वीडियो: 3 सेकंड मे हुआ हादसा, पैर फिसला और सेल्फी बनी मौत का कारण

सेल्फी को जुनून की तरह नहीं, केवल एक शौक के तौर पर लेना चाहिए। शौक और जुनून के फर्क को समझें, क्योंकि आखिरकार यह केवल एक तस्वीर ही है, इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं।

कोलंबिया एशिया अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के डॉ आशीष मित्तल के अनुसार ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें एक अच्छी तस्वीर लेने के लिए युवा जान जोखिम में डाल लेते हैं। इसे देखते हुए आदत और जुनून में फर्क करना जरूरी है।

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