अपने चुटीले अंदाज़ के लिए जाने जाते थे। अपने वक्तव्य से उन्होंने ना जाने कितनी बार विरोधियों तक के दिल जीत लिए, जिसमें उनके द्वारा दी गयी ‘भारतीय लोकतंत्र’ की अनूठी परिभाषा आज भी लोगों को काफी पसंद आती है।

 

स्वर्गीय प्रमोद महाजन का एक अप्रिय घटना के दौरान निधन हो गया, पर वो सभी के प्रिय थे, कहा जाता है कि आज अगर वो जीवित होते तो मौजूदा सरकार में उनकी सशक्त भूमिका होती।

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